उबालकर, भूनकर या भिगोकर…यहां जानिए चना खाने का सही तरीका


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चने को कच्चा भिगोकर, भूनकर और उबालकर तीनों तरीके से खा सकते हैं. कई बार चना खाने से समस्या होती है. कई लोगों को चना पचता नहीं है. चना खाने के बाद समस्याएं होती है. ऐसे लोगों को परहेज करना चाहिए. बाकी लोगों को चना अपने डाइट में जरुर रखना चाहिए. चने में सबसे ज्यादा आयरन व केल्शियम मिलता है.

मिर्जापुर: अक्सर आप चना को अलग-अलग तरीके से खाते हैं, लेकिन आपको चना खाने का सही तरीका नहीं पता होगा. कई बार पेट में समस्या होने की वजह से मन में भ्रम रहता है कि चना खाए या ना खाएं. मंडलीय अस्पताल की डाइटिशियन डॉ. ज्योति सिंह ने चना खाने को लेकर टिप्स बताए हैं. जिनकी पाचन शक्ति कमजोर है. वह भी चना खा सकते हैं. वहीं,  चना को प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम की कमी वाले व्यक्ति की डाइट में शामिल कर सकते हैं. अलग-अलग तरीके से चने का सेवन करने से शारीरिक ऊर्जा में वृद्धि होती है.

डॉ. ज्योति सिंह ने बताया कि अभी चना खाने के लिए हरा उपलब्ध है. सीजन वहीं चल रहा है. ऐसे में हरे चने को खा सकते हैं. कई बार मन में सवाल रहता है कि चने का सेवन कैसे करें. चने को कच्चा भिगोकर, भूनकर और उबालकर तीनों तरीके से खा सकते हैं. कई बार चना खाने से समस्या होती है. कई लोगों को चना पचता नहीं है. चना खाने के बाद समस्याएं होती है. ऐसे लोगों को परहेज करना चाहिए. बाकी लोगों को चना अपने डाइट में जरुर रखना चाहिए. चने में सबसे ज्यादा आयरन व केल्शियम मिलता है. यह शारीरिक ऊर्जा के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. चना दाल में आता है. ऐसे में प्रोटीन का भी बड़ा सोर्स है. इसलिए डाइट में चना और दाल दोनों रखने से फायदा मिलता है. शारीरिक ऊर्जा बढ़ती है. आयरन और प्रोटीन भरपूर मात्रा में चना से मिल जाता है.

स्नेक्स में करें प्रयोग

डॉ. ज्योति सिंह ने बताया कि अगर आपको पेट से जुड़ी हुई समस्या है. चना खाने से डर लग रहा है तो उबालकर या चने को छीलकर खा सकते हैं. चना दाल सबसे उत्तम है. अगर चना दाल नहीं है तो बेसन के साथ फेंटकर स्नेक्स के जैसा भी इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर यह भी उपलब्ध नहीं हो तो चने को भिगोकर सलाद, टिक्की या जैसे भी पसंद है. चने का प्रयोग कर सकते हैं. चना खाने के कई फायदे हैं. शरीर में खून की कमी है. वह एक कटोरी चना व गुड़ खाते है तो काफी ज्यादा इमपूर्वमेंट दिखता है. प्रोटीन की कमी है तो चना अति उत्तम है. हफ्ते में दो से तीन बार चना के दाल का सेवन कर सकते हैं. गर्मी के दिनों में भुजे चने का प्रयोग सत्तू के तौर पर कर सकते हैं. चना छिलके के साथ खाते तो ज्यादा फायदा होता है.

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Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें



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