
नमूना चित्र
नई दिल्ली: चुनाव के दौरान वोटरों को निशाने पर लेने के लिए धनबल और वोटरों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। चुनाव आयोग ने इस मामले में अब तक कुल 8,889 करोड़ की नकदी और बकाया वसूली का नया रिकॉर्ड बनाया है। यह भी तब है जब चुनाव के तीन चरण बाकी हैं। आयोग का कहना है कि 8,889 करोड़ की जब्ती में 45 प्रतिशत बकाया है जबकि बाकी नकद है। आयोग का कहना है कि जल्द ही यह पात्र 9 हजार को पार कर जाएगा।
सर्वोत्तम समन्यवय और एसआईटी से मिली सफलता
आयोग का कहना है कि निगरानी और प्रयोगशालाओं में बड़े पैमाने पर डकैती हुई है। सभी शिक्षाओं के सर्वोत्तम समन्वय से यह सफलता मिली है। एक मार्च के बाद से इस जेबी में अहम बढ़ोतरी हुई है। आयोग का कहना है कि स्थानीय लोग, मुद्रा कर, निगरानी विभाग, सीमा शुल्क, स्थानीय पुलिस, अर्धसैनिक बल के अधिकारियों की सरकता और बेहतर मानक से यह सफलता मिली है। चुनाव आयोग आगे भी ऐसी कार्रवाई के साथ रहेगा।
849.15 करोड़ नकद बरामद
आयोग के अनुसार कुल 849.15 करोड़ नकद बरामद किये गये। सबसे ज्यादा कैश तेलंगाना (114 करोड़) से बरामद किये गये हैं। 814 करोड़ की शराब, 3958 करोड़ की शराब और 1260 करोड़ रुपये की कीमती धातुएँ बरामद की गईं।
सीईसी ने धन बल को प्रमुख चुनौती दी
आयोग के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में गुजरात, पंजाब, नागालैण्ड, त्रिपुरा और मिजोरम में बड़ी मात्रा में मौतें हुई हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने पिछले महीने आम चुनाव का बहिष्कार करते हुए धन बल को प्रमुख चुनौती बताई थी। आयोग का कहना है कि शराब, शराब, मुफ़्त की चीज़ें, कैश अलग-अलग स्तर पर प्रभावित होते हैं। इसलिए इन पर निगरानी जरूरी है। आयोग ने कहा कि गैजेट की ज़ब्ती पर भी विशेष ज़ोर दिया गया है।
