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- ओडिशा बीजेडी नेता वीके पांडियन साक्षात्कार अपडेट; नवीन पटनायक | पीएम मोदी बीजेपी कांग्रेस
2 मिनट पहले
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ओडिशा की लड़ाई इस बार दिलचस्प है। करीब एक दशक से यहां बीजी की सरकार और नए पटनायक मुख्यमंत्री हैं। हालांकि इस बार ओडिशा के चुनाव में जिस ‘शक्तियत’ की सबसे ज्यादा चर्चा है, वे हैं वी. कार्तिकेयन पांडियन। कुछ महीने पहले ओलंपिक की नायकी से वी स्ट्राइक लेकर बीजेडी में शामिल पांडियन पार्टी में पटनायक के बाद नंबर-2 हैं।
इस चुनाव में पांडियन ने बीजेडी की ओर से प्रचार की कमान संभाली है। यही कारण है कि भाजपा और कांग्रेस के सबसे बड़े समर्थक भी यही हैं।
शुक्रवार को भुवन से झारसुगुड़ा जाने वक्ता ने दैनिक भास्कर के प्रदीप पांडे से बीजेदी (बीजू जनता दल) और भाजपा के भाईजान से लेकर पार्टी के गठबंधन और निर्वाचित लोगों पर फ्रैंक बात की। बेस्ट पॉलिटिशियन किसी भी हिंदी मीडिया से यह पांडियन का पहला साक्षात्कार आ रहा है।
पढ़ें इसके सारांश अंश…
1 – रिसाइकिल की नौकरी ठीक राजनीति में आ गए हैं और आइए ही बीजेडी के लिए कड़ी चुनौती मिल रही है?

मैंने कभी राजनीति में आने की नहीं सोची थी। कोविड के बाद मुख्यमंत्री जी ने पूरे राज्य में मेरिलांस सेल को डिसेंट्रालाइज करने का काम शुरू कर दिया, तो मैंने पूरे राज्य का दौरा किया। लोगों की कहावतें, उनके मित्र मित्र। फिर मुख्यमंत्री जी ने राजनीति में आने का निर्देश दिया तो मैं राजनीति में उनका सहयोग लेने आ गया। वैसे भी ब्यूरोक्रेसी हो या पॉलिटिक्स। काम तो दोनों में जनता की सेवा ही है। बाकी रही चुनौती की बात तो, हम जीत रहे हैं।
2- पटनायक परिवार में क्या बीजी नहीं आएगी?
नवीन बाबू पूरे ओडिशा को अपना परिवार मानते हैं। उनके पिता बीजू पटनायक जी ने भी अपने परिवार से किसी को नहीं जोड़ा। नवीन बाबू उनके निधन के बाद राजनीति में आये।
3- क्या आप तमिलनाडु के हैं, ओडिशा की राजनीति के लिए आउट साइडर नहीं हैं?
आउट साइडर की परिभाषा क्या होगी? मैं जन्म से भारतीय हूं। 24 साल से मेरी कर्मभूमि ओडिशा है, मेरी पत्नी उड़िया हैं। मेरे बच्चों की मातृभाषा ओडिया है। मेरे भगवान महाप्रभु जगन्नाथ हैं और गुरु नये बाबू हैं। मैं कैसे आउट साइडर हूं?
4- क्या बीजेडी और बीजेपी के बीच कोई समझौता हुआ है?
किसी के आरोप का जवाब नहीं, बल्कि पूरे मन से चुनाव लड़ें और पूरी ताकत से लड़ें। पिछले 15 दिनों से चुनावी प्रचार चल रहा है। बीजेड़ी और भाजपा दोनों एक दूसरे पर समर्थक हैं। एकाएक में तो ऐसा नहीं होता। वैध, नवीन पटनायक भाषा और व्यवहार की लाइन पार नहीं करती।
5- बीजी-भाजपा में कुछ न कुछ तो रिश्ता है, इसे ‘शादी, लिव इन, स्टेप इनकैनवीनियन्स या कमिटेड राजभवन’ क्या कहें?
इनमें सबसे अलग…दोनों के बीच चुनाव से पहले जो बातचीत हुई वह दो स्टेट्समैन (पीएम नरेंद्र मोदी और नए पटनायक) का निजी रिश्ता था। इसका कॉन्सेप्ट ओडिशा के लोगों की पसंद है। बाकी हमारी मशीनरी बैटल वॉर रूम से जमीन तक चल रही है।

6- कई लॉजिस्टिक और स्कॉलरशिप पर बीजेडी ने बीजेपी को दिया समर्थन, आगे भी होगा ऐसा?
हमने कुछ वास्तुशिल्पियों का समर्थन किया तो अनेकों ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल लिया। हमने किसान बिल का विरोध किया था. वैल्यूएशन के इश्यू पर भी हमारा रुख अलग है। आप देखिए, किसान बिल वापस ले लिया गया, जानवर नहीं आया। मुख्यमंत्री पटनायक कह चुके हैं कि नैतिकता ठीक नहीं है। आगे भी जो फैसला देश और ओडिशा के खिलाफ होगा, हम उसका विरोध करेंगे।
7- नामांकित नामांकित दावेदारों को सही मान्यता है या भारत को?
दोनों बड़े राजनीतिक दल चुनाव में ऐसे सूची लेकर गए, जिसमें देश की 90 फीसदी आबादी का मतलब नहीं है। भाजपा और कांग्रेस दोनों 80-90 के दशक के सिद्धांतों पर लड़ रहे हैं। रोबोटिक्स और बेरोजगारी जैसे उत्पाद मुद्दे गायब हैं। वर्ल्ड बैंक, सभी कह रहे हैं कि भारत में बेरोजगारी 45 साल के सर्वोच्च स्तर पर है।
यूथ, न्यू इंडिया, न्यू वर्ल्ड, सुपरस्टार पावर बनना और रोजगार पर कब बात होगी? यूथ देश का डेमोग्राफिक डिविडेंट है, उसका उपयोग हम पिछवाड़े में कर रहे हैं। राजनीतिक दल कमियां पद के लिए जाति, धर्म, क्षेत्र जैसे संदेश मुद्दे उठा रहे हैं। 2014 और 2019 में भी यहां बीजेपी और कांग्रेस ने एग्रेसिव योजना बनाई, लेकिन फेल रही। बीजेडी अपनी टेस्टेड रणनीति पर है।
8- बीजेपी ने दिग्गज नेताओं को पद से हटा दिया है, कांग्रेस के भी बड़े नेता आ गए हैं?
ये सब इलेक्शन टूरिस्ट हैं। बीजेपी के भी और कांग्रेस के भी। हर पांच साल पर आते हैं, आते थे और आगे भी पांच साल बाद ही आते हैं। आप 2022 का पंचायत चुनाव देखें सभी 30 जिला परिषद का स्वागत करें। यह हमारा रिपोर्ट कार्ड है
8- आपने कहा था कि नवीन बाबू भारत रत्न के साथ कोई समझौता नहीं कर सकता?
मेरा ही नहीं, पूरे ओडिशा का मानना है कि बीजू पटनायक जी को सबसे पहले भारत रत्न मिलना चाहिए था। इसमें बहुत देरी हो चुकी है।

9- ज्यादातर एफएमसीजी दल भाजपा पर एचडी-सीबीआइ के अल्पसंख्यकों का आरोप लगाते हैं, पर बीजेडी इस पर कभी नहीं बोलती?
पिछले विधानसभा चुनाव से पहले (2017-18) ओडिशा में भी अचानक जांच में गड़बड़ी हुई थी। तब बीजेदी ने सवाल उठाया था। अभी यहां ऐसा नहीं है, इसलिए नहीं बोल रहे हैं। बीजेडी प्रोटोटाइप लड़ाई में कोई पुलिस का इस्तेमाल नहीं किया जाता है और कोई सही सहायक नहीं है
10- बीजेपी के कई बड़े नेता बीजेपी में चले गए. ऑपरेशन लोटस का खतरा क्या है?
बीजेपी खुद को 30-40 से ज्यादा वोट नहीं दे रही है। असल में ऐसी ही एक झलक नहीं बोली कि वो सरकार बनाने की सोच।
11- बीजेपी कह रही है कि 10 जून को उनका मुख्यमंत्री शपथ लेगा?
आप लिखते रहिए, नौ जून को नवीन बाबू फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते रहिए, ऐसा नहीं हुआ तो मैं राजनीति से संत ले लूंगा। क्या बीजेपी नेता ऐसा दावा कर सकते हैं?
12- क्या बीजेडी जगन्नाथ मंदिर निर्माण में निवेश शामिल होगा?
बीजेड़ी और नया बाबू ही नहीं, आम ओडिशावासियों का मानना है कि जो कुछ हुआ वह सब महाप्रभु जगन्नाथ की इच्छा से हुआ। उसका क्रेडिट हम कैसे ले सकते हैं? सीएम ने राज्य में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई के साथ पवित्र स्थलों का नवीनीकरण किया है। पर कभी भी क्रेडिट नहीं लिया गया
13-ओडिशा में 24 साल से बीजी सरकार है, इस बार लोग फिर आपने क्यों चुना?
कभी ओडिशा का नाम भुखमरी, बच्चों की बिक्री और दायित्व हिंसा के लिए आया था, तो नए बाबू ने ओडिशा को बदल दिया। अब लोग इसे बेहतरीन आपदा प्रबंधन सिस्टम, हॉकी स्टेट और जांच हब के रूप में जानते हैं। आगे सबसे बड़ी योजना युवाओं के लिए है। देश में पहली बार हम युवा बजट आ रहे हैं।
पहली बार कोई स्टेट अपना नास्तिक रिज़र्स छात्रों के लिए इस्तेमाल के लिए खोला जाएगा। एक लाख करोड़ का बजट होगा। इसमें हर साल 1000 करोड़ रुपये का बजट छात्र खुद खर्च करते हैं। उत्पाद के छात्र खुद तय करेंगे कि इसका उपयोग कैसे करें। आप इसे दूसरे राज्य में फॉलो करेंगे।
14- क्या आप नवीन पटायक के उत्तराधिकारी हैं?
वे मेरे गुरु हैं। मैं सिर्फ मुख्यमंत्री को उनके दृष्टिकोण में सहायता करने के लिए राजनीति में आया हूं।
