23 देशों में फैला कोविड का नया वेरिएंट सिकाडा, इस पर वैक्सीन भी बेअसर ! क्या आपको भी इसका खतरा?


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BA.3.2 Omicron Subvariant: अमेरिका के बाद कोरोना का नया वेरिएंट BA.3.2 कई अन्य देशों तक फैल गया है. अब तक 23 देशों में इस वेरिएंट के मरीज मिले हैं. एक्सपर्ट्स ने इसे सिकाडा नाम दिया है और यह वेरिएंट बेहद तेजी से फैलता है. इसमें 70 से ज्यादा म्यूटेशन पाए गए हैं, जिसकी वजह से यह कोरोना की मौजूदा वैक्सीन को चकमा दे सकता है.

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कोविड का नया वेरिएंट सिकाडा तेजी से फैल रहा है.

New Cicada Variant Symptoms: जब भी कोरोना वायरस खत्म होने की कगार पर होता है, तब कोई नया वेरिएंट फैल जाता है और लोगों को तेजी से अपना शिकार बना देता है. पिछले कुछ सप्ताह से दुनियाभर में कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट का नया सब-वेरिएंट BA.3.2 तेजी से फैल रहा है. दक्षिण अफ्रीका में पहली बार पहचान किए जाने के बाद यह वेरिएंट अब तक अमेरिका और यूरोप सहित दुनिया के 23 देशों में पैर पसार चुका है. हेल्थ एक्सपर्ट्स ने इस वेरिएंट को सिकाडा (Cicada) नाम दिया गया है. सिकाडा वेरिएंट की सबसे चौंकाने वाली बात इसमें मौजूद म्यूटेशन की संख्या है. इसमें करीब 70 से 75 म्यूटेशन पाए गए हैं, जो इसे पिछले सभी वेरिएंट्स से ज्यादा संक्रामक बना सकती है.

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक सिकाडा वेरिएंट में लगभग 70 से 75 म्यूटेशन देखे गए हैं, जो मुख्य रूप से इसके स्पाइक प्रोटीन में स्थित हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि म्यूटेशन की यह असामान्य संख्या इसे मौजूदा वैक्सीन को चकमा देने में सक्षम बनाती है. अमेरिका के 25 राज्यों में इसके मामले पाए गए हैं और वहां एयरपोर्ट के वेस्ट वॉटर और पैसेंजर्स के सैंपल्स में इसकी पुष्टि हुई है. इतनी अधिक म्यूटेशन दर के कारण ही इसे वेरिएंट अंडर वॉच की कैटेगरी में रखा गया है. राहत की बात यह है कि अभी तक सिकाडा वेरिएंट से संक्रमित होने पर गंभीर कॉम्प्लिकेशन के मामले नहीं देखे जा रहे हैं. अधिकांश मामले हल्के से मध्यम श्रेणी के हैं. अस्पताल में भर्ती होने की दर में भी कोई असामान्य वृद्धि दर्ज नहीं की गई है.

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सिकाडा वेरिएंट के लक्षणों की बात करें, तो इसके लक्षण काफी हद तक पिछले ओमिक्रॉन वेरिएंट जैसे ही हैं. इससे संक्रमित व्यक्तियों में मुख्य रूप से गले में खराश, अत्यधिक थकान, बुखार, खांसी और बदन दर्द जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं. अधिकतर लोगों को संक्रमित होने पर गले की खराश की समस्या सबसे ज्यादा हो रही है. कुछ रेयर मामलों में रात में पसीना आना, त्वचा पर चकत्ते और स्वाद या गंध का जाना भी रिपोर्ट किया गया है. अगर आपको ऐसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत जांच करानी चाहिए. राहत की बात यह है कि सिकाडा वेरिएंट तेजी से फैल रहा है, लेकिन अभी तक यह दुनिया भर में डोमिनेंट स्ट्रेन नहीं बना है.

भारत की बात करें तो फिलहाल घबराने की कोई जरूरत नहीं है. देश में अभी सिकाडा वेरिएंट का कोई मरीज नहीं देखा गया है. हालांकि अंतरराष्ट्रीय ट्रैवलिंग के कारण यह वेरिएंट फैल सकता है. ऐसे में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत की बड़ी आबादी को वैक्सीन लग चुका है, जिससे इससे बचाव में मदद मिल सकती है. अभी भी मौजूदा वैक्सीन गंभीर बीमारी और मौत के जोखिम को कम करने में अत्यधिक प्रभावी हैं. इससे बचने के लिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें, घर से बाहर जाते वक्त मास्क पहनें, हाथों को बार-बार धोएं और लक्षण दिखने पर जल्द से जल्द जांच कराएं. सतर्क रहकर हम कोरोना के किसी भी नए खतरे को टाल सकते हैं.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



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