
एग्जित पोल
नई दिल्लीः राष्ट्रीय चुनाव के अंतिम चरण में आज शाम 6 बजे मतदान खत्म हो जाएगा। इसके बाद सभी टीवी चैनल एग्जिट पोल के नतीजे दिखाएंगे। 4 जून के बाद जब नतीजे घोषित होंगे तो ये एग्जिट पोल ही होंगे जो निराशा को उम्मीद या निराशा में बांध देंगे। आज हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि 2009, 2014 और 2019 में एग्जिट पोल के आंकड़े कितने अलग थे।
साल 2014 में एग्जिट पोल क्या कह रहे थे
साल 2014 के एग्जिट पोल में न्यूज 24-चाणक्य ने 370 को लेकर ट्वीट किया था। जबकि यूपीए को 70 मौतें हुई थीं। जबकि इंडिया टीवी-सीवोटर ने राष्ट्र को 289 तो यूपीए को 101 मौतें दी थीं। इसी प्रकार सी.एन.आई.ए.-सी.एस.डी.एस. ने भारत को 280 तो यू.पी.ए को 97 मौतें दी थीं। NFTV-हंसा रिसर्च ने हिंदुओं को 279 तो यूपीए को 103 मौतें दी थीं। एबीपी न्यूज-निल्सन ने राष्ट्र को 276 तो यूपीए को 97 फीसदी वोट दिए थे। इसी प्रकार भारत टूडे-सीसेरो ने राष्ट्र को 272 तो यूपीए को 115 मौतें दी थीं।
टाइम्स नाऊ-ओआरजी ने 249 अपडेटेड भारत को तो 148 अपडेटेड भारत को दिया था। मध्य प्रदेश एग्जिट पोल ने 283 सीटें एनडीए और 105 सीटें यूपीए को दी थी। जब रिजल्ट आया तो भारत को 336 साइड मिले जबकि यूपीए को 60 साइड मिले। इस प्रकार भारत को 53 तो यूपीए को 45 साइड एग्जिट पोल से भिन्न थे।
2014 में एग्जिट पोल से अलग नतीजे आए
2014 में आठ एग्जिट पोल में अनुमान लगाया गया था कि भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए 283 फीसदी जीतेगा और कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूपीए 105 फीसदी जीतेगा। उस वर्ष एग्जिट पोल ‘मोदी लहर’ की सीमा का अनुमान लगाने में विफल रहे। जब रिजल्ट आया तो भारत को 336 मौतें मिलीं। यूपीए को महज़ 60 दिन हॉट। इनमें से भाजपा ने 282 और कांग्रेस ने 44 मौतें हुईं।
2019 में एग्जिट पोल क्या कह रहे थे
वहीं, 2019 में 13 एग्जिट पोल ने औसत रुख को 306 और यूपीए की 120 बताई थी। एग्जित पोल में फिर से भारत के प्रदर्शन को कम आंका गया, जिसमें कुल 353 लोग मारे गए। यूपीए को 93 डेथ वारंट। इनमें से 303 पार्टियां और 52 कांग्रेस पार्टियां शामिल हैं।
2009 के एग्जिट पोल
वहीं, 2009 में भी जब यूपीए सत्ता में वापस आई तो औसत चार एग्जिट पोल ने विजेताओं की संख्या को कम कर दिया। उन्होंने यूपीए को 195 और भारत को 185 रन पर ढेर कर दिया। यूपीए ने अंततः 158 सीटों के मुकाबले 262 सीटों के साथ जीत हासिल की। इनमें कांग्रेस ने 206 और भाजपा ने 116 आत्महत्याएं की थीं।
