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- लोकसभा चुनाव 2024 चरण 4 की हॉट सीटों का अपडेट; बीजेपी कांग्रेस | वाईएसआरसीपी बीआरएस करोड़पति उम्मीदवार
नई दिल्ली16 मिनट पहले
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चुनाव आयोग के कर्मचारी ईवीएम और वीवीपैट लेकर शेखर से झारखंड के मतदान केंद्र गए।
2024 लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में सोमवार (13 मई) को 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 96 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। 2019 में सबसे ज्यादा बढ़त बीजेपी ने 42, कांग्रेस ने 22, कांग्रेस ने 9 और कांग्रेस ने 6 पर बढ़त बनाई। अन्य को 17 मंजिलें मिलीं।
चुनाव आयोग के अनुसार चुनाव के चौथे चरण में कुल 1,717 जुआरी मैदान में हैं, जिनमें 1,540 पुरुष और 170 महिला उम्मीदवार हैं। इनमें महिलाएं केवल 10% हैं।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) ने इस चरण के 1,710 युवाओं के हलफनामे में दी गई जानकारी एक रिपोर्ट तैयार की है। इनमें से 21% यानी 360 अभ्यर्थियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
वहीं, 476 यानी 28% उम्मीदवार करोड़पति हैं। इनके पास एक करोड़ या इससे अधिक की संपत्ति है। 24 की अपनी संपत्ति शून्य बताई गई है।
चौथे चरण में देश के दो सबसे अमीर लोग भी चुनावी मैदान में हैं। आंध्र प्रदेश के गुंटूर से टीडीपी की संपत्ति करीब 5,705 करोड़ रुपये और तेलंगाना की शेवेल सीट से बीजेपी की संपत्ति करीब 4,568 करोड़ रुपये है।
543 रीमेक में तीसरे चरण तक 284 रीमेक पर वोटिंग हो चुकी है। 13 मई तक कुल 380 प्लेऑफ़ पर मतदान होगा। बाकी 3 स्टेज में 163 क्वार्टर पर वोटिंग होगी।

चौथे चरण में 5 सेंट्रल इंजीनियर और दो पूर्व क्रिकेटरों की प्रतिष्ठा दांव पर…

274 अपराधियों पर हत्या, अपहरण जैसे गंभीर मामले दर्ज
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, 274 नाबालिगों में जिन पर हत्या, अपहरण जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें से 17 को किसी न किसी मामले में दोषी ठहराया गया है। 11 पर हत्या और 30 पर हत्या की कोशिश के मामले हैं।
महिलाओं के ख़िलाफ़ 50 अपराध के मामले दर्ज हैं। इनमें से 5 पर रेप का मामला भी दर्ज है। वहीं, 44 जिज्ञासुओं पर हेट स्पीच से जुड़े मामले दर्ज हैं।

28 प्रतिशत प्रतियोगी करोड़पति
एडीआर ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि इलेक्शन के चौथे चरण में 1,710 करोड़पति से 476 यानी 28 प्रतिशत दावेदार करोड़पति हैं। इनके पास एक करोड़ या इससे अधिक की संपत्ति है। बज़लिस की पास औसत संपत्ति 11.72 करोड़ रुपये है। बीजेपी (शिंदे गुट), बीजद, राजद, बीजेपी (यूबीटी), टीडीपी और बीआरएस की सभी पार्टियां करोड़पति हैं।
24 बिश्नोई ने अपनी संपत्ति शून्य बताई है। वहीं, आंध्र प्रदेश की बटाला सीट से पुरातन प्रतियोगी कट्टा आनंद बाबू के पास कुल 7 रुपये की संपत्ति है।

तीसरे चरण की 12 हॉट पोस्ट पर एक नजर…
1. कैनन, यूपी

उत्तर प्रदेश की कम्युनिस्ट सीट से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 12 साल बाद चुनावी मैदान में हैं। उनके सामने भाजपा के टिकट पर समाजवादी न्यूनतम सुब्रत पाठक हैं। कैन सीट सूप का गढ़ मणि जाता है। साल 1999 से 2019 तक 7 लोकसभा चुनाव में 6 बार यहां यादव परिवार का कब्जा रहा है।
प्रोफ़ेसर ने यह सीट को सेट के बाद अपने बेटों के लिए छोड़ दी। इसके बाद 3 बार यहां से समाजवादी बने। जब समाजवादी पार्टी यूपी के सीएम बनी, तब उन्होंने अपनी पत्नी डिंपल को यह सीट दी। डिंपल ने यहां दो बार के चुनाव में नेपोलियन से मुलाकात की। 2019 में डिंपल सिर्फ 12,353 सीट से हारीं। इस सीट पर समाजवादी पार्टी के सदस्य नहीं जाना चाहते हैं।
2. रेजिनगर, तेलंगाना

तेलंगाना की सिकंदर सीट पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी के खिलाफ माधवी लता को उतारा है। इसमें करीब 60 फीसदी मुस्लिम तो करीब 40 फीसदी हिंदू आबादी है। इस रेजिडेंट सीट पर 1984 से AIMIM लगातार जीत रही है।
हैदराबाद सीट पर असदुद्दीन ओवैसी के पिता लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी 1984 से 1999 तक लगातार 6 बार चुनाव जीती। इसके बाद 2004 से लेकर 2019 तक लगातार 4 बार से असदुद्दीन ओवैसी यहां से जीत रहे हैं। इस सीट पर कुल मिलाकर 10 बार से अधिक का कब्जा है।
3. कृष्णानगर, पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर विधानसभा सीट से टीएमसी ने इक्विन मोइत्रा को लगातार दूसरे मैदान में उतार दिया है। 8 दिसंबर 2023 को कैश-फॉर-क्वेरी मामले में उनके नामांकन को रद्द कर दिया गया था। यूक्रेन को पैसे लेकर संसद में प्रश्नोत्तरी मामले में दोषी पाया गया था।
यूक्रेन की भाजपा ने अमृता राय को टिकट दिया है। इस सीट पर साल 2019 के चुनाव में युनाइटेड ने बीजेपी के कल्याण को 63,218 वोटों से हराया था। वहीं, साल 2014 में टीएमसी के तापस पाल ने सीपीएम के शांतनु झा को हराया था।
4. बहरामपुर, पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल की बहरामपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के बड़े नेता अधीर रंजन चौधरी चुनावी मैदान में हैं। वर्जिनिया (कांग्रेसटीएमसी) ने अख्तर यूसुफ़ की सट्टेबाजी पर दांव लगाया है। बीजेपी के टिकट पर निर्मल कुमार साहा उतरे हैं। इस सीट पर 1999 से अब तक कांग्रेस के अधीर चौधरी ने लगातार चार बार जीत हासिल की है।
2019 के चुनाव में उन्होंने टीएमसी की अपूर्वा सरकार को 80 हजार से हराया था। बहरामपुर सीट पर 52% मुस्लिम आबादी है, लेकिन आज तक एक भी मुस्लिम सांसद लोकसभा में नहीं पहुंच पाया है।
5. आसनसोल, पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल की आसनसोलनोम सीट से कम्युनिस्ट शत्रुघ्न सिन्हा टीएमसी के टिकट दूसरी बार मैदान में हैं। बीजेपी ने एसएस अहलूवालिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 2019 में आसनसोल सीट से भाजपा से बाबुल सुप्रियो सांसद बने थे। इसके बाद 17 सितंबर 2021 को टीएमसी में शामिल हो गईं और बलियागंज विधानसभा से चुनाव जीत गईं।
अक्टूबर 2022 में विधायक बनने के बाद बाबुल सुप्रियो ने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया। यहां कश्मीर में टीएमसी से शत्रुघ्न सिन्हा जीते। उन्होंने बीजेपी की अग्निमित्रा पॉल को 3 लाख से ज्यादा वोटों से हराया था।
6. व्यवसाय, बिहार

बिहार के बेगुनेट से बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है. इंडी गठबंधन के तहत यह सीट सीपीआई की है। सीपीआई ने अपने पूर्व विधायक अमावस राय को उम्मीदवार बनाया है। 2019 लोकसभा चुनाव में सीपीआई ने प्रिय कुमार को टिकट दिया था। तब गिरिराज सिंह ने उन्हें 4 लाख से ज्यादा की रकम से हराया था।
7. खेडडी, यूपी

यूपी के केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी तीन बार चुनावी मैदान में हैं। उनके सामने समाजवादी पार्टी ने उत्कर्ष वर्मा मधु और कम्युनिस्ट ने अंशय कालरा को उतारा है। बीजेपी ने पहली बार इस सीट पर 1991 में जीत हासिल की थी। 1996 में भी पार्टी को जीत मिली थी। इसके बाद पार्टी को सीधे 2014 में जीत मिली, जब अजय मिश्र टेनी भाजपा के उम्मीदवार थे।
अक्टूबर 2021 में किसान आंदोलन के दौरान टेनी के बेटों पर किसानों पर कार चढ़ाने का आरोप लगा। वह लंबे समय तक ऐसे ही रहे जब तक कि मुजफ्फरपुर में बने रहे, लेकिन इन मस्जिदों के बावजूद एक बार फिर बीजेपी ने टेनी पर भरोसा जताया है।
8. नित्यानंद राय, उजियारपुर

बिहार की उजियारपुर लोकसभा सीट से केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय तीसरी बार चुनावी मैदान में हैं। उनके खिलाफ राजद ने आलोक कुमार मेहता और पैनल ने मोहन कुमार मौर्या को उतारा है। 2019 के चुनाव में नित्यानंद राय ने लगभग 3 लाख से अधिक वोटों से नेशनल लोक समता पार्टी के सुप्रीमो उग्र चौधरी को हराया था।
9. खूंटी, झारखंड

झारखंड की खूंटी सीट से केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा चुनावी मैदान में हैं। 2019 के चुनाव में वे काफी कम 1445 सीटों के अंतर से जीते थे। मुंडा के खिलाफ इस बार कांग्रेस ने कट्टरपंथियों काली चरण मुंडा को निशाना बनाया है। उनके भाई नीलकंठ सिंह मुंडा भाजपा के स्थानीय नेता हैं।
10. सिकंदराबाद, तेलंगाना

तेलंगाना के सिकंदराबाद लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी दूसरी बार चुनावी मैदान में हैं। उनके सामने कांग्रेस से दानम नागेंद्र, कम्युनिस्ट से बासवानंद दांडेपु, बीई से पदम राव टी की चुनौती है। यह सीट 1957 में अनुभव में आई थी। 2014 में बीजेपी के बंदारू सुपरस्टारेय ने चुनाव जीता था, वहीं 2019 में बीजेपी से ही जी. किशन रेड्डी ने चुनाव जीता था।
11. बर्धमान, पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल के बर्धमान से क्रिकेटर कीर्ति आजाद टीएमसी के टिकट यहां से चुनावी मैदान में हैं। उनके खिलाफ बीजेपी ने दिलीप घोष को हटा दिया है। यह सीट 2008 में संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों की बहाली के बाद 2009 में बनाई गई थी। टैब से पिछले तीन चुनावों में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, टीएमसी और भाजपा के संयुक्त सचिवों की टिप्पणी भेजी गई है। बीजेपी के एस. एस. अहलूवालिया ने 2019 में लगभग 3,000 से अधिक सीटें जीतीं।
12. उन्नाव, यूपी

यूपी की कम्युनिस्ट सीट से पूर्व केंद्रीय मंत्री और समाजवादी साक्षत्कार महराज तीसरी बार चुनावी मैदान में हैं। वह 10 साल से इस सीट से नाबालिग हैं। उनके इंडी गठबंधन के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने आलंबन को दावेदार बनाया है। 2019 के चुनाव में साक्षी महाराज ने स्पाइस मिर्ज़ा अरुण शंकर शुक्ला को 4 लाख से अधिक वोटों से हराया था।

लोकसभा चुनाव 7 चरणों में हो रहे, नतीजे 4 जून को आएंगे

देश की 543 सीटों पर चुनाव सात चरणों में होंगे। पहले चरण की वोटिंग 19 अप्रैल को और आखिरी चरण की वोटिंग 1 जून को होगी। 4 जून को नतीजे आएंगे। चुनाव आयोग ने नोमास के साथ 4 राज्यों- आंध्र प्रदेश, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना विधानसभा चुनाव की तारीखें जारी की हैं। ओडिशा में 13 मई, 20 मई, 25 मई और 1 जून को वोटिंग होगी। पूरी खबर पढ़ें…
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