जयपुर. राजधानी जयपुर स्थित प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल सवाई मानसिंह अस्पताल में लोगों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए लगातार नए नवाचार किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में अस्पताल के अलग-अलग विभागों में विभिन्न बीमारियों के लिए इंस्टीट्यूट और अत्याधुनिक सेंटर शुरू किए जा रहे हैं. हाल ही में सवाई मानसिंह अस्पताल में जेनेटिक टेस्टिंग लैब और टॉक्सिकोलॉजी लैब की शुरुआत की गई थी. अब खूबसूरत दिखने की चाह रखने वालों और चर्म रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए देश का पहला सरकारी कॉस्मेटिक लेजर इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी जल्द शुरू होने जा रहा है.
डर्मेटोलॉजी विभाग में मिलेंगी ये खास सुविधाएं
चरक भवन में तैयार इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी विभाग में चर्म रोग से संबंधित मरीजों के लिए खासतौर पर लेजर तकनीक में डायोड, फ्रेक्शनल कार्बन डाइऑक्साइड, एक्साइमर और एनडी-याग मशीनें स्थापित की गई हैं. इससे जन्मजात कॉस्मेटिक बीमारियों का इलाज आसान होगा. इसके अलावा डर्मेटोलॉजी विभाग में पीआरपी पद्धति से बाल उगाने की सुविधा, हाइफू मशीन से स्किन टाइट कर झुर्रियां हटाने, लेजर पद्धति से सफेद दाग और सोरायसिस का इलाज तथा रेडियो फ्रीक्वेंसी से चर्म रोगों का बेहतर उपचार किया जाएगा. इस विभाग के शुरू होने के बाद मरीजों को निजी कॉस्मेटिक संस्थानों में लाखों रुपये खर्च कर होने वाला इलाज अब कम खर्च में उपलब्ध हो सकेगा.
इन खास मशीनों से होगा चर्म रोग का इलाज
सवाई मानसिंह अस्पताल में तैयार हो रहे इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी में इलाज के लिए लेजर और कॉस्मेटिक प्रक्रियाओं से जुड़ी आधुनिक मशीनों की सुविधा होगी. इनमें चमड़ी के रोगों की गहराई से जांच के लिए डर्मास्कोप, बाल झड़ने के कारण, मोटाई और स्कैल्प की जांच के लिए ट्राइकोस्कोप, स्किन से अनचाहे बाल हटाने के लिए डायोड लेजर, चेहरे के गड्ढे भरने और मस्से हटाने के लिए फ्रेक्शनल कार्बन डाइऑक्साइड लेजर, सफेद दागों के इलाज के लिए फोटोथेरेपी और टैटू व बर्थमार्क जैसे निशान हटाने के लिए एनडी-याग लेजर की सुविधा मिलेगी. चिकित्सा अधिकारियों के मुताबिक, इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी सरकारी स्तर पर देश का पहला और विदेश में लंदन के बाद दूसरा संस्थान होगा. यहां सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की भी योजना है, जहां इलाज के साथ डॉक्टरों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी.
हर साल चरक भवन में आते हैं 4 लाख मरीज
सवाई मानसिंह अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुसार अस्पताल के चर्म रोग विभाग में हर साल करीब 4 लाख मरीज इलाज के लिए आते हैं. बढ़ती मरीज संख्या को देखते हुए अस्पताल में इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी शुरू किया जा रहा है, जिससे लाखों लोगों को फायदा मिलेगा. इंस्टीट्यूट शुरू होने के बाद लोगों को खासतौर पर सफेद दाग के लिए एक्साइमर तकनीक से आसान इलाज, रिसर्च की सुविधा और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए बेहतर दवाइयां उपलब्ध होंगी. इसके साथ ही निजी कॉस्मेटिक सेंटर्स पर महंगे इलाज से राहत मिलेगी और मरीजों के पैसे की बचत भी होगी. यहां लोगों को सस्ता और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराया जाएगा.





