कैसे बदला गहरे नीले समंदर का रंग?
जनवरी के आखिर और फरवरी की शुरुआत में फ्लोरिडा ने भीषण ठंड का सामना किया है. हालत यह थी कि ठंड की वजह से पेड़ों से इगुआना गिर रहे थे. इसी दौरान 3 फरवरी को नासा के ‘टेरा’ सैटेलाइट ने वेस्ट फ्लोरिडा शेल्फ के ऊपर से गुजरते समय पानी के रंग में बदलाव देखा. जांच में पता चला कि समुद्र के तल में मौजूद कैल्शियम कार्बोनेट की मिट्टी और समुद्री जीवों के अवशेष पानी में ऊपर आ गए थे. इसी वजह से पानी का रंग फीका और मटमैला नीला दिखाई देने लगा. यह नजारा बिल्कुल वैसा ही था जैसा अक्सर किसी बड़े समुद्री तूफान के बाद देखने को मिलता है.
पहले और बाद की सैटेलाइट इमेज पानी के रंग में जबरदस्त बदलाव दिखाती हैं. (क्रेडिट: NASA)
ठंडी हवाओं ने समंदर में कैसे मचाई उथल-पुथल?
नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार, इस ऐतिहासिक ठंड ने समुद्र के पानी के घनत्व (Density) को बदल दिया है. जैसे ही तापमान गिरा और हवाएं तेज हुईं, उथला पानी ठंडा होकर भारी हो गया. यह भारी पानी लहरों के साथ गहरे समुद्र की ओर बहने लगा और अपने साथ तलछट (Sediment) को भी ऊपर ले आया.
हालांकि इस तरह की घटनाएं ज्यादातर हरिकेन या चक्रवात के दौरान ही देखी जाती हैं, लेकिन इस बार विंटर स्टॉर्म ने भी वही असर दिखाया है. इस प्रक्रिया ने समुद्र के भीतर एक नई हलचल पैदा कर दी है, जिसे समझना अब जरूरी हो गया है.
क्या है ‘हैमरहेड’ चक्रवात?
लैंडसैट 9 सैटेलाइट से मिली तस्वीरों में समुद्र के भीतर ‘हैमरहेड’ एडिस (Eddies) यानी छोटे चक्रवात देखे गए हैं.
- ये चक्रवात तब बनते हैं जब ठंडा और घना पानी धीरे बहने वाली मेक्सिको की खाड़ी के पानी से टकराता है.
- इससे पानी के भीतर घुमावदार लहरें बनती हैं. ठीक वैसे ही जैसे मंगल ग्रह या पृथ्वी पर आने वाले धूल के तूफानों में फिजिक्स काम करती है.
ये नजारे वैज्ञानिकों के लिए रिसर्च का बड़ा विषय हैं. इनसे यह पता चलता है कि समुद्र के भीतर कार्बन का चक्र कैसे बदल रहा है.
‘हैमरहेड’ एडी, मंगल ग्रह के धूल भरे तूफानों में दिखने वाले भंवर जैसा है. (क्रेडिट: NASA)
समुद्र की तलछट में मौजूद कैल्शियम कार्बोनेट पृथ्वी के कार्बन चक्र को प्रभावित करता है. आमतौर पर समुद्री तूफान इस मलबे को गहरे पानी में ले जाते हैं, जिससे कार्बन का भंडारण (Sequestration) होता है. लेकिन विंटर स्टॉर्म के दौरान ऐसा कैसे होता है, इसके बारे में रिसर्च बहुत कम है.
जलवायु वैज्ञानिक अब इन तस्वीरों की मदद से यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि स्थानीय स्तर पर महासागर कार्बन को कैसे सोख रहे हैं.





