खड़गे ने दावा किया कि इस पीरसीमन के गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए परिसीमन पर बहुत गहरे विचार-विमर्श की जरूरत है। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह आरोप दोहराया, ‘‘संसद की बैठक मोदी सरकार अपने राजनीतिक फायदे की मंशा से बुला रही है। वह जल्दी से जल्दी संविधान संशोधन विधेयक पारित करना चाहती है।’’
खड़गे ने कहा, ‘‘हमने और विपक्षी दलों के सदन के नेताओं ने संसदीय कार्य मंत्री को तीन बार लिख कर कहा था कि 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए मतदान के आखिरी दिन के बाद सरकार सर्वदलीय बैठक बुलाए और गंभीरता से चर्चा की जाए। हम सबके अनुरोध के बाद भी सरकार ने केवल विमर्श बदलने और चुनावी लाभ के लिए हमारी बातों को नहीं माना।’’ उन्होंने कहा कि यह चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है।





