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Michaela Benthaus became the first wheelchair user to go into space | अंतरिक्ष में जाने वाली पहली व्हीलचेयर यूजर बनीं मिशाइला बेन्थौस: स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के कारण चल नहीं सकती, यूरोपियन स्पेस एजेंसी में कार्यरत, जानें प्रोफाइल

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10 मिनट पहले

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जर्मनी की इंजीनियर मिशाइला बेन्थौस (Michaela Benthaus) अंतरिक्ष में जाने वाली दुनिया की पहली रैकिंग होल्डर बन गईं। शनिवार, 20 दिसंबर को वेरोस्पेस कंपनी, ब्लू ओरिजिन के न्यू स्केपर्ड मिशन (एनएस-37) के माध्यम से सबऑर्बिटल फ़्लाइट पर उड़ान भरी और कारमन लाइन (लगभग 100 किमी वॉलपेप) को पार करते हुए अंतरिक्ष तक पहुंची। ब्लू ओरिजिन, सैमसंग के संस्थापक जेफ बेजोस की स्पेस कंपनी है।

इस मिशन के साथ-साथ मिस्र का इतिहास भी दर्ज किया गया है। उन्हें मिची (मिची) भी कहा जाता है। वो एक मेक्ट्रोनिक्स, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन इंजीनियर हैं।

बचपन से अंतरिक्ष यात्री चाहत थी

मिशाइला का जन्म उत्तरी जर्मनी का एक प्रमुख शहर ‘किल’ में हुआ था। ये बाल्टिक सागर के किनारे स्थित है। वर्तमान में उनकी उम्र 33 साल है।

मिशेला का बचपन अंतरिक्ष के प्रति जुनून से भरा था। उनकी यह जुनून स्टार वार्स जैसी साइंस-फिक्शन फिल्मों से प्रभावित थी। बचपन से ही वो था अंतरिक्ष यात्री बनने का सपना।

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर्स हैं

मिशेला स्कूलिंग के बाद ऑस्ट्रिया चला गया। उन्होंने यहां की जोहान्स केपलर यूनिवर्सिटी से मेक्ट्रोनिक्स, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद वापस वो जर्मनी आ गया। फिर टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख (टीयूएम) से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया।

मिशेला को माउंटेन बाइकिंग बहुत पसंद थी।

मिशेला को माउंटेन बाइकिंग बहुत पसंद थी।

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी में काम करती हैं

मित्रता अध्ययन के आधार पर उन्हें यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) में पर्यटन बनाने का अवसर मिला। वे नीदरलैंड्स रेडियो ईएसए के ईएसटीईसी (यूरोपीय अंतरिक्ष अनुसंधान और प्रौद्योगिकी केंद्र) में स्थित हैं, जहां उनका विभाग मार्स ऑकल्टेशन (मार्स रेडियो ऑकल्टेशन) है।

उनकी भूमिका मंगल ग्रह का अध्ययन करने से जुड़ी है। इसमें ग्रह के वातावरण की जांच, संकेतों को स्कैनर और मिशन की योजना बनाना शामिल है। इसका उद्देश्य मंगल ग्रह की खोज को आगे बढ़ाना है।

माउंटेन बाइकिंग दुर्घटना के बावजूद हार नहीं मानी

उन्हें सार्वजानिक सक्रियता जैसे- माउंटेन बाइकिंग और पार्कौर बहुत पसंद थे। लेकिन साल 2018 में माउंटेन बाइकिंग दुर्घटना में स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के कारण पैराप्लेजिक हो गया। इसके बाद से वे रोटेशन के लिए व्हीलचेयर पर हैं।

हालाँकि, दुर्घटना के बाद मिशाइला ने मनी हार नहीं मानी। उन्होंने वर्ष 2021-22 में एक जर्मन-अमेरिकी एयरोस्पेस इंजीनियर हंस कोएनिग्समैन (Hans Koenigsmann) से ऑनलाइन संपर्क किया, जो स्पेसएक्स के शुरुआती कर्मचारियों में से एक थे। उन्होंने पूछा है कि क्या आप भी एस्ट्रोनॉट बन सकते हैं। हैंसस अपनी दृढ़ता से कायल हो गए।

7 साल पहले एक माउंटेन बाइक दुर्घटना में उनके रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लग गई थी, जिसके बाद से मिसहिला में उछाल हो गया। (फ़ॉलो फोटो)

7 साल पहले एक माउंटेन बाइक दुर्घटना में उनके रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लग गई थी, जिसके बाद से मिसहिला में उछाल हो गया। (फ़ॉलो फोटो)

फ्लाइट एयरोस्पेस इंजीनियर ने स्पेस जाने में मदद की

साल 2022 में शैला ने अमेरिका के ह्यूस्टन (टेक्सास) से एक परवलयिक जीरो-ग्रेविटी मिफ्लाईन (जीरो-जी रिसर्च फ्लाइट) में भाग लिया। इसे ‘वॉमिट कॉमेट’ भी कहा जाता है। हैंसस ने ही उन्हें जर्मन कंपनी OHB से डोनेशन में मदद की।

ये एक्सपीरियंस माइक्रोग्रेविटी (स्पेस) में उनके शरीर की प्रतिक्रिया को समझने के लिए थे। इस दौरान वे एस्ट्रो ऐक्सेस (एस्ट्रो एक्सेस) के एंबेसेडर चॉइस बने। फिर उनकी दूसरी जीरो-ग्रेविटी फ़्लाइट क्रूज़ में शामिल हुई।

इसके बाद अप्रैल, 2024 में पोलैंड के लूनारेस रिसर्च स्टेशन में एस्ट्रोनॉट मिशन में मिशन कमांडर के रूप में भाग लिया गया। यह 2 सप्ताह की बंधक वस्तु थी। उन्होंने इंटरनेशनल टीम के साथ मिलकर काम किया। ये दुनिया का पहला रॉकेट-एक्ससिबल एनालॉग स्पेस हैबिटेट था, जहां अंतरिक्ष मिशनों का मिशन विकसित किया गया था।

कॉर्मन लाइन पार करने वाली पहली सुपरमार्केट

हेनस ने मिशाइला से प्रभावित होकर बाय एयरोस्पेस कंपनी ब्लू ओरिजिन से संपर्क किया। ये कंपनी सबऑर्बिटल टूरिज्म कराती है। ब्लू ओरिजिन ने स्पेक्टर रिस्पॉन्स दिया और यह मिशन पॉसिबल हो गया।

ब्लू ओरिजिन के न्यू साइंटर्ड एनएस-37 मिशन पर मिशाइला अंतरिक्ष उपग्रह, जहां वे कारमन लाइन पार करने वाली पहली स्टेडियम बिल्डर्स बनीं। यह 10-12 मिनट की सबऑर्बिटल उड़ान थी, जिसमें माइक्रोग्रेविटी का अनुभव हुआ।

उड़ान अमेरिका के टेक्सास में सुरक्षित टर्की से भूमि हुई। इसी के साथ ही मिशाइला बेन्थौस का सपना पूरा हुआ।

उड़ान अमेरिका के टेक्सास में सुरक्षित टर्की से भूमि हुई। इसी के साथ ही मिशाइला बेन्थौस का सपना पूरा हुआ।

एक सीट की कीमत 5 लाख डॉलर से ज्यादा

मिस्हायला की उड़ान को हेंसस का मेन रोल में प्रशिक्षण देना था। यहां तक ​​कि वो मिशन के साथ मिशन पर गए। उन्होंने ब्लू ओरिजिन के साथ मिलकर अपनी सीट को स्पॉन्सर किया। इसके टिकटों की कीमत सार्वजनिक नहीं है, लेकिन डिस्ट्रिक्ट रूप में इसकी कीमत $500,000 से अधिक होगी।

उड़ान के दौरान मिसहिला के पास बैठे थे और ली में प्रशिक्षण के लिए मदद ली थी। माइक्रोग्रेविटी में मिशेला की लेग्स को सिक्युर रखने के लिए स्पेशल डायमंड्स लगाए गए हैं, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो मदद की जाएगी।

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