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Nitin Nabin resignation: बिहार की राजनीति में एक अहम बदलाव की औपचारिक शुरुआत होने जा रही है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन आज बांकीपुर विधानसभा सीट से इस्तीफा देने जा रहे हैं. इस बीच नितिन नवीन ने अपनी विधानसभा सीट बांकीपुर की जनता को संबोधित करते हुए एक भावुक पोस्ट लिखा है जो इस राजनीतिक घटनाक्रम को और भी खास बना रहा है.
बांकीपुर विधानसभा सीट से इस्तीफे से पहले नितिन नवीन का भावुक संदेश
पटना. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने स्पष्ट किया है कि नितिन नवीन अपना इस्तीफा उन्हें पहले ही सौंप चुके हैं और वह इसे आज बिहार विधानसभा अध्यक्ष को सौंप देंगे. उन्होंने बताया कि रविवार होने और नितिन नवीन के असम दौरे पर रहने के कारण इस्तीफा सीधे नहीं दिया जा सका. अब तय समय के अनुसार आज यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. इस बीच नितिन नवीन ने अपने इस्तीफे से पहले एक भावुक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने अपने 20 साल के राजनीतिक सफर को याद किया. बता दें कि 2006 में पिता के निधन के बाद उपचुनाव से राजनीति में कदम रखने वाले नितिन नवीन लगातार पांच बार विधायक चुने गए. अपने पोस्ट में उन्होंने अपने क्षेत्र बांकीपुर को “परिवार” की तरह बताया और जनता के सहयोग को अपनी सबसे बड़ी ताकत कहा.
20 साल का सफर, भावुक शब्दों में विदाई
इस्तीफे से पहले नितिन नवीन ने एक लंबा और भावुक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने अपने 20 साल के राजनीतिक सफर को याद किया. उन्होंने बताया कि 2006 में पिता के आकस्मिक निधन के बाद पार्टी ने उन्हें उपचुनाव लड़ने का मौका दिया और वहीं से उनके सार्वजनिक जीवन की शुरुआत हुई. तब से लेकर अब तक वह लगातार पांच बार विधायक चुने गए और जनता की सेवा करते रहे.
‘जनता ने ही रास्ता दिखाया’
अपने संदेश में उन्होंने लिखा कि जनता ने न सिर्फ समस्याएं बताईं, बल्कि उनके समाधान का रास्ता भी दिखाया. कार्यकर्ताओं ने उन्हें परिवार के सदस्य की तरह सहयोग दिया. उन्होंने बांकीपुर की जनता को “देवतुल्य” बताते हुए कहा कि इसी विश्वास और समर्थन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है.
नई भूमिका में भी सक्रिय रहने का भरोसा
नितिन नवीन ने यह भी स्पष्ट किया कि विधायक पद छोड़ने के बावजूद उनका जनता से रिश्ता खत्म नहीं होगा. उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें नई जिम्मेदारी दी है और वह उसी के माध्यम से बिहार और देश के विकास में योगदान देते रहेंगे. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम करने के अनुभव को भी अहम बताया.
बांकीपुर और बिहार के मेरे सभी परिवारजन एवं कार्यकर्ता साथी,
जनवरी 2006 में पिताजी के आकस्मिक निधन के बाद पार्टी ने मुझे पटना पश्चिम से उपचुनाव लड़ने का अवसर दिया और दिनांक 27 अप्रैल 2006 को मैं पहली बार पटना पश्चिम क्षेत्र से निर्वाचित होकर सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन की शुरुआत… pic.twitter.com/IHhLpd0aJD





