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No VIPs in Kedarnath and Badrinath till May 31 | केदारनाथ-बद्रीनाथ में 31 मई तक VIP दर्शन नहीं: गंगोत्री-यमुनोत्री रूट पर 12 से 15 घंटे तक जाम; अब तक 28 लाख रजिस्ट्रेशन

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4 मिनट पहले

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चित्र भगवान धाम की है।  10 मई को कपाट खुलते समय यहां भक्तों की भारी भीड़ थी।  - दैनिक भास्कर

चित्र भगवान धाम की है। 10 मई को कपाट खुलते समय यहां भक्तों की भारी भीड़ थी।

चारधाम यात्रा के लिए केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में भक्तों की भीड़ प्रशासन के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है। भारी भीड़ को देखते हुए उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने वीआईपी दर्शन पर लगाई रोक को 31 मई तक बढ़ा दिया है। पहले यह रोक 25 मई तक लगी थी।

दो दिन में उत्तराखंड सरकार 5 बड़ी बैठकें कर चुकी है, लेकिन यमुनोत्री और गंगोत्री मार्ग पर लंबे समय तक सीमेंट का समाधान नहीं मिल पा रहा है। हालांकि इतनी राहत जरूर है कि दो दिन पहले सीमेंट में जो समय 20 से 25 घंटे लग रहा था, वो अब कम हो गया है।

गुरुवार को उत्तरकाशी से गंगोत्री के 99 किमी और बरकोट से यमुनोत्री के 46 किमी रूट पर करीब 3 हजार किमी की दूरी पर 12 से 15 घंटे तक प्रतीक्षा करें। सबसे ज्यादा समस्या यमुनोत्री हाईवे पर पालीगाड के पास बनी हुई है। यहां 12-12 घंटे की देरी हो रही है। मार्ग संधारित्र हैं और मोटर चालक अधिकतर हैं, इसलिए रविवार को पूरी रात परिवर्तन चालू रहा। यात्रियों ने रात की गाड़ी में ही बिताई।

इससे पहले, चार धामों में वीडियो शूट पर आ रही यात्राएं लेकर राज्य सरकार का रुख 5 घंटे में दो बार बदला। पहले मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि 200 मी. के दस्तावेज़ में वीडियो या रीलें महंगी नहीं बनतीं। फिर से सीएम ने की समीक्षा बैठक की बैठक।

इसके बाद जो ऑर्डर आया, उसमें 200 मीटर की जगह 50 मीटर लिखा गया। ब्रह्मांड में गुरुवार को 28 हजार, बद्रीनाथ में 12,231, यमुनोत्री में 10,718 तो गंगोत्री में 12,236 लोगों ने दर्शन किये। अब तक चारों धामों में 3.98 लाख लोग दर्शन कर चुके हैं। 28 लाख से ज्यादा लोग भर्ती करा चुके हैं।

यमुनोत्री धाम में बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

यमुनोत्री धाम में बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

बैरियर्स पर दो से तीन घंटे रोक रहे

  • गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोनगाड़ से भैरव घाटी के बीच भारी गांजा जाम है। यहां गाड़ी पास होने में 2-3 घंटे लग रहे हैं।
  • नगुण बैरियर, डुंडा, उत्तरकाशी, तेखला, हीना के अलावा यमुनोत्री को जोड़ने वाले हाईवे के दमता बैरियर और बारकोट दोबाटा पर एक-एक घंटा चलें।
  • प्रशासन ने गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग से कई बाधाएं हटाईं। इससे बरकोट, नेताला, गंगोरी, नौगांव, ब्रह्मखाल, रेडियोटॉप, ओरछा बैंड, सिलक्यारा क्षेत्र में गुरुवार को लंबा जाम नहीं लगा। एक से दो घंटे में ढाँचा पास होता है।
  • यमुनोत्री रूट पर दमता बैरियर पर चौथी लाइन में लगे रहे वाहन। जाम में लोगों को परेशानी नहीं हो, इसलिए उत्तरकाशी प्रशासन ने खाने के बर्तन, पानी की बोतलें बांटवाईं। 8 टॉयलेटरीज़ भी लगाए गए हैं।

400 डॉक्टर एसेट, इनके 256 डॉक्टर
पहली बार चार धाम यात्रा मार्ग 400 से अधिक दार्शनिकों की ओर से है। इनमें 256 मेडिकल ऑफिसर और विशेषज्ञ डॉक्टर हैं। फिर भी लापता यात्रा में कम से कम 7​ दिन का जुनून, ताकि घटते-बढ़ते तापमान में शरीर ढलता रहे।

उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग ने एड्री में कहा है कि चारों धाम 3 हजार मीटर ऊपर हैं और खंडों पर रुक-रुक कर चट्टानें हो रही हैं। इसलिए आख़िरकार 7 दिन का प्लैटिनम निकलें।

आम दर्शन से 6 घंटे पहले गर्भगृह में जाते हैं मुख्य पुजारी
आस्था धाम के संत अविराम दास महाराज ने बताया कि हर साल पाट से पहली रात 12 बजे मुख्य रावल 5-6 वेदपाठी ब्राह्मणों के साथ मंदिर में प्रवेश किया जाता है। मंदिर को बाहर से बंद कर दिया गया है। फिर गर्भगृह में पंचमुखी विद्या से मंत्रों के द्वारा ज्योतिर्लिंग में प्राण पुन: स्थापित किये जाते हैं। गर्भगृह की साफ-सफाई होती है। भगवान की षोडशोपचार पूजा के बाद कपाट आम दर्शन के लिए जाते हैं।

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