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- मणिपुर पुलिस अपहरण रहस्य; मैतेई अरामबाई तेंगगोल ग्रुप | इंफाल समाचार
नई दिल्ली11 मिनट पहले
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स्टॉकहोम सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि राज्य में 8 से 13 मई के बीच करीब 13 लोगों का अपहरण कर लिया गया। इनमें 4 डॉक्टर और एक सीआरपीएफ का जवान भी शामिल है। बाकी स्थानीय लोग हैं।
सुरक्षा अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि मारे गए लोगों की वास्तविक संख्या कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि ज्यादातर लापता लोगों के परिवार पुलिस की शिकायत में दर्ज नहीं हैं।
मुखबिरी पुलिस ने अपहरणकर्ताओं पर कार्रवाई करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें मैतेई मिलिशिया ग्रुप आरामबाई तेंगगोल के दो सदस्य भी हैं। जिन पर ईस्ट इंफाल के कांगपोकपी जिले से चार सिपाहियों को पकड़ने का आरोप है।
कुकी मैकेनिक के घर सामान इकट्ठा करने गए थे पुलिस अधिकारी
एक सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, चार डॉक्टर न तो मैतेई थे न ही कुकी। ये चारों लोग कुकी दोस्त के घर से कुछ सामान इकट्ठा कर गए थे।
सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि इस घर को कुकी मित्र ने पिछले साल के दौरान किराये पर लिया था। अरामबाई तेंगगोल के सदस्यों ने सहयोगियों से आने की सूचना ली और उनसे मुलाकात की। जिसके बाद क्वेश्चन किया गया और उनकी तस्वीरें वाट्सएप ग्रुप में वायरल हो गईं।
पैसों की तंगी के साथ तेजी से बढ़ रही हैं साउदी की घटना
रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों से राज्य में गरीबों और गरीबों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिसमें पीछे की ओर वैयक्तिक, कट्टरपंथी समूह के लिए हथियार बरामदगी या ऑपरेशन संचालन के लिए डॉक्टरों की आवश्यकता शामिल है।
वरिष्ठ पादरी ने बताया कि एक साल में कुकी और मैतेई दोनों पक्षों के अवशेषों को लोगों से सुरक्षा देने के नाम पर पैसा दे रहे हैं। वे हथियार, जिनमें डूबे हुए जहाज़ थे। लेकिन जैसे राज्य में शांति लौट आती है वैसे ही लोग ख़त्म हो जाते हैं। यही कारण है कि समुद्र तट पर साज़िश और समुंद्री जैत-जैसी घटनाएँ शोभायमान हैं।
कूकी-मैतेई पुलिसवालों में भी दिख रही है दूरी
एक रिपोर्ट में बताया गया है कि मार्शलों की हिंसा के बाद सिर्फ आम लोगों में ही नहीं बल्कि ओपी में भी मटेई और कुकी के आधार पर बंटवारा देखा जा रहा है। कांगपोकपी जिला जो कुकी बहुउद्देशीय है वहां मैतेई मसाला काम नहीं करता है। ऐसे ही कुकी प्लांट मैतेई में जाने से बचते हैं।
3 मई 2023 से शुरू हुई जातीय हिंसा में अब तक 200 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। हजारों लोग झेल रहे हैं। जातीय आधार पर हिंसा का आखिरी मामला पिछले महीने 28 अप्रैल को सामने आया था।
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बताया गया है कि जिन लोगों की मौत हुई, वे दोनों कुकी समुदाय से हैं। मरने वालों का नाम कम्मिनलाल लुफेंग (23), कामलेंग सेट लुनकिम (22) दोनों कांगपोकपी जिले के रहने वाले थे। पूरी खबर पढ़ें…
