सहयोगी देशों में असंतोष, तनाव और गहराया
खाड़ी देशों ने इस संघर्ष में शामिल न होने के बावजूद हमलों का सामना किया है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने ईरान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि अब भरोसा पूरी तरह टूट चुका है। वहीं, अमेरिका भी इस बात से नाराज है कि उसके सहयोगी देश होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाने में सक्रिय भूमिका नहीं निभा रहे हैं।
मिडिल ईस्ट की यह जंग अब सिर्फ सैन्य टकराव नहीं रही, बल्कि वैश्विक ऊर्जा संकट में बदलती जा रही है, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।





