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नई दिल्ली24 मिनट पहले
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2024 लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में आज 6 राज्यों और 2 केंद्रों पर विपक्ष की 49 में वोटिंग होगी।
2019 में सबसे ज्यादा बीजेपी ने 32, बीजेपी ने 7, टीएमसी ने 4 पायदान बनाए। केवल यूपी कांग्रेस की ओपेरा सीट जीत पाई थी। अन्य को 5 प्रतिमाएं मिलीं।
इस चरण में राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी और पीयूष गोयल समेत 9 केंद्रीय मंत्री मैदान में हैं। समाजवादी से वायनाड सांसद राहुल गांधी भी चुनावी मैदान में हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार, चुनाव के छोटे-छोटे चरण 695 जिज़ाइल्स मैदान में हैं। इनमें 613 पुरुष और 82 महिला उम्मीदवार हैं। इनमें महिलाएं केवल 12% हैं।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) के अनुसार, इस चरण के 615 अभ्यर्थियों में से 23% यानी 159 अभ्यर्थियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, 227 यानी 33% उम्मीदवार करोड़पति हैं। इनके पास एक करोड़ या इससे अधिक की संपत्ति है। केवल एक अभ्यर्थी के पास अपनी संपत्ति शून्य बताई गई है।
इस चरण में सबसे अमीर अमीर उत्तर प्रदेश की पार्टी सीट से भाजपा के उम्मीदवार अनुराग शर्मा हैं। उनकी संपत्ति करीब 212 करोड़ रुपये है।
543 रीमेक में चौथे चरण तक 380 क्वार्टर में वोटिंग हुई है। 20 मई तक कुल 429 प्लेऑफ़ पर मतदान होगा। बाकी 2 स्टेज में 114 क्वार्टर पर वोटिंग होगी।




159 बच्चों पर हत्या, अपहरण जैसे गंभीर मामले दर्ज
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, 159 बच्चे ऐसे हैं, जिन पर हत्या, अपहरण जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें से 3 मासूम को किसी न किसी मामले में दोषी ठहराया गया है। 4 पर हत्या की कोशिश और 28 पर हत्या की कोशिश के मामले हैं। 29 महिलाओं के विरुद्ध अपराध के मामले दर्ज हैं। एक अभ्यर्थी के ख़िलाफ़ नामांकन (आईपीसी-376) से प्रवेश का मामला है। वहीं, 10 लड़कियाँ पर हेट स्पीच से जुड़े मामले दर्ज हैं।

33 प्रतिशत प्रतियोगी करोड़पति
एडीआर ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि इलेक्शन के बेसमेंट स्टेज में 695 से 227 यानी 33 फीसदी प्रतियोगी करोड़पति हैं। इनके पास एक करोड़ या इससे अधिक की संपत्ति है। बज़लिस की पास औसत संपत्ति 3.56 करोड़ रुपये है। सबसे ज्यादा बीजेपी के 36 उम्मीदवार करोड़पति हैं।
सबसे अमीर अमीर यूपी के सबसे अमीर बीजेपी उम्मीदवार अनुराग शर्मा हैं। उनकी संपत्ति करीब 212 करोड़ रुपये है। महाराष्ट्र की भिवंडी सीट से संतृप्त ब्लूटूथ भगवान सांबरे के पास 116 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जबकि मुंबई उत्तर सीट से भाजपा उम्मीदवार पीयूष गोयल के पास 110 करोड़ रुपये की संपत्ति है।

प्रतिष्ठित चरण में 9 केंद्रीय अभियंता और एक पूर्व मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा दांव पर…

पसंदीदा चरण की 10 हॉट पर एक नजर…
1.मोकर, यूपी

सोनिया के यूक्रेन जाने के बाद कांग्रेस ने सोनिया गांधी को टिकट दिया। सोनिया इस सीट से लगातार पांच बार न्यूनतम रह चुकी हैं। वहीं, आजादी के बाद कांग्रेस को तीन बार इस सीट से हार मिली। हालाँकि, 2019 के वोटो में बीजेपी के दिनेश प्रताप सिंह ने सोनिया को कड़ी टक्कर दी थी, लेकिन उनके 1.5 लाख वोट पीछे रह गए। बीजेपी ने उन पर फिर से भरोसा जताया है.
मल्लाह और नेहरू-गांधी परिवार का नाता पुराना है। इस सीट से चुनाव-उपचुनाव में कुल मिलाकर 16 बार कांग्रेस के उम्मीदवार को जीत मिली है जबकि तीन बार गैर कांग्रेसी उम्मीदवार विजयी रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी इस सीट से नीतीश कुमार की सीट पर जा चुकी हैं।
2. संविधान, यूपी

2019 चुनाव में लगातार तीन बार के सांसद राहुल गांधी चौथी बार सीट से मैदान में थे। राहुल के सामने बीजेपी ने 2014 के चुनाव में ईरानी स्मृति पर दूसरे नंबर की प्रतिद्वंद्वी बनी थी। स्मृति ईरानी को टैब 4 लाख 68 हजार 514 वोट मिले थे। राहुल के खाते में 4 लाख 13 हजार 394 वोट आए थे। इस बार भी बीजेपी ने स्मृति को ही टिकट दिया है।
राहुल के मोके के बाद कांग्रेस ने किशोरी लाल शर्मा को टिकट दिया है। किशोर यहां लंबे समय से सक्रिय हैं।
साल 1967 में सचिवालय सीट बनी थी। 1977 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी चुनाव लड़े। बिजली के खिलाफ चल रही लहर की वजह से संजय हार गए। उन्हें जनता पार्टी के सुपरस्टार प्रताप सिंह ने राजा भैया को हरा दिया था।
साल 1980 में संजय ने फिर से मैदान में उतरे और जोश में आकर संसद पर हमला बोल दिया। संजय गांधी की मौत के बाद राजीव गांधी इस सीट पर चुनावी मैदान में उतरे। 1984 में इस सीट पर राजीव और मेनका गांधी परिवार के दो सदस्य-मुखौटे थे। तब राजीव भारी मशीनरी से जीते थे।
1989 के लोकसभा चुनाव में भी राजीव गांधी इसी तरह से संसद भवन में बैठे। उनकी हत्या के बाद विधानसभा में कांग्रेस के पद पर आसीन हुए और 1996 के चुनाव में भी सीट पर बैठे। वर्ष 1998 में पहली बार भाजपा प्रत्याशी डॉ. संजय सिंह ने हासिल की जीत। 1999 में सोनिया गांधी इस सीट से पहली बार संसद में पहुंचीं। इसके बाद 2004 से 2019 तक राहुल यहां से जीते।
3. लखनऊ, यूपी

तीन बार के अल्पसंख्यक नेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एक बार फिर मैदान में हैं। वहीं, सपा ने रविदास मेहरोत्रा को मैदान में उतार दिया है। अटल बिहारी के दौर से लखनऊ बीजेपी का गढ़ माना जाता है। ग्राउंड लेवल पर रविदास अनुभवी हैं। 1989 में सबसे पहले जनदल के टिकट पर नेता चुनाव जीते थे। अंतिम दौर में भी वे नोएडा सेंट्रल से विधायक हैं।
4. कैसरगंज, यूपी

महिला कार्यकर्ताओं से यौन उत्पीड़न के आरोप में कार्यकर्ताओं ने कार्यकर्ताओं से बात करते हुए कहा कि इस बार भाजपा ने उनके बेटे करण जौहर को टिकट दिया है। सपा ने इस सीट से भगत राम मिश्रा को मैदान में उतार दिया है।
2019 में बृजभूषण सिंह ने टिकट के चंद्रदेव यादव को 2.5 लाख से ज्यादा की संपत्ति से हराया था। वहीं, 2014 में उन्होंने सपा के विनोद कुमार नॉट पंडित सिंह को 50 हजार से हराया था। साल 2009 के चुनाव में बृजभूषण ने सपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी।
5. सारण, बिहार

लोकनायक जय प्रकाश नारायण का गृह जिला सारण पहले राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो की सीट मानी जा रही है। लेकिन पिछले दो चुनावों में राजीव प्रताप रूडी ने इस गुणांक को अपने पक्ष में बदल दिया। उन्होंने साल 2014 में पुतली की पत्नी राबड़ी देवी को और 2019 में अपनी समधी चंद्रिका राय को हराया। रूडी के खिलाफ इस बार रोहिणी की बेटी रोहिणी चुनावी मैदान में हैं।
6. हाजीपुर, बिहार

पूर्व मंत्री केंद्रीय लेफ्टिनेंट पैन की सीट हाजीपुर से उनके भाई पशुपति पारस की जगह इस बार चर्च के मैदान में हैं। चिराग 2014 और 2019 की जीत में जमुई से दो साल पहले ही रह गए थे, लेकिन इन दोनों चुनावों में उनकी वजह मोदी लहर और पिता की लोकप्रियता रही है। ऐसे में इस चुनाव में उनके लिए खुद को साबित करने की लड़ाई लड़ी जा रही है।
7. मुंबई उत्तर, महाराष्ट्र

पहली बार लोकसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की पार्टी ने मुंबई में उत्तर प्रदेश की सीट बनाई है। इस सीट से बीजेपी ने सीलबंद न्यूनतम गोपालगंज के टिकट अनब्लॉक कर दिए हैं। वहीं, कांग्रेस ने पूर्व विधायकों को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। वे कांग्रेस की मुंबई इकाई के अध्यक्ष हैं और 25 साल से अधिक समय से राजनीति में सक्रिय हैं।
8. कल्याण, महाराष्ट्र

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और डॉक्टर श्रीकांत शिंदे कल्याण से लगातार तीसरी बार रिक्त स्थान पर हैं। उनके सामने महाविकास अघाड़ी के प्रतियोगी (यूबीटी) के दावेदार चुनौती मैदान में हैं। विचित्र को ताकर परिवार का करीबी माना जाता है। इससे पहले 2009 में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के टिकट से इसी सीट पर चुनाव लड़ा गया था। यहां शिंदे गुट और शहरी गुट में सीधा टकराव है।
9. मुंबई उत्तर मध्य, महाराष्ट्र

बीजेपी ने मुंबई नॉर्थ सेंट्रल से समाजवादी पार्टी की बेटी और समाजवादी पुतिन के टिकट असीमित हैं। उनकी जगह 26/11 के दोषी कसाब को फाँसी वाले केस के वकील ने सरकारी वकील बेंजामिन निकम को टिकट दिया है। वहीं, कांग्रेस ने गायकवाड़ को टिकट दिया है। वर्षा मुंबई के अध्यक्ष हैं।
10. बारामुला, जम्मू-कश्मीर

जम्मू-कश्मीर से एनोटेशन 370 उद्योगों के बाद पहली बार अर्धवार्षिक चुनाव हो रहे हैं। बारामूला सीट पर 25 हजार की दुकान पर पंडित भी वोट डालेंगे।
राष्ट्रीय सम्मलेन की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला चुनाव लड़ रहे हैं। उनके सामने पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के सज्जाद लोन मैदान में हैं। सज्जाद बीजेपी-पी डीपी सरकार में मंत्री रह चुके हैं. साथ-साथ लंबे समय से समलैंगिक संबंधों से जुड़े हुए हैं।
2014 में जम्मू और कश्मीर डेमोक्रेटिक डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार मुजफ्फर हुसैन बेग ने जीत हासिल की थी। वहीं, साल 2019 में जेकेएन वर्थ मोहम्मद अकबर लोन को जीत हासिल हुई थी।

ओडिशा में लोकसभा चुनाव भी
ओडिशा में सोमवार (20 मई) को 35 विधानसभा सीटों पर चुनाव होगा। 147 विधानसभा पर चार चरणों में चुनाव हो रहे हैं। 13 मई को 28 मिनिस्ट्री पर विकट हो गया है।
20 मई को 63 मिनट पर वोटिंग होगी। इसके बाद आने वाले स्टेज में बाकी 84 क्वार्टर पर वोटिंग होगी। 4 जून को होगी अंतिम दर्शन की गणना।
ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजेडी), भाजपा, कांग्रेस और सीयू अनाज (एम) प्रमुख उद्यम हैं। राज्य में अभी मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व में बीजद की सरकार है। वो 5 मार्च 2000 से लगातार सीएम हैं।
पटनायक सीएम पद पर रहने वाले देश के दूसरे सबसे बड़े नेता हैं। वे 24 साल से लगातार पद पर हैं। उनके आगे गठबंधन के पूर्व सीएम पवन चामलिंग हैं, जो 24 साल 166 दिन तक सीएम पद पर रहे।
ओडिशा में 2019 के विधानसभा चुनाव में बीजेडी ने 147 में से 113 सीटों पर जीत दर्ज की थी। बीजेपी को 23, कांग्रेस को 9, सी को 1-1 बढ़त मिली।

लोकसभा चुनाव 7 चरणों में हो रहे, नतीजे 4 जून को आएंगे

देश की 543 सीटों पर चुनाव सात चरणों में होंगे। पहले चरण की वोटिंग 19 अप्रैल को और आखिरी चरण की वोटिंग 1 जून को होगी। 4 जून को नतीजे आएंगे। चुनाव आयोग ने नोमास के साथ 4 राज्यों- आंध्र प्रदेश, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना विधानसभा चुनाव की तारीखें जारी की हैं। ओडिशा में 13 मई, 20 मई, 25 मई और 1 जून को वोटिंग होगी। पूरी खबर पढ़ें…
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