नए नियमों के तहत कंपनी द्वारा दिए गए घर (परक्विजिट) की टैक्स वैल्यू घटा दी गई है। अब यह शहर की आबादी के आधार पर तय होगी, 40 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में सैलरी का 10 प्रतिशत, मध्यम शहरों में 7.5 प्रतिशत और छोटे शहरों में 5 प्रतिशत। इससे पहले यह दर 15 प्रतिशत तक थी, जिससे कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
कंपनी की कार के इस्तेमाल पर भी टैक्स नियम बदले हैं। अगर कर्मचारी कार का निजी और ऑफिस दोनों कामों में उपयोग करता है, तो 1.6 लीटर तक की कार पर 5,000 रुपए और उससे बड़ी कार पर 7,000 रुपए प्रति माह टैक्सेबल वैल्यू मानी जाएगी। अगर कंपनी ड्राइवर देती है, तो इसमें 3,000 रुपए और जुड़ेंगे।
कर्मचारियों को मिलने वाले फूड और बेवरेज पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 200 रुपए प्रति मील कर दी गई है, जो पहले 50 रुपए थी। वहीं कंपनी द्वारा दिए गए गिफ्ट या वाउचर अब 15,000 रुपए तक टैक्स-फ्री होंगे।





