
दिसंबर तिमाही के इंटरव्यू में सबसे खास कंपनी की कमाई में बिजनेस की बात की सबसे ज्यादा शेयरिंग। दिसंबर तिमाही में कंपनी के कंसॉलिडेशन में कुल आय में कोर बिजनेस की बढ़त 55 प्रतिशत रही। यह साल दर साल आधार पर 20 प्रतिशत की वृद्धि है।
जियो इलेक्ट्रॉनिक्स की लोन देने वाली यूनिट (उधार देने वाली शाखा) की ग्रोथ तेजी से बनी हुई है। एनबीएफ़सी का एसेट अंडर इक्विटी (एयूएम) साल दर साल आधार पर 4.5 गुना बढ़ा, जबकि तिमाही दर तिमाही आधार पर यह 29 प्रतिशत इक्विटी पर 19,049 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। दिसंबर तिमाही में सकल भुगतान 8,615 करोड़ रुपये रहा। लेंडिंग बिजनेस से शुद्ध ब्याज आय साल दर साल आधार पर 166 फीसदी उछाल 165 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। प्री-प्रोविजनिंग ऑपरेशनल प्रोफिट 130 फीसदी का शेयर 99 करोड़ रुपये हो गया।
जियो सोल्यूशंस का ट्रांजेक्शन शामिल, साल दर साल आधार पर 2.6 गुना 16,315 करोड़ रुपये हो गया। सकल शुल्क और कमीशन इन्कम 4.6 ग्लून्सकर 96 करोड़ रुपये हो गये। कंपनी इकाई के स्वामित्व वाले ग्रॉस रिज्यूमे करीब 10 बेसिस पॉइंट बनाए गए हैं। जियोस बैंक में कुल कमाई 10 गुना 61 करोड़ रुपये हो गई। 31 दिसंबर, 2025 को इंकलाब 507 करोड़ रुपये रहा। यह साल दर साल आधार पर 94 प्रतिशत अधिक है। कस्टमर्स बेस बाज़ार 32 लाख हो गया।
जियो-ब्लैकरॉक ज्वाइंट वेंचर के जरिए कंपनी के एसेट मैनेजमेंट बिजनेस का एयूएम 14,972 करोड़ रुपये हो गया। इसमें 10 फ़ंडों की स्टॉकिंग्स रही। इस बिजनेस की क्षमता इनवेस्टर बेस 10 लाख तक पहुंच गई। कंपनी ने कहा है कि निवेश का बड़ा हिस्सा 30 टॉप शहरों से बाहर के शहरों में आया है। पहली बार निवेश करने वाले निवेशकों की संख्या बढ़ी है।
जियो का शेयर 14 जनवरी को 1.58 प्रतिशत 287.30 रुपये पर बंद हुआ। एक साल में इस शेयर ने महज 5.47 फीसदी का रिटर्न दिया है। 16 जनवरी को कंपनी के स्टॉक पर दिसंबर तिमाही में शानदार मूर्ति का असर दिखा।
