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- संसद सुरक्षा उल्लंघन मामला अद्यतन; सीआईएसएफ की टुकड़ी | लोकसभा सुरक्षा
नई दिल्ली2 मिनट पहले
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28 मई 2023 को नये संसद भवन का उद्घाटन हुआ।
नई और पुरानी संसद भवन की सुरक्षा में गड़बड़ी मामले के बाद नई और पुरानी संसद भवन की सुरक्षा की जिम्मेदारी सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) से सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआईएसएफ) को सौंपी गई है। 20 मई से सीआईएसएफ के 3300 जवान संसद की सुरक्षा में तैनात रहेंगे।
सीआरपीएफ के संसदीय दल समूह (पीडीजी) ने 17 मई को अपने 1400 जवानों को वापस बुलाया है। साथ ही अपना सारा सबवे और कार्यकारी सामान भी हटा दिया, जिसमें वाहन, हथियार और कमांडो शामिल हैं। सीआरपीएफ के कमांडर, डीआइजी रैंक के अधिकारी ने सुरक्षा से जुड़ी सारी जानकारी सीआईएसएफ को दी है।
एजेंसी के मुताबिक सीआईएसएफ के 3317 युवा संसद के अधिकारी और हमला करने वालों से रक्षा करेंगे। पिछले 10 दिनों से सीआईएसएफ के युवा संसद सुरक्षा की ट्रेनिंग ले रहे थे। एनएसजी के ब्लैक कमांडों के साथ भी प्रशिक्षण दिलवाया गया है।
सीआईएसएफ के जवानों को एंट्री गेट पर चेकिंग, सामान की चेकिंग, बम का पता लगाना और डिफ्यूज करना, आतंकवादी हमलों पर त्वरित कार्रवाई, स्नाइपर टास्क, सार्वजनिक इंट्रेक्शन की ट्रेनिंग दी गई है।
13 दिसंबर 2023 को नए संसद भवन की सुरक्षा में नाकामी के बाद संसद भवन की सुरक्षा में सीआरपीएफ के डीजी की अध्यक्षता में एक समिति की बैठक हुई थी। जिसके बाद सीआईएसएफ ने यह फैसला लिया।
सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सीआरपीएफ के महानिदेशक, दिल्ली पुलिस के लगभग 150 कर्मचारी और संसद सुरक्षा कर्मचारी (पीएसएस) जो संयुक्त रूप से अब तक संसद की सुरक्षा कर रहे हैं। उन्हें वापस भी ले लिया गया है।

सीआरपीएफ को संसदीय दल का दुख, जाने से पहले सेल्फी लें
सीआरपीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि 17 मई को संसदीय परिसर में पीडीजी जवान घायल हो गए थे। क्योंकि अपना सर्वश्रेष्ठ पद के बावजूद उन्हें यह अनुकूल स्थान दिया गया। सोलो ने यहां से जाने से पहले देश के लोकतंत्र के सर्वोच्च मंदिर संसद भवन की लोकतांत्रिक रक्षा करने की याद में तस्वीरें ली और सेल्फी भी लीं।
उन्होंने कहा कि साल 2001 के आतंकवादी हमलों के दौरान सीआरपीएफ की टीम ने अन्य सुरक्षा फिल्मों के साथ मिलकर आतंकवादी के साथ मिलकर मुकाबला किया था। इस घटना में सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गए। कुछ को गैलेंट्री पुरस्कार दिए गए थे।
संसद की इन जगहों पर रहेंगे सीआईएसएफ की मस्जिद
सीआईएसएफ के सशस्त्र बल के छोटे संसद भवन के सभी प्रवेश द्वार और चर्च गेट, वाट टॉवर पर रहेंगे। इसके साथ ही डॉग स्क्वायड, फायर ब्रिगेड के साथ फायर टेंडर की स्थापना की गई है। कैसल को पास सेक्शन के साथ-साथ ब्लूटूथ मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम और कम्युनिकेशन सेंटर में स्थापित किया गया है।
सीआईएसएफ के पुरुष और महिला जवान जो साझे में हैं, उनकी पोशाकें अलग-अलग रहेंगी। वे सफारी सूट के अलावा सेक्सी नीले रंग की पूरी एस्टाज़ वाली शर्ट और भूरे रंग की पैंट पहने दिखेंगे।

अभी तक सीआरपीएफ की पीडीजी यूनिट संसद भवन की सुरक्षा में तैनात थे।
पीडीजी-पीएसएस को अलग से मंजूरी दी जा सकती है
पीडीजी से सीआरपीएफ की 6वीं बटालियन के सुरक्षा विंग के साथ जुड़ने की उम्मीद है। वहीं, पीएसएस को केंद्र सरकार की ओर से अन्य मस्जिदों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। कुछ पीएसएस कर्मचारियों को मार्शल ड्यूटी के लिए लॉर्ड्स की लॉबी के सुदृढ़ीकरण के लिए रखा जा सकता है, लेकिन बाकी पर अंतिम निर्णय अभी लिया जाना बाकी है।
13 दिसंबर 2023 को नए संसद भवन की सुरक्षा में गड़बड़ी हुई थी
13 दिसंबर 2023 को संसद पर आतंकवादी हमलों की 22 वीं सदी में नई संसद भवन की 2 पट्टों ने अपने जूतों से छुपे हुए पीले जादू भवन में फैलाया था। पूरे घर में भगदड़ मच गई थी। ये लोग 5 लेयर की सुरक्षा दोस्ती में घुसे हुए थे और धमाका किया गया था।
वहीं, इनमें से दो अन्य सहयोगियों को संसद के बाहर प्रदर्शन करते हुए पकड़ा गया था। पूरी खबर पढ़ें…

13 दिसम्बर 2001 को संसद पर हमला हुआ था
13 दिसंबर 2001 को संसद में विंटर सेशन चल रहा था। सरकार के 11:02 बजे के बाद महिला प्राकृतिक बिल पर सदन का अधिकार समाप्त कर दिया गया। इसके बाद उस समय के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और लोकतांत्रिक नेता सोनिया गांधी संसद से जा चुके थे।
करीब साढ़े 11 बजे वाइस गार्ड्स उनके बाहर आने का इंतजार कर रहे थे और इतने ही व्हाइट एम्बेसडर में सवार 5 मेमोरियल गेट नंबर-12 से संसद के अंदर घुसे चले गए। उस समय वैज्ञानिक गार्ड निहत्थे हुए थे।
ये सब देखकर गार्ड ने उस एम्बेसडर कार के पीछे दौड़ लगा दी। तभी देवी की कार उपाध्यक्ष की कार से टकरा गई। झटकेदार नेट ने अंधेधुंध फायरिंग शुरू कर दी। एके-47 के पास एक ग्रेनेड और ग्रेनेड थे, जबकि लुक गार्ड निहत्थे थे। पूरी खबर पढ़ें…


