भुवनेश्वर6 मिनट पहले
- लिंक

वीके पांडियन 2023 तक नवीन पटनायक के निजी सचिव थे।
ओडिशा के 24 साल तक मुख्यमंत्री रहे नवीन पटनायक ने अपने करीबी नेता वीके पांडियन को हार का जिम्मेदार ठहराने को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि मेरी हार के लिए वीके पांडियन की आलोचना करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने पार्टी में कोई भी पद नहीं लिया। कहीं से भी चुनाव नहीं लड़ा जाएगा। एक महीने के रूप में उन्होंने 10 साल तक बहुत अच्छा काम किया।
कोरोना और कैंसर काल में उनका काम अवश्य था। अच्छे कामों के बाद उन्होंने नौकरशाही से इस्तीफा देकर बीजद में शामिल हो गए और पार्टी के लिए बिना किसी स्वार्थ के काम किया। वे वफादार और ईमानदार व्यक्ति हैं। उन्हें उनकी ईमानदारी के लिए हमेशा याद रखा जाना चाहिए, लेकिन उत्तराधिकारी का सवाल कहां है। मैंने पहले भी कहा है कि वे उत्तराधिकारी नहीं हैं। इसका निर्णय जनतांत्रिक है।
पटनायक बोले- मेरा स्वास्थ्य ठीक
अपने बिगड़ते स्वास्थ्य की खबरों को लेकर पटनायक ने कहा- मेरा स्वास्थ्य हमेशा से ठीक ही था। आगे भी ज़िंदा रहेगा। आपने देखा होगा कि मैंने पिछले कुछ महीनों में इतनी तेज गर्मी में भी पार्टी के लिए लंबे समय तक अभियान चलाया है। मेरे स्वास्थ्य की अटकलों पर जवाब देने के लिए मेरा कैंपेन देखना काफी होगा।
पटनायक बोले- हर संभव तरीके से ओडिशा की सेवा करता है
विधानसभा और कांग्रेस चुनाव में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा- मुझे लगता है कि हमने हमेशा कोशिश की है। बहुत बढ़िया काम किया है। हमारी सरकार और पार्टी में लोगों को गर्व करने के लिए बहुत कुछ है। लोकतंत्र में आप या तो जीतते हैं या हारते हैं। लंबे समय के बाद हारने पर हमें लोगों के निर्णय को शालीनेता से लेना चाहिए।

वीके पांडियन को पटनायक का उत्तराधिकारी क्यों कहा जा रहा था?
प्रथम कारण: पटनायक 77 साल के हैं। बढ़ती उम्र के कारण उन्हें स्वास्थ्य संबंधी लाभ भी होते हैं। उसका विवाह नहीं हुआ है। बीजेडी में कोई भी नेता नहीं है, जो उन्हें रिप्लेस कर सके।
दूसरा कारण: वीके पांडियन। ऐसा आरोप है कि इस समय वे ही सरकार चला रहे हैं और सरकार से जुड़े फैसले ले रहे हैं। उन्हें नवीन का उत्तराधिकारी भी कहा जाता है। अगर बीजेडी जीतती है तो वे सीएम हो सकते हैं।
तमिलनाडु में भाजपा के वीके पांडियन को ओडिशा की राजनीति में ‘बाहरी’ बातें सुनाई दे रही हैं। पांडियन ने दिल्ली में अपनी पढ़ाई की। उन्होंने पंजाब कैडर के गवर्नर अधिकारी के रूप में अपना करियर शुरू किया था। हालांकि उड़िया महिला से शादी करने के बाद ओडिशा कैडर में स्थानांतरण ले लिया गया।

नवीन पटनायक के कांपते हाथ का यह फुटेज असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने 28 मई को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।
इस मामले को 28 मई को तब और तूल मिला जब नवीन पटनायक का एक वीडियो सामने आया। इसमें वे मंच से भाषण दे रहे थे। उनके अगले पांडियन माइक्रेड्स्बोर्ड थे। इसी दौरान कुछ ऐसा हुआ, जिस पर सबकी नजर गई। ओडिशा के मुख्यमंत्री ने पोडियम पर अपना एक हाथ रखा था, जो जोर से कांप रहा था। जैसे ही पांडियन की नजर वहां पड़ी, उन्होंने सीएम पटनायक के हाथरस वाले वीडियो को तुरंत छिपा दिया।
पांडियन 2000 बैच के पंजाब कैडर के आईएएस अधिकारी, 2011 से पटनायक के साथ हैं

वीके पांडियन ने ओडिशा सरकार के बड़े प्रोजेक्ट संभाले
पांडियन ने श्री जगन्नाथ हेरिटेज कॉरिडोर, श्रीमंदिर जैसे ओडिशा सरकार के मेगा प्रोजेक्ट्स में भी बड़ी भूमिका निभाई है, जिसका इसी वर्ष उद्घाटन हुआ है।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने 17 जनवरी को जगन्नाथ मंदिर के गजपति दिव्यसिंह देव के साथ इस कॉरिडोर का उद्घाटन किया था। श्री जगन्नाथ हेरिटेज कॉरिडोर परियोजना के तहत जगन्नाथ मंदिर की बाहरी दीवार के चारों ओर 75 मीटर का एक गलियारा बनाया गया है।
श्रीमंदिर के साथ-साथ पांडियन ने राज्य में प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिरों के जीर्णोद्धार और जीर्णोद्धार की पहल की भी निगरानी की।
