Mathura Junction largest station – यूपी का वह रेलवे जंक्शन, जो अमेरिका-चीन और जापान से भी आगे, न ट्रेन और न पैसेंजर अधिक, फिर कैसे अनोखा?


नई दिल्‍ली. मथुरा जंक्‍शन का नाम आपने जरूर सुना होगा, इसकी वजह भगवान कृष्‍ण की जन्‍मस्‍थली है. पर शायद आपको पता हो कि यह जंक्‍शन एक दूसरी वजह से भी फेमस है, अपने आप अनूठा है. इतना ही नहीं अमेरिका, चीन और जापान से भी आगे है. सुनकर चौंकना लाजिमी है, लेकिन यह सच है. उत्‍तर प्रदेश का यह छोटा सा स्‍टेशन देश ही नहीं विदेश की तुलना में सबसे बड़ा जंक्‍शन है.

यह जंक्शन न तो प्लेटफॉर्मों की संख्या में सबसे बड़ा है, न ही रोजाना सबसे ज्यादा यात्रियों वाला है और न ही रोजाना आने वाली ट्रेनों की संख्या को लेकर टॉप पर हैं. फिर भी यह देश को जोड़ने वाला इकलौता जंक्शन है.

इसलिए है अनूठा

इस जंक्‍शन में सात दिशाओं में रेल लाइनें निकलती हैं. दुनिया के किसी भी अन्य रेलवे जंक्शन में ऐसी कनेक्टिविटी नहीं मिलती. सात दिशाओं का जादू मथुरा जंक्शन से सात अलग-अलग रेल मार्ग सीधे निकलते हैं, जो पूरे भारत को एक-दूसरे से जोड़ते हैं.

कौन कौन सी रेल लाइनें

उत्तर दिशा: दिल्ली और उसके आगे अमृतसर, पंजाब तक, दक्षिण-पूर्व: आगरा होते हुए दिल्ली-मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद जैसे रूट, पूर्व: कासगंज, फिर लखनऊ, गोरखपुर, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों की ओर, पश्चिम: आलवर, जयपुर, अहमदाबाद और गुजरात के रास्ते, दक्षिण-पश्चिम: भरतपुर होते हुए वडोदरा, मुंबई और दक्षिण भारत. साथ ही लोकल लाइनें भी हैं.

चारों दिशाओं से कनेक्‍ट होती हैं ट्रेनें

इस वजह से मथुरा से उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम चारों मुख्य दिशाओं के अलावा कई ब्रांच लाइनों से भी कनेक्टिविटी मिल जाती है. रोजाना यहां 200 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं. इनमें राजधानी, शताब्दी, दूरंतो, सुपरफास्ट एक्सप्रेस और लोकल पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं. स्टेशन पर कुल 10 प्लेटफॉर्म और 21 रेल लाइन हैं.

अमेरिका से तुलना

दुनिया के बड़े जंक्शन से सीधी तुलना अमेरिका में बेली यार्ड दुनिया का सबसे बड़ा रेल यार्ड है, लेकिन वह मुख्य रूप से मालगाड़ियों (फ्रेट) के लिए है. यात्री ट्रेनों की दिशाएं मुश्किल से 4-5 तक ही पहुंचती हैं, क्योंकि अमेरिका में यात्री रेल बहुत कम है.

जापान में कितनी रेल लाइनें

जापान का शिनजुकु स्टेशन दुनिया का सबसे व्यस्त स्टेशन है, जहां रोजाना 35 लाख से ज्यादा यात्री आते-जाते हैं. लेकिन वह ज्यादातर मेट्रो और लोकल ट्रेनों का हब है. मुख्य लंबी दूरी की रेल लाइनें 4-5 दिशाओं में ही जाती हैं.

चीन की तुलना में भारत

चीन के झेंग्झौ ईस्ट या बीजिंग जैसे हाई-स्पीड रेल हब बहुत बड़े और मार्डन हैं. वहां क्षमता लाखों यात्रियों की है, लेकिन रेल लाइन की मुख्य दिशाएं 4-6 तक सीमित रहती हैं (उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम हाई-स्पीड कॉरिडोर).

लंदन में चार से पांच दिशाओं में ट्रेन

यूरोप में लंदन का क्लैफम जंक्शन रोज 2000 से ज्यादा ट्रेनों वाला है, लेकिन मुख्य लाइनें 4-5 दिशाओं में ही फैलती हैं. इस तरह दुनिया में कहीं भी ऐसा कोई जंक्शन नहीं है जो ठीक सात दिशाओं से जुड़ा हो और जहां से देश के हर बड़े शहर के लिए सीधी ट्रेनें उपलब्ध हों.



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