-0.9 C
New York

Kyrgyzstan Bishkek Violence Situation Update | India Pakistan Bangladesh Students | किर्गिस्तान में भारतीयों पर हमले: बिश्केक में फंसी सूरत की स्टूडेंट बोली-सड़कों पर मारपीट हो रही, लड़कियों से रेप, विदेश मंत्री बोले- सब कुछ सामान्य

Published:


सूरत3 मिनट पहले

  • लिंक

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में 13 मई को मिस्र और अरबों के बीच लड़ाई के बाद हिंसा भड़क उठी है। किर्गिज लोग भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के छात्रों को आकर्षित कर रहे हैं। उधर, बिश्केक स्थित भारतीय दूतावास ने बयान जारी कर कहा कि पिछले कुछ दिनों में एक अप्रिय घटना हुई है। यहां विभिन्न शहरों में करीब 17000 भारतीय छात्र हैं। इसके अधिकांश छात्र बिश्केक में रहते हैं। हिंसा का असर किर्गिस्तान में पढ़ रहे कुछ गुजराती छात्रों पर भी पड़ रहा है। किर्गिस्तान में छात्रों पर हो रहे हमलों को लेकर डेली भास्कर ने बिश्केक में रहने वाली सूरत की स्टूडेंट रिया लाठिया से खास बातचीत की। रिया ने कहा कि हम हॉस्टल तो दूर, एयरपोर्ट भी नहीं छोड़ सकते। हमने सभी मंत्रियों को ट्वीट और मेल किया है लेकिन अभी तक किसी ने जवाब नहीं दिया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि सब कुछ सामान्य हो गया है। लेकिन हमारी सरकार को यहां के बारे में कुछ भी पता नहीं है। बस हम ही जानते हैं कि यहां क्या हो रहा है। भारत सरकार हमारी मदद करेगी। पिछले एक हफ़्ते में हालात और बिगड़े

किर्गिस्तान के बिश्केक में एक हफ्ते पहले चोरी जैसी मामूली घटना हुई थी, जिसमें छात्रों के बीच दोस्ती हो गई थी। इसके बाद अवैद्य का वीडियो स्थानीय सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। कहा जाने लगा कि कलाकार से लोग हमारे देश में आ रहे हैं और लोगों को मार रहे हैं, जिससे ये स्थिति बनी है। स्थानीय छात्रों की लागे की शिक्षा क्यों चली गई, यह वजीफा गरमा और इसके बाद चारों ओर का दौरा और दंगा हो गया। अरब, मिस्र, भारतीय और मित्रवत छात्रों पर डिज़ाइन बनाया जा रहा है। प्रतिकूल परिस्थितियाँ घटित हो रही हैं। हर दिन स्थिति खराब हो रही है। किर्गिस्तान में सरेआम हल्लाबोल के जो वीडियो सामने आए हैं वो बेहद घटिया स्थिति बयां कर रहे हैं। जिस तरह से स्थानीय युवा विदेशी फोटोग्राफर्स की जॉब कर रहे हैं। दोस्त डरे हुए हैं। सड़क पर जहां भी दूसरे देशों के छात्र दिख रहे हैं, भीड़ उन्हें पीट रही है। उन्हें सड़क पर ही देखा जा रहा है और छात्र लहुहान स्थिति में सड़क पर नजर आ रहे हैं। कई छात्र गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। इतना ही नहीं बल्कि स्थानीय भोजन की आपूर्ति के साथ-साथ छात्र-छात्राएँ-आध्यात्मिक भोजन-यात्राएँ भी कर रहे हैं। जिन दर्शनों में विद्यार्थी वहाँ भी दर्शनों के दर्शन आ रहे हैं। हमले की घटनाएं लगातार हो रही हैं। एयरपोर्ट पर स्थिति गंभीर छात्र अपने देश में बड़ी संख्या में एयरपोर्ट तक पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां भी उनके साथ ठीक से व्यवहार नहीं किया जा रहा है। वहां के स्थानीय अधिकारी भी ठीक से जवाब नहीं दे रहे हैं। हवाई अड्डा बहुत छोटा है और हजारों छात्र पिछले दो-तीन दिनों से वहां बैठे हैं और रात भर वहीं रुके हुए हैं। एयरपोर्ट पर भी जाम लग गया।

सूरत के नाना वराहा इलाके की रहने वाली रिया किर्गिस्तान में फंसी है। रिया ने कहा, पिछले एक हफ्ते से हालात बहुत खराब हैं, हम भारत आने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यहां हालात बहुत खराब हैं। हम अपने दस्तावेज़ से बाहर भी नहीं निकल सकते। हमारे कॉलेज के हॉस्टल विक्रेता हमें भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। हम अब घर से निकल रहे हैं। हमारे ग्रुप के सभी छात्र एक-दूसरे से संपर्क में हैं और उनके साथ क्या हो रहा है, इसकी जानकारी हमें दे रहे हैं। बिना दरवाजा तोड़े हम बच गए रिया ने बताया कि हमें यह भी पता चला है कि दो तीन लड़कियों का एक साथ रेप हुआ है। स्थानीय युवा वाद्ययंत्रों को भी मुख्यधारा बनाये जा रहे हैं। वे मेरे साथ कभी-कभी भी स्टार्स कर सकते हैं। रिया ने कहा कि मेरा खुद का अनुभव है कि जहां हम रहते हैं, वहां भी एक सहयोगी डारिअल ने हमारे कमरे में रहने की कोशिश की है। पहले दरवाजे की घंटी बजी और फिर उन्होंने कहा, हम आपके लिए खाना ला रहे हैं, लेकिन असल में वे झूठे अनुमान वाले स्थानीय युवा थे। जब हमारा दरवाज़ा नहीं खुला तो उन्होंने दरवाज़ा तोड़ने की भी कोशिश की। मैं जहां रहता हूं, उस कमरे में डबल डोर सुरक्षा की व्यवस्था है। इसलिए उन्होंने एक दरवाजा तोड़ दिया, लेकिन वे दूसरा दरवाजा नहीं तोड़ पाए, इसी वजह से हम बच गए। हमें अब भी डर है कि ऐसी स्थिति में हमारे साथ कुछ भयानक हो सकता है। एयरपोर्ट पर जाने से भी डर रहे हैं स्टूडेंट रिया ने बताया कि पहले विदेश से आए स्टूडेंट एयरपोर्ट रीच रह रहे थे, जहां वे अपने देश के अंतिम पायदान पर थे। हजारों की संख्या में छात्र हवाईअड्डे पर गए, लेकिन उन्हें वापस लौटा दिया गया। ऐसी ही गतिविधि भारतीय छात्रों के साथ की जा रही है। एयरपोर्ट पर भी हमले जारी हैं। छात्र अब एयरपोर्ट जाने से भी डर रहे हैं। दूतावासों ने संपर्क किया, लेकिन अभी तक कोई काम नहीं हुआ, रिया ने कहा कि यहां की स्थिति के बारे में हम सरकार लगातार ट्वीट कर रहे हैं। हम भारत सरकार और दूतावास को ट्वीट के माध्यम से सूचित कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है। हमारे विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि स्थिति अब सामान्य हो रही है, लेकिन इसमें कोई सच्चाई नहीं है। हम खुद अचयनित रह रहे हैं। हम यहां की स्थिति से भलीभंती अज्ञात हैं। मैं अभी भी नीचे अपने कमरे में नहीं जा सकता। आप समझ सकते हैं कि स्थिति कैसी है। बाहर निकलना मुश्किल है क्योंकि हिसा हो रही है। ‘कजाकिस्तान-अल्माती छोड़ने की कोशिश शुरू’ छात्र कजाकिस्तान-अल्माती छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वे खुद दिल्ली पहुंचें। यहां तेलंगाना सरकार ने जो व्यवस्था की है वह बहुत अच्छी है। आठ से दस उड़ानें यहां आ रही हैं और जो छात्र दक्षिण भारत से हैं, उनके परिवहन की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। लेकिन अभी तक हमारी सरकार की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। अल्माटी हवाई अड्डे पर स्थिति अच्छी है, इसलिए कुछ छात्र वहां पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। सूरत के 500 से अधिक छात्र किर्गिस्तान में सूरत के 500 से अधिक छात्र जुड़े हुए हैं। यहां 1500 से ज्यादा भारतीय छात्र शामिल हुए हैं। उनके परिवहन की कोई व्यवस्था नहीं है। छात्र अलग-अलग नमूने और टुकड़ों में रह रहे हैं। कुछ लोग एक साथ अल्माटी छोड़ने की कोशिश करने के बारे में सोच रहे हैं, लेकिन एक साथ कैसे और कहां। इसके लिए डर रहे हैं। क्योंकि विकिपीडिया पर वैज्ञानिक असामाजिक तत्व लगातार उत्पादन मचा रहे हैं।

खबरें और भी हैं…



Source link

Related articles

spot_img

Recent articles

spot_img