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Lebanon Israel Truce Deal: अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच एक और कूटनीतिक पहल देखने को मिली है. लेबनान और इजरायल के राजदूतों ने पहली बार सीधे बातचीत की है और 14 अप्रैल को वॉशिंगटन में बैठक पर सहमति बनी है. हालांकि लेबनान ने साफ किया है कि वह तभी वार्ता करेगा जब पहले युद्धविराम लागू होगा. इस बातचीत के बाद भी एक अटैक में 13 लोगों की मौत हो गई.
लेबनान में हमले के बाद मची तबाही.
Lebanon Israel Meeting: अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में बातचीत होने वाली है. ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच चुका है. इस बीच एक और कूटनीतिक मोर्चे पर हलचल देखी जा रही है. युद्ध के बीच लेबनान और इजरायल के राजदूतों के बीच पहली बार सीधे संपर्क स्थापित हुआ है. तनावपूर्ण हालात के बीच दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने फोन पर बातचीत की और अगले हफ्ते होने वाली शांति वार्ता का रास्ता साफ किया. लेबनान के राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक यह बातचीत अमेरिका में लेबनानी दूत नदा हमादेह और अमेरिका में इजरायल के राजदूत येचिएल लेइटर के बीच हुई, जिसमें अमेरिका ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई.
लेबनान-इजरायल में कब होगी मीटिंग?
दोनों देशों ने सहमति जताई है कि 14 अप्रैल को वॉशिंगटन स्थित अमेरिकी विदेश विभाग में पहली आधिकारिक बैठक होगी. इस बैठक में युद्धविराम और आगे की बातचीत के ढांचे पर चर्चा की जाएगी. अधिकारियों के मुताबिक यह पहल अमेरिका की मध्यस्थता में चल रही व्यापक कूटनीतिक कोशिशों का हिस्सा है, जिसका मकसद संघर्ष को रोकना और औपचारिक वार्ता शुरू करना है. हालांकि जमीन पर हालात अब भी बेहद गंभीर बने हुए हैं.
इजरायल ने लेबनान पर फिर किया हमला
शनिवार को इजरायल ने लेबनान की एक सरकारी बिल्डिंग पर हमला किया. इसमें 13 लोगों की मौत हो गई. शांति वार्ता की खबरों के बीच यह हमला टेंशन पैदा करने वाला है. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इस हफ्ते इजरायली हमलों में एक ही दिन में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 1100 से अधिक लोग घायल हुए. वहीं इजरायल का दावा है कि उसने बेरूत में हमले के दौरान हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम के करीबी सहयोगी अली यूसुफ हरशी को मार गिराया है.
लेबनान ने क्या रखी है शर्त?
BBC की रिपोर्ट के मुताबिक लेबनान ने साफ कर दिया है कि वह इजरायल के साथ सीधी बातचीत तभी करेगा जब पहले युद्धविराम लागू किया जाएगा. राष्ट्रपति कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बिना सीजफायर के किसी भी वार्ता में शामिल होना संभव नहीं है. अमेरिका भी लगातार इजरायल पर दबाव बना रहा है कि वह लेबनान में हिजबुल्ला पर हमले रोक दे. इसका सबसे बड़ा कारण ईरान के साथ इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत है. दरअसल ईरान ने साफ कहा है कि जब तक लेबनान पर हमले नहीं रुकते तब तक अमेरिका के साथ शांति पर कोई बात नहीं होगी. अमेरिका नहीं चाहता कि सिर्फ लेबनान पर अटैक के कारण बातचीत रुक जाए.
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योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें





