
2009 से 2024 के बीच चुनाव लड़ने वाली विपक्षी पार्टियों की संख्या ज्यादा हो गई है।
नई दिल्ली: चुनाव अधिकारों से संबंधित संगठन ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) के विश्लेषण से पता चलता है कि 2009 से 2024 के बीच राष्ट्रीय चुनाव लड़ने वाले राजनीतिक दलों की संख्या में 104 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विश्लेषण के अनुसार, 2024 में 751 राजनीतिक दल चुनावी अखाड़े में हैं, जबकि 2019 में 766, 2014 में 464 और 2009 में 368 दलों ने चुनावी लड़ाई लड़ी थी। वर्ष 2009 से 2024 के बीच चुनाव लड़ने वाले राजनीतिक दलों की संख्या में 104 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है। एडीआर और ‘नेशनल इलेक्शन वॉच’ ने इस बार लोकसभा चुनाव लड़ने वाले 8,337 मतदाताओं के हलफनामों का व्यापक विश्लेषण किया है।
राष्ट्रीय स्तर के 1333 उम्मीदवारचुनावी मैदान में
2024 तक चुनाव कुल 8,360 स्वयंसेवक 1,333 राष्ट्रीय दलों से, 532 राज्य स्तरीय दलों से, 2,580 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दलों से तथा 3,915 वैकल्पित उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। विश्लेषण से परिणामों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी भी मिली है। राष्ट्रीय दलों के 1333 मामलों में से 443 ने बताया है कि उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि 295 उम्मीदवार गंभीर आपराधिक मामलों में दोषी हैं। राज्य स्तरीय नेताओं के 532 मामलों में से 249 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि 169 उम्मीदवार गंभीर आपराधिक मामलों में दोषी हैं।
राष्ट्रीय दलों के 906 उम्मीदवार हैं करोड़पति
पंजीकृत गैर-मान्यता वाले पक्षों के 2,580 में से 401 पीड़ितों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं और 316 गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा 3,915 में से 550 अपराधियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं और 411 गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। विश्लेषण में यह भी पता चला है कि सभी 8,337 में से 2,572 उम्मीदवार करोड़पति हैं। राष्ट्रीय दलों के 1,333 में से 906, राज्य दलों के 532 में से 421, पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दलों के 2,580 में से 572 उम्मीदवार तथा 3,915 मतदाता दलों से 673 करोड़पति हैं। (भाषा)
