NASA News | NASA Moon Mission | Artemis 2 Moon mission | नासा को हुआ क्या, क्यों टाल दिया अपना मून मिशन, आर्टेमिस की उड़ान में कहां आई बाधा?


अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपना मून मिशन टाल दिया है. नासा चीफ जेरेड आइज़ैकमैन ने शनिवार को कहा कि चंद्रमा की ओर जाने वाले पहले मानवयुक्त फ्लाईबाय मिशन आर्टेमिस-2 की मार्च में प्रस्तावित लॉन्चिंग अब नहीं होगी. उन्होंने इसकी वजह रॉकेट में सामने आई तकनीकी खामी को बताया.

आइज़ैकमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट में हीलियम फ्लो से जुड़ी समस्या सामने आई है, जिसके चलते मार्च का लॉन्च विंडो अब विचार से बाहर हो गया है. उन्होंने कहा, ‘मुझे पता है कि लोग इस फैसले से निराश हैं. यह निराशा सबसे ज्यादा नासा की टीम को हो रही है, जिसने इस महत्वाकांक्षी मिशन की तैयारी में दिन-रात मेहनत की है.’ उन्होंने 1960 के दशक का जिक्र करते हुए कहा कि जब नासा ने वह कर दिखाया जिसे असंभव माना जाता था, तब भी कई बार असफलताएं और देरी सामने आई थीं.

नासा के अनुसार, विशाल SLS रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान को जांच और जरूरी मरम्मत के लिए केनेडी स्पेस सेंटर के व्हीकल असेंबली बिल्डिंग में वापस ले जाया जाएगा. आने वाले दिनों में इस मामले पर विस्तृत ब्रीफिंग दी जाएगी.

क्या है आर्टेमिस-2 मिशन?

करीब 10 दिनों तक चलने वाले आर्टेमिस-2 मिशन में तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर यात्रा करेंगे. यह मिशन इंसानों को दोबारा चंद्रमा की सतह पर उतारने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. चंद्रमा पर वापसी का लक्ष्य पहली बार पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान घोषित किया गया था.

आर्टेमिस मिशन में लगातार आ रहे थे रोड़े

इससे पहले नासा ने कहा था कि 6 मार्च आर्टेमिस-2 की सबसे शुरुआती संभावित लॉन्च तिथि हो सकती है. हालांकि, कार्यक्रम को लगातार देरी का सामना करना पड़ा है. बिना चालक दल का परीक्षण मिशन आर्टेमिस-1 भी कई बार टलने के बाद नवंबर 2022 में लॉन्च हो पाया था.

हाल ही में फरवरी की शुरुआत में, तरल हाइड्रोजन रिसाव सहित तकनीकी समस्याओं के कारण आर्टेमिस-2 की ‘वेट ड्रेस रिहर्सल’ बाधित हुई थी. यह रिहर्सल वास्तविक लॉन्च परिस्थितियों में पूरी तरह ईंधन भरे टैंकों और सिस्टम जांच के साथ की जाती है, जिसे इस सप्ताह सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया.

नासा ऐसे समय में चंद्रमा पर मानव मिशन को आगे बढ़ाना चाहता है, जब चीन से अंतरिक्ष क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है. चीन 2030 तक मानवयुक्त चंद्र मिशन का लक्ष्य रखता है. उसका बिना चालक दल वाला चांग’ई-7 मिशन 2026 में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की खोज के लिए प्रस्तावित है, जबकि उसके मानवयुक्त अंतरिक्ष यान मेंगझोउ के परीक्षण इस साल होने की उम्मीद है.

नासा का अंतिम लक्ष्य चंद्रमा पर अभियानों के जरिए भविष्य में मंगल ग्रह तक मानव मिशन की तैयारी करना है.



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