खड़गे ने कहा, ‘‘जैसा कि आप जानते हैं कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को संसद ने सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से पारित किया था। उस समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से मैंने मांग की थी कि यह महत्वपूर्ण कानून तत्काल प्रभाव से लागू होना चाहिए।’’
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हालांकि प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि इसके तत्काल कार्यान्वयन के लिए व्यापक सहमति थी, लेकिन फिर भी उन्होंने इसे लागू नहीं किया।
उन्होंने कहा, ‘‘तब से 30 महीने बीत चुके हैं और अब हमें विश्वास में लिए बिना यह विशेष बैठक बुलाई गई है और आपकी सरकार परिसीमन के बारे में कोई जानकारी दिए बिना हमसे फिर से सहयोग मांग रही है। आप समझ सकते हैं कि परिसीमन और अन्य पहलुओं के विवरण के बिना इस ऐतिहासिक कानून पर कोई सार्थक चर्चा करना असंभव होगा।’’





