Last Updated:
Mukundra Tiger Reserve Core Area: राजस्थान में पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया जा रहा है. मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के कोर एरिया को जल्द ही पर्यटन सफारी के लिए खोला जाएगा. अब तक पर्यटकों को केवल बफर जोन में ही सफारी की अनुमति थी, लेकिन कोर एरिया खुलने से उन्हें वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का बेहतर अवसर मिलेगा. वन विभाग द्वारा सफारी मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था और गाइड प्रशिक्षण की तैयारियां की जा रही हैं.
Mukundra Tiger Reserve Core Area
कोटा. जिला स्तरीय पर्यटन विकास समिति की गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में आगामी पर्यटन सीजन में कोटा में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा की गई.
बैठक में जिला कलक्टर श्री पीयूष समारिया ने जिले में आने वाले पर्यटकों के आकर्षण वाले प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं के बारे में चर्चा की. चम्बल बोट सफारी के शुल्क की दरों के निर्धारण पर भी चर्चा हुई. डीएफओ मुकुंदरा हिल टाईगर रिजर्व श्री मुथु एस ने बताया कि टाईगर रिजर्व के कोर एरिया को खोले जाने की अनुमति चीफ वाईल्ड लाईफ वार्डन द्वारा दी जा चुकी है. उन्होंने कहा कि वन विभाग की गाईड लाईन के अनुसार पर्यटन सफारी के लिए नए सफारी वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा. उन्होंने बताया कि चम्बल सफारी की भंवर कुंज तक की छोटी राइड एवं गरड़िया महादेव तक की बड़ी राईड में अभी जो शुल्क है उसे कम करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं और शीघ्र ही शुल्क में कमी के बारे में निर्णय लिया जाएगा. बैठक में चम्बल सफारी के लिए बड़ी नाव उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई.
कोटा महोत्सव के आयोजन की तैयारियों पर भी चर्चा
डीएफओ मुकुंदरा रिजर्व ने बताया कि वन विभाग के अधीन गरड़िया महादेव, चम्बल बोट सफारी, गैपरनाथ महादेव, मुकुंदरा हिल्स टाईगर रिजर्व एवं अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क जैसे स्थानों की ऑनलाईन बुकिंग की दिशा में प्रक्रिया जारी है. बैठक में कोटा विकास प्राधिकरण द्वारा किशोर सागर तालाब के समीप निर्मित हाट बाजार को शुरू किए जाने, प्रमुख पर्यटन स्थल जग मंदिर एवं लक्खी बुर्ज केफैटेरिया के संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया, केडीए द्वारा रंगपुर स्थित डाक बंगलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किए जाने, गैपरनाथ महादेव मंदिर में पर्यटकों के दौलतगंज रोड की तरफ से प्रवेश दिए जाने, नयापुरा बाग के समीप स्थित ऐतिहासिक घोड़े तथा चम्बल गार्डन के निकट स्थित ऐतिहासिक हाथी एवं घोड़े के सौन्दर्यकरण कार्य, शहर के प्रवेश मार्ग बड़गांव बावड़ी के आसपास अतिक्रमण हटाकर लेंडस्केपिंग के माध्यम से सौंदर्यकरण किए जाने पर चर्चा की गई और जिला कलक्टर द्वारा संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए. बैठक में 21 एवं 22 फरवरी को कोटा महोत्सव के आयोजन की तैयारियों पर भी चर्चा की गई.
महाविद्यालय के ऐतिहासिक भवन की लाइटिंग व्यवस्था
होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा संभाग के अध्यक्ष श्री अशोक माहेश्वरी ने बताया कि कोटा में दिसंबर में आयोजित ट्रैवल मार्ट के बाद यहां आगामी पर्यटन सीजन में काफी पर्यटकों के आने की संभावना है. उन्होंने कहा कि गरड़िया महादेव, चम्बल बोट सफारी, गैपरनाथ महादेव, मुकुंदरा हिल्स टाईगर रिजर्व, अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क, चम्बल रिवर फ्रंट, ऑक्सीजोन पार्क, गढ़ पैलेस आदि को दिखाने के लिए दो से तीन दिन के पैकेज तैयार कर देशभर में टूर ऑपरेटरों को भेजे गए हैं और अच्छा रेस्पॉन्स आने की संभावना है. जय मिनेश आदिवासी विश्वविद्यालय से डॉ. अनुज विलियम्स ने 125 वर्ष पुराने ऐतिहासिक सीएनआई चर्च को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देने का सुझाव दिया. इन्टेक कन्वीनर श्री निखलेश सेठी ने किशोर सागर तालाब के ऐतिहासिक स्वरूप को निखारने एवं अतिक्रमण हटाने के संबंध सुझाव दिए. राजकीय महाविद्यालय कोटा की प्राचार्य ने महाविद्यालय के ऐतिहासिक भवन की लाइटिंग व्यवस्था अच्छी करने के संबंध में सुझाव दिया.
बैठक में उपायुक्त नगर निगम श्री जवाहर जैन, उप निदेशक पर्यटन श्री विकास पंड्या, सहायक निदेशक पर्यटन श्री संदीप श्रीवास्तव, अधिशाषी अभियंता केडीए श्री महेन्द्र सक्सेना, अधिशाषी अभियंता पीडब्ल्यूडी श्री नरेश चौधरी, साइन इंडिया फाउंडेशन से डॉ. कुलवन्त गौड़, कोटा ग्रीन कम्यूनिटी के प्रणव राज सिंह एवं अन्य उपस्थित रहे.
About the Author
With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18 in Rajasthan Team. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion…और पढ़ें





