Last Updated:
Khatu Shyam Bhajan Kirtan Jodhpur: खाटू श्याम जी की भक्ति में जोधपुर पूरी तरह सराबोर नजर आया, जहां कामदा एकादशी के अवसर पर भव्य दरबार सजाया गया. बाबा का लाल और सफेद फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्तों का जनसैलाब उमड़ा. मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बन गया. श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और आस्था के साथ पूजा-अर्चना कर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया.
कामदा एकादशी के अवसर पर जोधपुर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित खाटू श्याम बाबा मंदिर और श्री मँछापूर्ण महादेव मंदिर में विशेष श्रृंगार किया गया. लाल और सफेद फूलों से सजे बाबा के दिव्य स्वरूप ने हर श्रद्धालु का मन मोह लिया। सुबह से ही भक्तों का मंदिर में आना शुरू हो गया और देर शाम तक दर्शन के लिए भीड़ उमड़ी रही। मंदिर परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। पूरे दिन मंदिर में जयकारों की गूंज सुनाई देती रही.

मंदिर में बाबा का श्रृंगार लाल और सफेद फूलों से किया गया, जिससे उनका स्वरूप बेहद आकर्षक नजर आया.इस विशेष सजावट को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे और कई लोगों ने इस सुंदर दृश्य को अपने मोबाइल में कैद किया। फूलों की खुशबू से पूरा मंदिर परिसर महक उठा.श्रद्धालु इस मनमोहक सजावट को देखकर भाव-विभोर नजर आए.

कामदा एकादशी के चलते सुबह से ही श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर मंदिर पहुंचे.दिनभर मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं और हर कोई बाबा के दर्शन के लिए उत्सुक नजर आया. व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए मंदिर प्रबंधन भी सक्रिय रहा. श्रद्धालुओं ने धैर्य के साथ अपनी बारी का इंतजार किया.
Add News18 as
Preferred Source on Google

दोपहर 2 से 5 बजे तक मंदिर में भव्य कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया.भजन-कीर्तन के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और लोग भक्ति में लीन नजर आए. कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए. श्रद्धालु तालियों और जयकारों के साथ झूमते नजर आए.

इस विशेष अवसर पर जोधपुर ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे. हर कोई बाबा के दरबार में अपनी मनोकामना लेकर आया और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. कई परिवार पूरे दिन मंदिर में ही भक्ति में लीन रहे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में खास उत्साह देखने को मिला.





