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- तीन बार प्रपोज करने के बाद शादी के लिए राजी हुईं मधु; जब उनकी पत्नी ऑपरेशन थिएटर में थीं तो एक फैन ने उनसे एक चुटकुला सुनाने को कहा।
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मशहूर अभिनेता सिद्धार्थ शाह का 74 साल की उम्र में निधन हो गया। वो फिल्मों और टीवी सीरियल्स में अपने कॉमेडी रोल्स के लिए याद किए जाते हैं। टीवी शो ‘साराभाई वर्सेज साराभाई’ में इंद्रवदन साराभाई का किरदार आजतक लोगों का फेवरेट बन गया है।

टीवी सीरियल ‘साराभाई वर्सेज साराभाई’ में शेराभाई शाह ने इंद्रवदन साराभाई का किरदार निभाया था।

तीन बार प्रपोज करने के बाद हुई शादी
70 के दशक में सिप्ता फिल्म फेस्टिवल के दौरान सिद्धार्थ शाह ने पहली बार डिजाइनर मधु को देखा था। मधु को देखते ही वो उन्हें अपने दिल दे बैठे और शादी के लिए प्रपोज कर दिया। लेकिन मधु नहीं मनती।
उन्होंने सिद्धार्थ शाह का प्रपोजल रिजेक्ट कर दिया। श्रीश शाह ने कुछ दिन बाद एक बार मधु को फिर से प्रपोज किया और फिल्म भी रिजेक्शन मिला। शेरशाह शाह का दिल टूट गया लेकिन वे मनी नहीं हारे।
मौका सलाह शौहर शाह ने जब तीसरी बार मधु को प्रपोज किया तो मधु ने साफ कहा कि शादी करनी है तो मम्मी-पापा से बात करनी होगी। उनके ख़ज़ाने के ख़िलाफों से मेरी शादी नहीं होगी। मधु के पिता की राजामंडी से मुलाकात के दौरान श्रीश शाह को थोड़ी परेशानी हुई लेकिन आखिरकार उन्होंने शादी कर ली।
प्रोफ़ेसर के एक महीने के अंदर दोनों की सगाई हो गई और कुल 8 महीने बाद 1972 में दोनों ने शादी कर ली। दोनों का कोई संत नहीं है।

श्रीश शाह के तीन बार प्रपोज करने के बाद पत्नी मधु से उनकी शादी हो पाई थी।
टाइपकास्ट होने को लेकर था गम
शेरशाह शाह की कॉमिक टाइमिंग कमाल की थी लेकिन उन्हें मूर्ति भी बना दिया गया। एक साक्षात्कार के दौरान शाह ने अपना यह दुख साझा किया था।
उन्होंने बताया कि शादी के तीन महीने बाद उनकी पत्नी मधु शाह का ऑपरेशन हो रहा था। ऑपरेशन थिएटर के बाहर वो इंतजार कर रहे थे। शाह ने कहा, ‘फैन आपसे उम्मीद करते हैं कि हर तरह की स्थिति में आप हंसते रहो, हंसते रहो। मेरी पत्नी बहुत बीमार थी। मैं बहुत था. तभी एक आदमी मेरे पास से बोला, ‘क्या यार आप सीरियस बैठे हो, अच्छा नहीं लग रहा।’ कोई जोक-वोक मारो.”
इस बात को सुनकर शाहराज शाह को बहुत गुस्सा आया लेकिन उन्होंने खुद को काबू में कर लिया और वहां से चले गए। इस बारे में सिद्धार्थ शाह ने कहा, ‘वो जोक मारने की बात कर रहा था, मेरा तो मन उसे पंच मारने का हो रहा था।’ लेकिन मैंने कुछ नहीं किया. ‘वहाँ से चला गया।’

जब भी हर एपिसोड में अलग-अलग कलाकार शामिल थे
1983 में आई फिल्म ‘जाने भी दो यारों’ में श्रीश शाह ने एक घटिया सरकारी अधिकारी का किरदार निभाया था। इस किरदार को आज तक हिंदी फिल्म के आइकॉनिक किरदारों में से एक माना जाता है।
सिद्धार्थ शाह ने 1984 में ‘ये जो है जिंदगी’ नाम का एक शो किया था जिसे सिद्धार्थ शाह और मंजुल सिन्हा ने निर्देशित किया था। इस शो के 55वें एपिसोड में हर एपिसोड में शशीर शाह ने एक और किरदार निभाया था। यही वो शो है जिसके बाद सिद्धार्थ शाह को पॉपुलैरिटी मिल गई। इसके बाद उन्हें देश के बेहतरीन कॉमिक एक्टर्स में से एक माना जाने लगा।
1995 में जी टीवी के शो ‘फिल्मी चक्कर’ में रत्ना पाठक सा के साथ उनकी जोड़ी को जनता का खूब प्यार मिला। इसके बाद ‘साराभाई’ में भी दोनों साथ नजर आए और काफी मशहूर हो गए।

श्रीश शाह की यह फोटो FTII के दिनों की है।
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