इसी प्रकार मैथिली में ‘धात्री पात सन गाम’ (संस्मरण) के लिए महेन्द्र को, मलयालम में मायामानुष्यर (उपन्यास) के लिए एन. प्रभाकरन को, मणिपुरी में ‘कंगलमद्रीब इफुत’ (कहानी) के लिए हाओबम नलिनि को, मराठी में ‘कालयानियया रेषा’ (आत्मकथा) के लिए राजू बाविस्कर, नेपाली में ‘नेपाली पारम्परिक संस्कृति र सभ्यताको ढुकुटी’ (निबंध) के लिए प्रकाश भट्टराई, ओड़िआ में ‘पदपुराण’ (कविता)के लिए गिरिजाकुमार बलियारसिंह को यह पुरस्कार दिया जाएगा।
वहीं, पंजाबी में ‘सेफ्टी किट’ (कहानी) के लिए जिंदर, राजस्थानी में ‘भरखमा’ (कहानी) के लिए जितेंद्र कुमार सोनी, संस्कृत में ‘प्रस्थानचतुष्टये ब्रह्मघोषः’ (कविता) के लिए महामहोपाध्याय साधु भद्रेशदास, संथाली में ‘मिड बिर्ना चेनने साओन इनाग सागई’ (कहानी) के लिए सुमित्रा सोरेन, सिंधी में ‘वाघू’ (कहानी) के लिए भगवान अटलानी, तमिल में ‘तमिळ सिरुकथैयिन थडंगल’ (साहित्यिक आलोचना) के लिए सा. तमिलसेलवन, तेलुगु में ‘अनिमेष’ (कविता) के लिए नंदिनी सिद्धरेड्डी को साहित्य अकादमी पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।





