राजस्थान में पानी के लिए आत्महत्या…। अलवर जिले में पानी के संकट से जूझते 78 साल के वकील ने बुधवार (5 जून) को फंडा पकड़कर अपनी जिंदगी खत्म कर दी। सुसाइड से पहले भी पड़ोसी से पूछा था, पानी आया क्या…। उनके घर एक बूंद पानी तक नहीं आता है। कष्ट
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अलवर शहर के बस स्टैंड के पास भैरू के चबूतरे में वकील मोहन लाल सैनी का घर है। घर की गली में सामने की तरफ पानी का बोरवेल लगा हुआ है। गुरुवार को जब भास्कर टीम वहां पहुंची तो गली की एंट्री पर खुदाई होती दिखी। बात करने पर पता चला कि पानी की लाइन में वॉल्विंग का काम चल रहा है। आगे बढ़ना तो पूरी गली सुनना था। एक घर के बाहर तंबू लगा था। कुछ महिलाएं बरामद में बैठी थीं। यह वकील मोहन लाल का घर था। बाहर उनके नाम की नेमप्लेट लगी थी। परिवार के लोग उनका अंतिम संस्कार करने गए थे।

वकील मोहन लाल की पत्नी शशिबाला और छोटी बेटी आरती के साथ इस घर में रहते थे। इलाके में छह महीने से पानी की समस्या है। घर में पानी की उपलब्धता नहीं हो रही है। पत्नी चलने-फिरने में असमर्थ है। इस कारण उन्हें पानी के लिए घर से करीब 350 मीटर दूर पुरुषार्थी कूदना पड़ा। वहाँ एक बाल्ट पानी के लिए एक घंटे से ज्यादा इंतजार करना पड़ता था। इस कारण वह परेशान हो गए थे। ज्यादा उम्र के कारण दूर तक जाने में असमर्थ थे।

यह वकील मोहन लाल सैनी की साइकिल है। इस साइकिल पर ही वे दोपहर में बाल लटकाकर पुरुषार्थी धर्म के पास बोरवेल से पानी लेकर जाते थे।
उनके घर से लौटते समय एक साइकिल पर नजर पड़ी। पता चला कि यह साइकिल वकील मोहन लाल सैनी की है। इस साइकिल पर ही वे पानी लेकर गए थे। साइकिल भी पानी के संकट से जूझते बुजुर्ग वकील के दर्द में उनकी सहभागी रही है।
वकील मोहन लाल के घर के बाद उन गलियों के पहले अंत से लेकर अंतिम अंत तक रहने वाले लोगों से बात की। पढ़िए इस गली में रहने वाले लोगों ने क्या कहा…
70 साल की बुजुर्ग महिला बोलीं- 500 रुपए देकर टैंकर मंगवाते हैं
एक घर के बाहर मंदिर जाती बुजुर्ग महिला। हमने बात की तो उन्होंने बताया कि उनका नाम रामवती है और उम्र 70 साल है। उन्होंने कहा- हम प्यारे मर रहे हैं। अब दोपहर के समय किसी मंदिर में जाकर पूजा करने का क्या है। लेकिन क्या करें, पानी नहीं आता है। इतना बोलकर वे हमें अपने घर के अंदर लेकर गए। चौक में रखे पानी से भरे ड्रम दिखाए जाते हैं और बोलीं- हर दिन 500 रुपए देकर टैंकर मंगवाते हैं। उसके पानी के ड्रम और छत पर रखे टंकी में भरते हैं।

बुजुर्ग रामवती ने अपने घर में पानी से भरे ड्रम बजाए।
वकील मोहन लाल ने भगवान के बारे में कहा- अरे भाई पानी की समस्या है। पानी की समस्या के कारण वे चल बसे। दोपहर में अपनी साइकिल पर पानी लेकर गए। मैंने कई बार कहा था कि दोपहर में मत जाओ…गर्मी हो जाएगी, लेकिन पानी के बिना रह भी नहीं सकते थे।

पानी के लिए आत्महत्या की घटना के बाद आज सुबह कुछ घरों में पानी भरा हुआ था, लेकिन वह बिल्कुल मटमैला था।
सुबह गंदा पानी आया, कूलर में भरा
बुजुर्ग महिला के बेटे मनोज कुमार ने कहा- बिल्कुल भी पानी नहीं आता है। सुबह के समय गंदा पानी आया था। उसे हमने कूलर में भरा है। वकील साहब भी परेशान थे। इस कारण आत्महत्या कर ली गयी।
इतनी में बुजुर्ग महिला की बहू सुमन आ गई। वकील साहब के सुसाइड पर वे बोलें- उनकी पत्नी चल नहीं सकतीं। बेटे-बहू बाहर रहते हैं। इस कारण वे ही साइकिल पर पानी लेकर गए थे। लोग मुझसे भी मिले थे। साइकिल से पानी लेकर आ रहे थे।

वकील साहब साइकिल पर बाल लटका कर पानी ले जाते थे
स्थानीय निवासी दीनदयाल शर्मा ने बताया- हमने कई बार वकील साहब को साइकिल पर पानी ले जाता देखा है। वे साइकिल के हैंडल पर बटन लटका कर ले जाते थे। वैसे तो पूरा खत्म ही परेशान है। यहां एक-दो मकान में तो बिल्कुल पानी नहीं आता। उन्होंने कहा कि मेरी पत्नी और बेटी पानी लेने जाती हैं। मेरे घर में भी बहुत कम पानी आता है।
साइकिल से दिन में कई चक्कर लगते थे
गली से गुजरते हुए हमें बाइक पर लोकेश मिश्रा मिले। हमने उन्हें भी पानी की समस्या के बारे में जाना। वे भी वकील मोहन लाल से परिचित थे। उन्होंने बताया- उनके पास स्कूटी नहीं थी। केवल साइकिल थी। वह साइकिल से ही पानी लाती थी। दिन में कई चक्कर लगते थे। सुसाइड करने से पहले भी पड़ोस में पानी ले जाया गया था। उनका घर ऊंचाई पर है। इस कारण वहां बिल्कुल पानी नहीं आता है।
उन्होंने बताया कि यहां भ्रष्टाचार है। यहां ढाबे और भोजन में अवैध कनेक्शन है। एक ही बोरिंग से एक हजार घर पानी पीते हैं। फिर वहां से थोड़ा दूर पानी नहीं जाता है। यह बड़ी बात है कि पानी की कमी के कारण बुजुर्ग ने आत्महत्या कर ली।
गली के पहले छोर से लेकर आखिर तक रहने वाले लोगों से बात की तो पता चला कि 6 महीने से पानी की समस्या ज्यादा है। वकील साहब का मकान ऊंचाई पर था। इस कारण उनके घर में एक बूंद भी पानी नहीं आता था।

गुरुवार को वकील मोहन लाल सैनी के घर में बैठी महिलाएं बरामद हुईं।
दुर्घटना के दूसरे दिन लाइन में वॉल्व आत्माओं का काम
लाइनमैन चिम्मन लाल ने कहा- भैरू का चबूतरे की तरफ पानी नहीं जा रहा है। इस कारण लाइन में उलझे हुए हैं। पहले कुछ मकानों में पानी नहीं जा रहा था। लाइनमैन ने कहा कि पहले भी पानी की समस्या थी। पहले भी कुछ लोग आते थे, लेकिन आस-पड़ोस के लोगों ने ऐसा नहीं किया। अब घटनाएँ बाद में घटित होने लगी हैं। अब किसी का विरोध नहीं है। पानी की उपलब्धता दोनों तरफ बराबर कर देंगे। दोनों तरफ पानी जाने वाला।
टीके को नहीं परवाह
मामले में सुनील गर्ग ने कहा कि मुझे जानकारी नहीं है। लाइन का काम हुआ या नहीं। यह एक्सईन ही बताऊँगा। एक्सईएन संजय सिंह से जवाब मिला कि वे तो सर्वोच्च में आए हैं। उनकी जानकारी में कोई अपडेट नहीं है। आकर ही बताने को कहा।

वन मंत्री जंगल सफ़ारी में मस्त, लोग पानी की कमी से जीते रहे
वकील के सुसाइड के बाद हलचल भी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली नेवले के सुसाइड को लेकर कहा गया है। उन्होंने वन मंत्री संजय शर्मा को भी घेरा। कहा- अलवर की जनता पानी की कमी से प्रभावित हो रही है और वन मंत्री शेर का शिकार देखने के लिए जंगल सफारी में मस्त हैं। घटना के बाद प्रशासन और जनप्रतिधि ही जाकर नहीं मिले। वे मानकर चलते हैं कि पानी की परेशानी से किसी ने आत्महत्या कर ली। ये सुसाइड नहीं है। प्रशासन की कमी से मर्डर हुआ है। इस मामले में बड़े से बड़े अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
झूठा दावा करते रहे
टीकाराम जूली ने कहा- कांग्रेस के समय पानी की ऐसी समस्या नहीं थी। हमने किल्लत को सुना था। उस समय तो वन मंत्री संजय शर्मा कह रहे थे कि कांग्रेस ने पानी को रोक रखा है। टीकाराम ने पानी रोक रखा है। कहते थे पानी की व्यवस्था हमें सिलीसेढ़ से संक्रिया करा रखी है। मैं कहता हूं संजय शर्मा ने जो पानी सेंक्शन फ्रेमवर्क बनाया है, उसे कॉपी दिखाएं। मैं दावे के साथ कहता हूं, सिलीसेढ़ से पानी लाने की कड़ी दिखाता हूं। मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा। ये सिर्फ झूठा दावा करते रहे। कभी जलकुंभी लपेटे थे। कभी सिलीसेढ़ में जाकर रहते थे। अलवर की जनता का क्या हाल हो रहा है। अब उनकी सरकार है।
