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Maruti Suzuki Recalls 39,506 Grand Vitara SUVs in India: Fuel Level Gauge & Warning Light Defect – Free Fix | मारुति ने ग्रैंड विटारा की 39,506 गाड़ियां वापस बुलाईं: फ्यूल लेवल इंडिकेटर और वार्निंग लाइट सिस्टम में खराबी, फ्री में पार्ट्स बदलेगी कंपनी

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  • मारुति सुजुकी ने भारत में 39,506 ग्रैंड विटारा एसयूवी को वापस बुलाया: ईंधन स्तर गेज और चेतावनी लाइट दोष – मुफ्त फिक्स
नई दिल्ली10 मिनट पहले

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मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने तकनीकी व्यवसायों के कारण 39,506 ट्रकों को वापस बुलाया है। कंपनी के इस रिकॉर्ड में 9 दिसंबर 2024 से 29 अप्रैल 2025 के बीच निर्मित दिग्गज एसयूवी ग्रैंड विटारा के मॉडल शामिल हैं।

इस रिकॉल का कारण फ़्यूल लेवल इंडिकेटर और वार्निंग लाइट सिस्टम में एक तकनीकी खामी बताई गई है। मारुति सुजुकी ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में इसकी जानकारी दी है।

लो फ्यूल वार्निंग लाइट फ्यूल का लेवल गलत बता रही है

कंपनी का कहना है कि इन स्केलों के स्पीडोमीटर असेंबली में फुल पावर और लो फ्यूल वॉर्निंग लाइट के फुल का लेवल सही ढंग से डाउनग्रेड नहीं किया जा रहा है। इससे चालक को गलत ईंधन संबंधी जानकारी मिल सकती है, जो लंबी दूरी या वाहन ड्राइविंग के दौरान परेशानी का कारण बन सकती है।

सुरक्षा कंपनी ने कहा कि यह समस्या सीमित संख्या के समूह में बताई गई है, लेकिन ध्यान देने के लिए सभी प्रभावित इकाइयों को जांच के लिए बुलाया जा रहा है। हम सभी लोगों से अनुरोध है कि वह अपनी गाड़ी में पर्याप्त ईंधन भरवा लें और इस हिस्से को जल्दी से जल्दी बदलवा लें।

ग्राहक से नहीं लिया जाएगा कोई शुल्क नहीं

कंपनी ने बताया कि मारुति सुजुकी के विशेष वर्कशॉप मॉडल्स के ऑनर्स से संपर्क होंगे, जहां सुरक्षा को सही तरीके से रखा जाएगा। वाहन छूट को खराब पार्ट को अपडेट की जानकारी देगा। डिफेक्ट इंस्ट्रुमेंट्स या इंपार्टमेंट के गठन के लिए ग्राहकों से किसी भी तरह का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

इसके अलावा, ओनर यहां क्लिक करें आप अपने खरीदे गए आइडेंटिस्ट आईडी (वीआईएन) के जरिए भी पता लगा सकते हैं कि उनकी गाड़ी इस पार्ट से प्रभावित हुई है या नहीं।

सीट बेल्ट में टूट-फूट के कारण हिस्सेदारी 11,177 थी

ग्रैंड विटारा के लिए यह पहला रिकाॅल नहीं है। मारुति सुजुकी ने इससे पहले 24 जनवरी 2023 को अपनी 11,177 इकाइयों को रिकवर किया था। कंपनी ने 8 अगस्त 2022 से 15 नवंबर 2022 के बीच निर्मित मॉडल्स के अवशेष सीट के सीट बेल्ट माउंटिंग डायरैक्शन में टेक्निकल डिवाइसेक्ट ऐन के कारण रिकाॅल किया था।

पहले भी वापस घर थी दुकान

  • कंपनी ने 18 जनवरी 2023 से 8 दिसंबर 2022 तक 12 जनवरी 2023 के बीच 17,362 स्ट्रेंथ को रिकवर किया था। इनमें ऑल्टो के10, एस-प्रेसो, इको, ब्रेजा ग्रैंड विटारा और बलेनो शामिल हैं। इन ट्रकों के एयरबैग कंट्रोलर्स में कारोबार शुरू हो गया था।
  • इससे पहले कंपनी ने 2 से 28 नवंबर 2022 के बीच कुल 9,125 ट्रकों का निर्माण किया था। इन मॉडलों में सियाज, ब्रेजा, अर्टिगा, एक्सएल6 और ग्रैंड विटारा शामिल हैं। कंपनी ने स्टॉक रिटर्न फाइलिंग में कहा था कि फॉल्टी पार्ट का सामान फ्री ऑफ कास्ट होगा।
  • पिछले साल मारुति सुजुकी इंडिया ने अपने तीन मॉडल वैगन आर, सेलेरियो और इग्निस की 9,925 यूनिट भी वापस मंगाई थीं। इसका कारण एरेबेरेट ब्रेक असेंबली पिन में गड़बड़ी थी। इन अज़ाबर्स की मैन्युफैक्चरिंग 3 अगस्त से 1 सितंबर 2022 के बीच की थी।

देश में गाड़ी रिकाॅल का बड़ा मामला

  • 1. बलेनो और वैगनआर रिकॉल: जुलाई 2020 में मारुति ने वैगनआर और बलेनो की 1,34,885 यूनिट्स को रिकवर किया था। इन मॉडल को 15 नवंबर, 2018 से 15 अक्टूबर, 2019 के बीच तैयार किया गया था। कंपनी ने फ़्यूल पंप्स में प्लांट्स के वर्कफ़्लो की मरम्मत की थी।
  • 2. मारुति इको रिकॉल: नवंबर 2020 में कंपनी ने एको की 40,453 यूनिट्स की रिकवरी की थी। गाड़ी के हेडलैंप में स्टैंडर्ड सिंबल गायब होने के कारण कंपनी ने लिया ये फैसला। इस रिकाॅल में 4 नवंबर, 2019 से 25 फरवरी, 2020 के बीच मैन्युफैक्चरिंग की इको शामिल थी।
  • 3. महेबाशी रिकॉल: 2021 में महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपने कॉमर्शियल बिजनेस की 29,878 इकाइयों को रिकॉर्ड किया था। कंपनी ने कहा था कि जनवरी 2020 से फरवरी 2021 के बीच मैन्युफैक्चरिंग वाले कुछ बेकार सामान में एक फ्लुड पाइप का प्लांट लगाया जाएगा।
  • 4. महिंद्रा थार रिकॉल: महिंद्रा एंड महिंद्रा ने फरवरी 2021 में अपनी ऑफरोड एसयूवी थार के डीजल प्लांट की 1577 यूनिट्स को रिकॉल किया था। कंपनी ने कहा था कि प्लांट की मशीन में गड़बड़ी के चलते ये पर्ज खराब हो गया। सभी इकाइयों का उत्पादन 7 सितंबर से 25 दिसंबर, 2020 के बीच किया गया।
  • 5. रॉयल एनफील्ड रिकॉल: मई 2021 में शॉर्ट सर्किट की आपदा के चलते रॉयल एनफील्ड ने संतृप्त 350, क्लासिक 350 और स्मैटियर 350 की 2,36,966 इकाइयां वापस मंगाया था। इन सभी की मैन्युफैक्चरिंग दिसंबर 2020 से अप्रैल 2021 के बीच की थी।

याद करें क्या है और क्यों होता है?

जब कोई कंपनी अपने पुराने उत्पादों को वापस मांगती है, तो यह रिकाॅल कहा जाता है। किसी भी कंपनी के रिकॉल का निर्णय उस समय लिया जाता है जब उसके उत्पादों में कोई खास बात नहीं होती है। रिकॉल की खासियत के दौरान वो प्रोडक्ट्स की मसालों को आजमाना चाहते हैं। ताकि भविष्य में उत्पाद लेकर आने वाले ग्राहकों को किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।

कंपनी के रिकार्ड पर एसोसिएट की सलाह

कार में शामिल कंपनियों को लेकर पहले सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) को एक डेटा दिया गया है। इसमें कार की विशेषताओं के साथ कितने प्रतिशत लोगों को शामिल किया जा रहा है, बताया गया है। इसके बाद सियाम एक एंट्रेन्शियल देता है। कंपनी को एक बार में ठीक करने के लिए कहा जाता है। यदि कोई ग्राहक अपनी गाड़ी शहर से बाहर गया है, तो उस शहर के मोटरसाइकिल सेवा केंद्र पर जाकर भी उसे ठीक कराया जा सकता है।

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