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- मर्सिडीज मेबैक जीएलएस 600 भारत लॉन्च: सेलिब्रेशन एडिशन की कीमत ₹4.10 करोड़
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मर्सिडीज-बेंज ने भारत में बनी (लोकल असेंबल) मेबैक जीएलएस 600 को लॉन्च किया है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 2.75 करोड़ रुपये रखी गई है। खास बात यह है कि भारत में असेंबल होने के कारण इसकी कीमत पूरी तरह से सीबीयू मॉडल के करीब 42 लाख रुपये कम हो गई है।
पहले प्रशिक्षित मॉडल की कीमत 3.17 करोड़ रुपये थी। कंपनी ने इसके साथ ही एक खास ‘सेलिब्रेशन अनुष्ठान’ भी लॉन्च किया है, जिसकी कीमत 4.10 करोड़ रुपये है।
लोकोमोटिव से ब्लॉकचेन में बड़े टुकड़े
मर्सिडीज-बेंज इंडिया अब अपनी सबसे प्रीमियम एसयूवी, मेबैक जीएलएस को पुणे के चाकन प्लांट में असेंबल कर रही है। भारत में मेबैक सीरीज के लिए मेबैक सीरीज काफी सफल रही है और इसे स्थानीय स्तर पर बनाने का निर्णय लिया गया है। कीमत में ₹42 लाख की बड़ी गिरावट इन समीक्षाओं के लिए घटिया होगी जो अल्ट्रा-लग्जरी एसयूवी में निवेश करना चाहती है।
मेबैक जीएलएस सेलिब्रेशन रेस्तरां भी पेश हुआ
ओल्ड मॉडल के अलावा, कंपनी ने ‘मेमबैक जीएलएस सेलिब्रेशन रेजिस्ट्रेशन’ को भी बाजार में उतार दिया है। 4.10 रुपये की कीमत वाला यह वर्ज़न करोड़ों चाहने वालों के लिए है जो एक्सक्लूसिविटी पसंद करते हैं। इसमें कुछ खाश स्कॉच बदलाव, नए पेंट स्कॉच और स्कॉच में ज्यादातर कस्टम क्लाइमेट के विकल्प दिए गए हैं।
इंजन और प्रोटोटाइप: 4.0-संस्करण V8 इंजन
इस अल्ट्रा-लग्गी एसयूवी में 4.0-लीटर का V8 ट्विन-टर्बोचार्ज्ड इंजन दिया गया है। यह इंजन 557 hp की पावर और 730 Nm का स्पीकर जेनरेट करता है। इसमें 48-वोल्ट माइल्ड-हाइब्रिड सिस्टम भी देखा गया है, जो कि 22 एचपी की पावर और 250 एनएम का आउटपुट देता है। यह गाड़ी 4.9 सेकंड में 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है।
दस्तावेज़:फिरता फर्स्ट क्लासलॉक
मेबैक जीएलएस का केबिन किसी प्राइवेट जेट जैसा लगता है। इसमें रिक्लाइनिंग फ़ंतासी, मैसाचुसेट्स और डेमोक्रेट की सुविधा दी गई है। साथ ही शेयर-सीट इंटरटेनमेंट ग्रुप के अंतर्गत आने वाला टचस्क्रीन टैबलेट और प्रीमियम बर्मेस्टर सराउंड साउंड सिस्टम है। पूरी बॉडी पर क्रोम फिनिश और 22-इंच के सिग्नेचर मेबैक अलॉय व्हील्स इसे सड़क पर अलग पहचान देते हैं।
भारत में मेबैक का विशाल क्रेज़
मर्सिडीज-बेंज के मुताबिक, भारत में मेबैक ब्रांड की मांग तेजी से बढ़ी है। इससे पहले कंपनी मेबैक एस-क्लास भी भारत में असेंबल करना शुरू कर चुकी है। कंपनी का लक्ष्य लग्जरी सेगमेंट में अपनी पकड़ और मजबूत करना है। क्योंकि अब भारतीय बाजार में रोल्स रॉयस कलिनन और बेंटले बेंटायगा जैसी कारों का भी मुकाबला बढ़ रहा है।
लोकोमोटिव असेंबली क्या होती है?
जब कोई विदेशी कंपनी की कार पूरी तरह से बने-बनाए रूप में विदेश से बेचती है, तो उसे सीबीयू (कंप्लीट बिल्ट यूनिट) कहा जाता है। इस पर भारत सरकार पर करीब 100% से अधिक टैक्स (आयात शुल्क) लागू है।
वहीं जब गाड़ी के पर्जे मंगाकर उन्हें भारत में जोड़ा यीस्ट असेंबल किया जाता है, तो उन्हें सीकेडी (कंप्लीट नॉकडाउन) यानी लोकल असेंबली कहा जाता है। इस पर टैक्स कम लगता है, जिससे कार की कीमत काफी कम हो जाती है।
