4 मिनट पहले
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सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान लोग सामूहिक रूप से आगजनी कर रहे हैं। अंतिम प्रकाशन के दौरान आग भड़कती है और उसके ज्वालामुखी में कुछ लोग मौजूद रहते हैं।
दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस समर्थक मोदी के समर्थक जला रहे थे। अंतिम प्रकाशन के दौरान पांच कांग्रेसियों की लूंगी में आग लग गई। इस वीडियो को एक्स पर कई वेरी पिरामिड और नॉन वेरी फोटोग्राफर ने शेयर किया है।
- नरेंद्र मोदी परिवार के नाम के बारे में वेरी फोटोग्राफर एक्स हैंडल ने वीडियो शेयर किया है। इसके संग्रहालय में लिखा है- तमिलनाडु में मोदी का पुतला जलाते समय पांच नेताओं की लुंगी में आग लगा दी गई।
इस वीडियो को अब तक 1 लाख 90 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं। 5 हजार से ज्यादा लोग लाइक और 1 हजार से ज्यादा लोग रीट्वीट कर चुके हैं।
- भास्कर मिश्रा नाम के वेरी सम्राट सम्राट ने इस वीडियो में भगवान विष्णु के नाम के बारे में बताया है। उन्होंने लिखा- कर्नाटक में मोदी का जलाते समय पांच कांग्रेसियों की लूंगी में लगी आग। भूल गया, उपकरण भी है तो किसका। इस बार नियति ने छोटा सा मजाक कर दिया बस।
- पीएन राय नाम के मुख्यमंत्री ने लिखा- मोदी के बेटे फुकने के चक्कर में आग लगने से लुंगी डांस हुआ।
वायरल वीडियो का सच…
वायरल वीडियो का सच जानने के लिए हमसे जुड़े की-वर्ड्स गूगल पर सर्च करें। सर्च करने पर हमें यह वीडियो एशियन टीवी न्यूज के यूट्यूब चैनल पर मिला।
चैनल के मुताबिक, यह वीडियो केरल के पथानामथिट्टा का है। जहां केरल छात्र संघ के कार्यकर्ता एमजी विश्वविद्यालय के छात्रों के विरोध में रैली निकाली जा रही थी। इस दौरान छात्र संघ के दार्शनिकों ने पितृसत्तात्मक मूर्तियाँ और इसके फ़िट में कुछ कार्यकर्ता भी शामिल किये गये।

यूट्यूब चैनल पर मौजूद वीडियो का टूर।
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह वीडियो एशियन टीवी न्यूज के यूट्यूब चैनल पर 5 जुलाई 2012 को अपलोड किया गया था। इस दौरान हमें इस घटना से जुड़ी खबर केरल की लोकल न्यूज वेबसाइट पर भी मिली। खबर का लिंक…

वेबसाइट पर मौजूद ख़बरों का दोस्त।
इसके खिलाफ वेबसाइट पर मौजूद खबरों में यह भी बताया गया है कि यह इवेंट एमजी यूनिवर्सिटी के फादर के केरल छात्र संघ द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं, यह खबर भी वेबसाइट 2012 को प्रकाशित हुई थी। साफ है कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं दावा पूरी तरह गलत है.
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