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ncert includes details on ghaznavi in class 7th book removing just one para | NCERT की किताब में गजनबी पर 6 पेज होंगे: पहले एक पैरा था; 7वीं की किताब में मथुरा, कन्नौज मंदिर लूट और सोमनाथ डिमॉलिशन जुड़े

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  • एनसीईआरटी ने कक्षा 7वीं की किताब में सिर्फ एक पैराग्राफ को हटाकर गजनवी पर विवरण शामिल किया है
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एनसीईआरटी ने 7वीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की किताबों में नए बदलाव किए हैं। सिलेबस में महमूद गजनबी के भारत पर आक्रमणों के विषय को चकमा दिया गया है। इससे पहले पुस्तक में गज़नबी पर केवल एक ही स्टाक था। लेकिन नई किताब में 6 पन्नों का एक नया खंड जोड़ा गया है।

पुस्तक में महमूद गजनबी और उनसे जुड़े कालखंडों के बारे में और विस्तार से बताया गया है। नए सिलेबस कीबुक 2026-27 सत्र में अध्ययन किया जा सकता है।

एनसीईआरटी की 7वीं कक्षा की नई पुस्तक के पेज।

एनसीईआरटी की 7वीं कक्षा की नई पुस्तक के पेज।

गैर-मुसलमानों का ग़ैर-मुसलमानों का हुलिया बताया

नई किताब एक्सप्लोरिंग सोसाइटीज़: इंडिया एंड बियॉन्ड में लिखा गया है कि, गज़नबी ने हिंदू धर्मग्रंथों में हमलों कर बयानों की, इस्लाम धर्म का प्रचार और गैर मुसलमानों की हत्या की।

पुरानी पुस्तक में इसी विषय पर केवल एक शिलालेख था जिसमें बताया गया था कि राजशाही ने बड़े-बड़े मंदिर बनाकर अपनी शक्ति और कलाकृति का प्रदर्शन किया था, लेकिन कई विदेशी शासकों ने उन संग्रहालयों पर आक्रमण किया जो संग्रहालय बने थे। महमूद गज़नबी इसमें सबसे प्रमुख थे।

नई किताब में मथुरा मंदिर लूट, सोमनाथ मंदिर लूट शामिल है

नई किताब ‘गजनबी इनवेस्टमेंट’ में टॉपिक बॉक्स और पिक्चर के साथ, महमूद के भारत पर 17 साल के हमले के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसमें मथुरा के मंदिर में डकैती, कायनात के मंदिर और गुजरात के सोमनाथ मंदिर के विध्वंस के बारे में भी बताया गया है।

किताब के मुताबिक, ‘अभी जो सोमनाथ मंदिर है। वो 1950 में बनाया गया है. इसका उद्घाटन राष्ट्रपति डॉ. ‘राजेन्द्र प्रसाद ने किया था।’

इसके फाइनल में एक सवाल यह भी पूछा गया है कि मंदिर निर्माण के लिए पूरी जनता से दान लेने का निर्णय क्यों लिया गया?

सभी विदेशी आक्रांताओं को शामिल किया गया- एनसीईआरटी डायर संगीतकार

एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश सकलानी ने एक न्यूज चैनल को बताया, गज़नाबी आक्रमणों के अध्याय से पहले छठी सदी के साम्राज्यों और राज्यों पर भी एक चैप्टर है। इनमें कायनात, कश्मीर, चालुक्य, राष्ट्रकूट, पल्लव और चोलों के शासक शामिल हुए, मध्य एशिया से हूणों और अरबों के विदेशी आक्रमण समाप्त हुए।

डीयू के प्रोफेसर ने कहा- मुगलों को हिंसक दिखाने का मकसद

एनसीईआरटी के बदलाव दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रो. अपूर्वानंद झा ने कहा, ‘एनसीईआरटी जो विद्यार्थियों के साथ चल रही है, उसमें यह स्पष्ट है कि वो इतिहास को ऐसी शक्ल में चाहता है जिसमें मुगल हिंसा सामने आए।’ ये सभी बदलाव एक ही अकाउंट से किए जा रहे हैं।’

अभिनय- देव कुमार

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