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उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने हाल ही में एक हथियार फैक्ट्री का दौरा किया, जहां उन्होंने नई पिस्तौल का टेस्ट किया. इस दौरान उनकी बेटी भी उनके साथ मौजूद रही और उसने भी पिस्तौल चलाई. इससे पहले किम ने देश के नए डेस्ट्रॉयर से क्रूज मिसाइल टेस्ट की निगरानी की थी.
किम जोंग उन ने बंदूक टेस्ट किया.
वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग के बीच अचानक उत्तर कोरिया फोकस में आ गया है. उत्तर कोरया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन हथियारों का प्रदर्शन कर रहे हैं. सीधे तौर पर यह अमेरिका को चेतावनी के तौर पर है. उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन ने हाल ही में एक हल्के हथियारों की फैक्ट्री का दौरा किया, जहां उन्होंने नई पिस्तौल का परीक्षण किया. सरकारी मीडिया की तस्वीरों में किम अपनी बेटी जू ए के साथ शूटिंग रेंज में पिस्तौल चलाते दिखाई दिए. कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के मुताबिक किम ने फैक्ट्री में हाल ही में उत्पादन शुरू हुई नई पिस्तौल की समीक्षा की और परीक्षण के बाद उसे ‘बेहतरीन’ बताया.
हथियार उत्पादन बढ़ाने में जुटा उत्तर कोरिया
किम जोंग उन ने कहा कि यह फैक्ट्री सेना और सुरक्षा बलों को पिस्तौल और अन्य हल्के हथियार उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाती है. उन्होंने अधिकारियों को उत्पादन क्षमता बढ़ाने और अधिक आधुनिक उत्पादन लाइनों की स्थापना करने का निर्देश दिया. हालांकि आधिकारिक रिपोर्ट में किम की बेटी का नाम नहीं लिया गया, लेकिन जारी तस्वीरों में वह वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ पिस्तौल चलाते दिखाई दी. किम की बेटी, जिसे विशेषज्ञ किम जू ए मानते हैं और जिसकी उम्र लगभग 13 साल बताई जाती है, पिछले कुछ वर्षों से अपने पिता के साथ कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई दे रही हैं. इससे यह अटकलें भी तेज हो गई हैं कि किम उन्हें भविष्य के नेता के रूप में तैयार कर रहे हैं.
मिसाइल टेस्ट भी देखा
इस दौरे से पहले किम जोंग उन और उनकी बेटी ने देश के नए नौसैनिक जहाज से क्रूज मिसाइल परीक्षण भी देखा था. सरकारी मीडिया के अनुसार यह परीक्षण उत्तर कोरिया की नौसैनिक ताकत और रणनीतिक हथियार प्रणाली की क्षमता दिखाने के लिए किया गया. मिसाइलों को देश के पश्चिमी तट के पास नए चोए ह्योन डेस्ट्रॉयर से लॉन्च किया गया था.
नौसेना को और मजबूत करने की तैयारी
किम जोंग उन ने परीक्षण के बाद कहा कि देश की रणनीतिक हथियार प्रणाली विश्वसनीय तरीके से काम कर रही है. उन्होंने भविष्य के युद्धपोतों में लंबी दूरी के हमले करने वाली क्षमताओं को बढ़ाने और नई सुपरसोनिक हथियार प्रणालियों को शामिल करने का भी निर्देश दिया.
उत्तर कोरिया से बातचीत में जुटा अमेरिका
इसी बीच अमेरिका भी उत्तर कोरिया के साथ संभावित बातचीत की संभावनाएं तलाश रहा है. अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारी हाल ही में दक्षिण कोरिया पहुंचे और कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति पर चर्चा की. विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा से पहले उत्तर कोरिया के साथ संवाद की नई कोशिशें की जा सकती हैं. हालांकि अमेरिका अभी भी उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के लक्ष्य पर कायम है.
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योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें





