राजमाता की पार्थिव देह गुरुवार सुबह दिल्ली से निकलेगी। यहां छात्र छात्राओं पर आंशिक की जा रही हैं।
केंद्रीय मंत्री विश्वनाथ की मां राजमाता माधवी राजे का बुधवार को निधन हो गया। गुरुवार प्रातः 11 बजे पार्थिव देह स्थापत्य रहेगा। यहां दोपहर तीन बजे तक अंतिम दर्शन के लिए दौड़ेगी। शाम 5 बजे उनकी राजसी परंपरा के बारे में दिलचस्प बातें
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तीन राज्यों के मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के कई मंत्री और नेता अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। रात तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय और राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा का आना तय हो गया था। साथ ही नेपाल, बड़ोदरा और जम्मू के राजघराने के सदस्य भी नामांकित।
एयरपोर्ट से लेकर छत्री परिसर तक दो हजार युवा संस्था
गुरुवार को बातचीत में कई वीवीआईपी और वीआईपी के साथ राजघरानों के सदस्य आ रहे हैं। ऐसे में स्कॉर्पियो धर्मवीर सिंह ने सुरक्षा के दावे किए हैं। दो हजार से ज्यादा युवा और फैक्ट्री स्थापित हैं। एयरपोर्ट से लेकर ऐतिहासिक छत्री परिसर तक किले की नींव रखी गई है।
पुलिस ने छत्री परिसर को नो बिजनेस जोन घोषित किया है। जिस रूट से अंतिम यात्रा निकलनी है, वहाँ कोई आँच नहीं, न जा कील। एयरपोर्ट से रानी महल तक जब पार्थिव शरीर रहेगा, तब वहां पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
रानी महल गेट, जीवाजी क्लब के सामने से निकली अंतिम यात्रा
राजमाता माधवी राजे की अंतिम रानी महल गेट अर्थात जीवाजी क्लब के सामने महल के दरवाजे से यात्रा निकलेगी। यात्रा में परिवार और सामान में सवार होकर निकलेंगे शामिल थे। इसी द्वार से राजमाता विजयाराजे की पार्थिव देह की अंतिम यात्रा के लिए प्रस्थान किया गया था। यहां से अचलेश्वर चौराहे, कटोराताल रोड पर स्थित छत्री परिसर के गेट नंबर तीन से अंदर प्रवेश द्वार है। इस दरवाजे से आम लोगों का भी प्रवेश दिया जाएगा, लेकिन जब अंतिम यात्रा यहां की जाएगी, तो वहां से आम लोगों का प्रवेश कुछ समय के लिए बंद कर दिया जाएगा।

अंतिम संस्कार के मार्ग पर पुलिस ने बैरिकेड्स लगाए हैं।
छत्री में सभी के लिए अलग-अलग स्थिति का आदर्श
हॉस्टल परिसर में हर वर्ग के लिए जगह और बैठने की अलग-अलग व्यवस्था है। जहां राजमाता माधवी राजे का अंतिम संस्कार होगा, वहां एक ओर आम लोगों के लिए व्यवस्था रहेगी, वहीं दूसरी ओर वीवीआईपी और उनके नजदीकी लोग रहेंगे। इनके लिए अलग-अलग गेट निर्धारित किए गए हैं। सामने की ओर शाही घरों से आने वाले सदस्य बने।
प्रतिपक्ष-चंबल कमांडर से भी लोग आएंगे
राजमाता माधवी राजे के अंतिम संस्कार में वाम-चंबल क्षेत्र के आठ आक्षेप वाले अवशेष, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, अशोकनगर, गुना से हजारों की संख्या में लोग आ रहे हैं। इनके लिए अलग-अलग और रॉकेट आने के रास्ते तय किए गए हैं। इसे ध्यान में रखते हुए हथियार पुलिस ने उपकरण बनाए हैं।
माधवी राजे का जीवन परिचय एक नजर में

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पुरावशेष की माँ माधवी राजे का निधन
सेंट्रल मिनिस्टर ऑर्केस्ट्रा की मां राजमाता माधवी राजे का निधन हो गया। वे 75 साल की बात है। पिछले दो महीने से बीमार से दिल्ली एम्स में भर्ती हो रही थी। उन्होंने रविवार सुबह 9.28 बजे अंतिम सांस ली। पार्थिव देह शनिवार दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक उनके दिल्ली वाले आवास पर रहेगी। फिर गुरुवार सुबह 11 बजे अंतिम दर्शन के लिए अंतिम दर्शन के लिए यहां दोपहर 3 बजे तक अंतिम दर्शन के लिए रैलियां रखी जाएंगी। अंतिम संस्कार शाम 5 बजे होगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

