- हिंदी समाचार
- राष्ट्रीय
- लोकसभा चुनाव 2024 लाइव अपडेट; पीएम मोदी राहुल गांधी नीतीश कुमार | चंद्रबाबू नायडू बीजेपी कांग्रेस एसपी जेडीयू
नई दिल्ली48 मिनट पहले
- लिंक

18वें लोकसभा चुनाव के नतीजे लगभग साफ हो गए हैं। 542 सीटों में से भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए को 292 और कांग्रेस के नेतृत्व वाली भारत को 233 सीटें मिल रही हैं। इसमें अकेले भाजपा को 240 वोट मिले हैं। यानी वह बहुमत (272) के आंकड़े से 32 सीटों के पीछे रह गई। 2014 में भाजपा को 278 और 2019 में 303 मौतें मिलीं।
इस बीच अब सरकार बनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। एनडीए बुधवार को सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है। वह अपने घटकों की बुधवार को बैठक बुलाई है। पीएम ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार और टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू को फोन कर मीटिंग के लिए बुलाया है।
उधर, राष्ट्रपति भवन में शपथ की तैयारियां शुरू हो गई हैं। आम लोगों के लिए 5 से 9 जून तक के लिए बंद कर दिया गया है। भारत गठबंधन की भी शाम को दिल्ली में बैठक बुलाई गई है। राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस बैठक में अगली रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक रात 2 बजे तक भाजपा को 240, कांग्रेस को 99, सपा को 37, टीएमसी को 29, डीएमके को 22, टीडीपी को 16, जेडीयू को 12, बीजेपी यूटीबी को 9, एनसीपी शरद पवार को 7, लालू प्रसाद यादव को 4 और लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास को 5, बीजेपी शिंदे को 7 सीटें पर जीत मिल चुकी थी।
भाजपा ने मध्य प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा में क्लीन स्वीप किया। 2019 में 9 राज्यों में सभी मौतें हुईं। 50 में से 19 केंद्रीय मंत्री हारे, 31 जीते। नोटा का रिकॉर्ड: इंदौर में 2.18 लाख वोट नोटा को गए। 2019 में बिहार की गोपालगंज सीट पर नोटा को रिकॉर्ड 51,600 वोट मिले थे।

भाजपा ने हिंदी बेल्ट में ही 71 सीटें गंवाईं, यूपी में 32 सीटें लेकिन पश्चिम-दक्षिण सीधी
- उत्तरप्रदेश: 80 में से 41 सपा और कांग्रेस ने मारे। 80 सीटों में से 36 सपा, 30 भाजपा, 5 कांग्रेस, 2 रालोद और 1 अपना दल को मिले। भाजपा की 32 सीटें घटीं, सपा की 31 सीटें बढ़ीं। इसके पीछे वजह यह रही कि भाजपा का राम मंदिर का नैरेटिव फेल हो गया। भाजपा फैजाबाद सीट पर 50 हजार से ज्यादा वोटों से हारी। भाजपा ने यहां के 7 सांसदों को इस बार टिकट नहीं दिया। इसका नुकसान भी हुआ। जबकि 80-90% वोट इंडी एलायंस की बर्बादी को गया।
- राजस्थान: 25 में से 14 भाजपा को, 8 कांग्रेस ने छीनीं। रालोपा एक सीट पर जीती। 2019 में भाजपा ने यहां 24 आत्महत्याएं कीं। 1 सीट रालोपा के पास थी। इस बार भाजपा ने जातीय समीकरण का गणित खराब कर दिया। आरक्षण को लेकर एससी-एसटी में अफसोस का असर वोटों पर हुआ। जाट-राजपूतों का गुस्सा और गुर्जर-मीणा का एक होना भी एक्स फैक्टर रहा। भाजपा का वोट शेयर 60% से घटकर 49% पर आ गया।
- हरियाणवी: भाजपा 10 में से 5 ही साइड बचा पाई। उसकी 5 सीडी छिन गई। भाजपा और कांग्रेस को 5-5 वोट मिले। 2019 में भाजपा ने यहां 10 मौतें की थीं। इसका सबसे बड़ा कारण किसान आंदोलन, एंटी इंकम्बेंसी और पहलवानों के विद्रोह का असर रहा। यही कारण था कि भाजपा को अपने आधे मुद्दे गंवानी पड़ीं।
- बिहार: भाजपा विचारधारा के साथ बड़े झटके से बच गई। भारत का वोट शेयर 9% तक बढ़ गया। 7 हासिल की। कुल 40 सीटों में से 12 दलित, 12 भाजपा, 5 लोजपा, 4 निर्दलीय, 3 कांग्रेस, 2 सपा ( सपा), 1-1 हम व दलित को दलित। 2019 में भाजपा 17, सपा 16, लोजपा 6 और एक कांग्रेस ने जीती थी। इस बार यहां भारत का वोट शेयर 2% घट गया। चुनाव से पहले राहुल गांधी के साथ मिलकर भाजपा बड़े नुकसान से बच गई।

- : केरल में भाजपा की समाप्ति, आप में जीत, आंध्र में 3 हार। कर्नाटक में 8 मौतें। यहां की कुल 129 सीटों में भाजपा को 29, कांग्रेस को 40 सीटें मिलीं। तमिलनाडु की 39 में से 22 द्रमुक ने, 9 कांग्रेस ने जीते। कर्नाटक की 28 सीटों में से 17 भाजपा, 9 कांग्रेस, 2 जेडीएस को। आंध्र की 25 में 16 टीडीपी, 4 वाईएसआर, भाजपा को 3 बुजुर्ग। केरल में कांग्रेस को 14, भाजपा को 1 सीट मिली। भाजपा, कांग्रेस को 8-8 मौतें हुईं। इस जीत की वजह आंध्र में टीडीपी से भाजपा का गठबंधन रहा है। केरल में चर्चित चेहरे सुरेश गोपी ने भाजपा का खाता खुलवाया। वेलामाउथ में बीआरएस का वोट भाजपा को रूपांतरण होने से उनके चैनल 4 से 8 हो गए। तमिलनाडु में भाजपा को कोई दिक्कत नहीं हुई, पर वोट शेयर बढ़ गया।
- तल: भाजपा की यहां 6 सीटें घटीं। 7 पैरों की बढ़ोतरी। जबकि वोट शेयर में 2% का ही अंतर रहा। 42 जूतों में से 29 पर दीदी का दबदबा रहा। भाजपा 12 पर सिमटी। कांग्रेस को एक सीट। 2019 में भाजपा 18 वी टीएमसी 22 जीती थी। बंगाल में हिंदुओं का वोट शेयर करीब 2% घटा और वोटों का 2% बढ़ा। संदेशखाली का मुद्दा अध्ययन कर रहा है। भारतीय गठबंधन का हिस्सा होने के बाद भी कांग्रेस से अलग लड़ाई से फायदे को फायदा मिला।
- महाराष्ट्र: भाजपा-एनसीपीआई को मारने से कांग्रेस को बड़ा फायदा मिला। लेकिन, भाजपा को बड़ा नुकसान हुआ। 48 सीटों में 10 भाजपा, 13 कांग्रेस, 9 दलित (उद्धव), 7 दलित (शिंदे), 7 एनसीपीआइ (शरद), 1 एनसीपीआइ (अजित) जीते। 2019 में 23 भाजपा, 18 बसपा और 4 एनसीपी ने जान गंवाई। शरद और उद्धव वास्तविक सिद्ध हुए, जबकि शिंदे-अजित नकली। सबसे बड़ा फायदा कांग्रेस को मिला। महज 17% वोट लेकर कांग्रेस यहां सबसे ज्यादा मौतें जीत गई और सबसे बड़ा वोट शेयर (26%) के बावजूद भाजपा 13 मौतें गंवाकर 10 पर आ गई।
- नार्थीस्ट : यहां के 8 राज्यों की कुल 25 सीटों में से 13 भाजपा व 7 कांग्रेस जीतीं। मणिपुर में भाजपा दोनों मरे हारी। कारण- मणिपुर हिंसा।













अब इंतजार है मोदी की तीसरी पारी का…

राष्ट्रीय चुनाव 2024 की ताज़ा खबरें, रैली, बयान, मुद्दे, इंटरव्यू और डीटेल एनालिसिस के लिए दैनिक भास्कर ऐप डाउनलोड करें। 543 मतदान की जानकारी, परिणाम, मतदान और ताज़ा जानकारी एक क्लिक पर।
