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Modi-Putin’s Fortuner ride goes viral on social media | मोदी-पुतिन की फोर्च्यूनर राइड सोशल मीडिया पर वायरल: जानें जपानी ब्रांड की सफेद कार ही क्यों इस्तेमाल की, SUV ऑनर्स के लिए प्राउड मोमेंट बता रहे लोग

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नई दिल्ली6 मिनट पहले

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर से 23 दिसंबर तक भारत-रूस समित के दो दिवसीय भारत दौरे के लिए। उन्हें देखने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के स्मारक स्मारक खुद दिल्ली के पालम हवाईअड्डे आएं।

यहां से दोनों लैबोरेट्री एक ही कार में शामिल हैं। ये रही कि ये कोई साइबेरियाई ड्राइम कार नहीं, बल्कि वाइट कलर की टोयोटा फॉर्च्यूनर थी।

अब प्रधानमंत्री और रूसी राष्ट्रपति की ये राइड अब इंटरनेट और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जहां लोग फॉर्च्यूनर ऑनर्स के लिए ‘प्राउड मोमेंट’ बता रहे हैं। वहीं, पश्चिमी देशों के लिए कुछ लेबल एक डिप्लो सिग्नल सिग्नल मान रहे हैं।

अन्य जानिए सफेद रंग की कार का ही क्यों हुआ इस्तेमाल, क्यों उठी ये जापानी ब्रांड की कार। साथ ही इस कार के बारे में विस्तार से जानेंगे…

मोदी-पुतिन ने टोयोटा फॉर्च्यूनर को एक साथ छोड़ दिया

आम तौर पर विदेशी कारों के लिए रेंज रोवर या मर्सिडीज-बेंज की कारों का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, हर विदेशी टूर पर अपनी ड्राइमेट ड्राइम लिमोजिन कार ऑरस सीनेट का इस्तेमाल किया जाता है और मोदी की गैलरी रेंज रोवर (यूके मेड) और मर्सिडीज-मेबैक S650 गार्ड का इस्तेमाल किया जाता है।

दोनों लीडर्स ने अपने वाहनों को टोयोटा फॉर्च्यूनर में एक साथ यात्रा के लिए छोड़ दिया। इसके पीछे प्रधानमंत्री की रेंज रोवर और ग्रैग्रिएट की स्ट्रीक्ट फ़्लोरिडा विलाज़ कार ऑरस सीनेट भी चल रही थी।

वाइट फॉर्च्यूनर क्यों?

रिलायंट का कहना है कि ऐसी स्थिति हाल ही में अपडेट किए गए वीआईपी फ्लीट का हिस्सा है, जो हाई-प्रोफाइल सपोर्ट के लिए रेजिस्टेंस, एमिशन और ऑपरेशनल स्टैंडर्ड्स को पूरा करने के लिए जाता है।

वॉइट फॉर्च्यूनर का इस्तेमाल अक्सर वेट फॉर्च्यूनर के लिए किया जाता है, क्योंकि ये मॉडल नैचुरल फ़्लिट्स में काफी पुराने होते हैं, वॉइस में आसानी से थ्रो-मिल होते हैं और हाई स्टेबिलिटी और ग्राउंड क्लीयरेंस मौजूद होते हैं।

यूनीफॉर्म कलर और स्टैंडर्ड लुक की वजह से गाड़ी लो प्रोफाइल ग्राहक हैं, साथ में ही स्टेशियल भी सुनिश्चित होता है।

ई-पाठ्यपुस्तक

कन्न वॉयस में आम तौर पर आर्मर्ड खतरे होते हैं, लेकिन फॉर्च्यूनर और इनोवा जैस सपोर्टिंग के लिए ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी की जोड़ी भी जोड़ी जाती है। फॉर्च्यूनर की रिकॉर्डिंग प्लेट ध्यान खींची गई, क्योंकि वीआईपी पर्यटकों में ज्यादातर स्पेशल नंबर प्लेट्स या एनमार्क स्कोडा का इस्तेमाल किया जाता है।

हालाँकि, डायमंड ने यह नहीं बताया कि महाराष्ट्र रजिस्टर फॉर्च्यूनर का उदय क्यों हुआ, लेकिन डायमंड डायमंड हाई-प्रोफाइल विज़िट के लिए कई राज्यों में फ्लीट की कहानियां हैं।

वेस्ट को संदेश या प्रैक्टिकल कारण?

  • टोयोटा फोर्च्यूनर की चॉइस सिटिंग की वजह से ये टिप्पणियां जुड़ी हैं। रेंज रोवर में स्टॉड रो नहीं है, जबकि फोरचुनर में दुभाषियों के लिए जगह थी। दोनों देशों की परमाणु ऊर्जा कंपनियों ने इसे मंजूरी दे दी है।
  • वहीं, कुछ लेबल्स इसे डिप्लो सिग्नल सिग्नल मान रहे हैं। यूक्रेन वॉर के चौथे साल में यूके-जर्मनी ने रसिया पर संक्सान्सलोन लगाए हैं। यूक्रेनियन ब्रांड की कार में जर्नी खराब अपोजिट होता है।

डिफेंस एनालिस्ट कर्नल रोहित देव ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘ये वेस्ट को संदेश है।’

बीजेपी प्रवक्ता क्यों शेख पूनावाला ने कहा, ‘स्मार्ट लोग समझ जाएंगे।’

एक यात्री ने लिखा, ‘नो अमेरिकन, नो यूरोपियन, जापानीज कार। संकेत शुरू!’

ये स्टेप्स हैं डिप्लोमेसी में सिंबॉलिक स्टेप्स कितने जरूरी होते हैं।



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