Migraine Diagnosis Formula| Migraine trigger factor: सिरदर्द नॉर्मल है या माइग्रेन कैसे पहचानें?


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Migraine Diagnosis Formula: तेज सिरदर्द माइग्रेन का मुख्य लक्षण है, लेकिन इसके निदान के लिए सिर्फ सिरदर्द का होना काफी नहीं है. आपका सिरदर्द नॉर्मल है या माइग्रेन इसकी पहचान आप 5-4-3-2-1 फॉर्मूला की मदद से घर में खुद भी कर सकते हैं. यहां आप हेल्थ एक्सपर्ट से इस फॉर्मूला को आसान भाषा में समझ सकते हैं.

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Migraine Diagnosis and Care Tips:  माइग्रेन एक तरह का तेज सिरदर्द होता है. डिजिटल युग में माइग्रेन बहुत ही कॉमन प्रॉब्लम बनती जा रही है. लोगों को लंबे समय तक अपने इस कंडीशन के बारे में पता ही नहीं होता है, क्योंकि इसकी शुरुआत सिरदर्द से होती है. एक ऐसी हेल्थ प्रॉब्लम जो कुछ समय में अपने आप ठीक हो जाती है.

माइग्रेन की जल्द से जल्द निदान बहुत जरूरी होता है, क्योंकि ये ब्रेन स्ट्रोक के खतरे से जुड़ा होता है. यदि आप लंबे समय तक इसे दर्द को नजरअंदाज कर रहे हैं, तो इससे जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है. ऐसे में न्यूरोलॉजी एक्सपर्ट ने माइग्रेन को पहचानने का एक ऐसा फॉर्मूला बताया है जिससे आम व्यक्ति बिना अस्पताल गए इसका निदान खुद कर सकता है. साथ ही यहां आप इसे ट्रिगर करने वाले कारकों के बारे में जानेंगे.

कैसे करें माइग्रेन की पहचान
डॉ. संजय सक्सेना, वाइस चेयरमैन – न्यूरोलॉजी, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज बताते हैं कि माइग्रेन का दर्द अक्सर सुबह के समय ज्यादा होता है. माइग्रेन एक आम लेकिन जटिल सिरदर्द है. इसे पहचानने के लिए 5-4-3-2-1 का फॉर्मूला इस्तेमाल किया जाता है. इसके अनुसार, जीवन में कम से कम 5 बार दर्द का अटैक आना, जो 4 घंटे से 3 दिन तक रहता है, दर्द की 4 में से 2 खासियतें (एक तरफ दर्द, धड़कन जैसा दर्द, बहुत तेज दर्द, या रोजमर्रा के काम में रुकावट), और 2 में से 1 लक्षण (मतली/उल्टी या रोशनी और आवाज से परेशानी) होना माइग्रेन की पहचान है.

माइग्रेन को ट्रिगर करने वाले कारक
माइग्रेन कई कारणों से बढ़ सकता है. दिन में तेज धूप, तेज रोशनी और शोर इसके ट्रिगर हो सकते हैं. कुछ खाने की चीजें भी माइग्रेन बढ़ा सकती हैं, जैसे—चीज, चॉकलेट, कॉफी, चाइनीज फूड और खट्टे फल. तेज गंध या परफ्यूम भी इसे बढ़ा सकते हैं. यह समस्या महिलाओं में ज्यादा होती है और पीरियड्स के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण बढ़ सकती है.

माइग्रेन बन सकता है जानलेवा
एक्सपर्ट बताते हैं कि माइग्रेन की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे ध्यान और याददाश्त पर असर पड़ सकता है. ये समस्या स्ट्रेस और डिप्रेशन के जोखिम को भी बढ़ाती है. इसके अलावा माइग्रेन लंबे समय में ब्रेन स्ट्रोक के खतरे को भी बढ़ा सकता है.

इन बातों का रखें ध्यान
रोजाना 7–8 घंटे की अच्छी नींद लेकर सुबह जल्दी उठना सेहत के लिए फायदेमंद है. ज्यादा समय तक स्क्रीन को देखने से बचें. ऐसे फूड्स से परहेज करें जो माइग्रेन को ट्रिगर करती है.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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