वॉशिंगटन. पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध अब उस स्तर पर पहुंच गया है जहां से वापसी का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा. मंगलवार 10 मार्च 2026 को पेंटागन से जारी एक बयान ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है. अमेरिकी रक्षा सचिव (Secretary of War) पीट हेगसेथ ने घोषणा की है कि आज ईरान के भीतर हमारे हमलों का सबसे तीव्र दिन होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी वायुसेना और नौसेना अब ईरान के उन ठिकानों को निशाना बनाएगी जिन्हें अब तक बचाया गया था. लेकिन दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति युद्ध के 11वें दिन थोड़ा नरम पड़े हैं और उन्होंने कहा है कि वह खुद ईरान से बात करने के लिए तैयार हैं. लेकिन दूसरी तरफ उन्होंने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई पर जमकर हमला भी बोला.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज (Fox News) को दिए एक इंटरव्यू में ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई पर सीधा प्रहार किया. मोजतबा, जिन्हें उनके पिता अली खामेनेई की मौत के बाद हाल ही में पदभार सौंपा गया है, के बारे में ट्रंप ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि मोजतबा खामेनेई शांति से रह पाएंगे.’ ट्रंप का इशारा साफ था कि अमेरिका ईरान के नए नेतृत्व को स्वीकार करने या उसे फलने-फूलने देने के मूड में नहीं है.
ट्रंप ने मोजतबा को फिर चेताया
हालांकि, ट्रंप ने बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं किए हैं. उन्होंने कहा, ‘मुझ तक खबर पहुंची है कि तेहरान बुरी तरह बात करना चाहता है. मैं भी बात करने को तैयार हूं, लेकिन यह पूरी तरह से मेरी शर्तों पर निर्भर करेगा.’ ट्रंप ने ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’ (Unconditional Surrender) की अपनी मांग को दोहराया है.
तेहरान के निशाने पर यूएई और कतर
दूसरी ओर, ईरान ने अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए पड़ोसी देशों यूएई (UAE) और कतर (Qatar) पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की झड़ी लगा दी है.
- यूएई का हाल: संयुक्त अरब अमीरात की वायु सेना ने आज 9 बैलिस्टिक मिसाइलों और 35 ड्रोनों का पता लगाया. इनमें से 8 मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, जबकि एक समुद्र में गिरी. यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार अब तक वे 1500 से ज्यादा ईरानी रॉकेट और ड्रोन मार गिरा चुके हैं.
- कतर पर हमला: कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि ईरान के तर्क ‘पूरी तरह खारिज’ करने लायक हैं. कतर, जो खुद को निष्पक्ष रखने की कोशिश कर रहा था, अब अपनी ऊर्जा सुविधाओं और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों के बाद रक्षात्मक मोड में है.
युद्ध के 11वें दिन का तबाही का मंजर
11वें दिन में प्रवेश कर चुके इस युद्ध ने अब तक हजारों जान ली हैं. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, ईरान के लगभग 3000 सैन्य कर्मी मारे जा चुके हैं और उसकी नौसेना के 50 से अधिक जहाज डुबा दिए गए हैं. इजरायली सेना (IDF) भी दक्षिण लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है, जहां अब तक 500 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है.
दुनिया पर असर तेल 120 डॉलर के पार
इस महायुद्ध का सबसे बुरा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है. कच्चे तेल की कीमतें $120 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं. मिस्र जैसे देशों ने अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए ईंधन की कीमतों में 17% तक की बढ़ोतरी कर दी है. होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) व्यावहारिक रूप से बंद होने से दुनिया की 20% तेल सप्लाई ठप पड़ी है.
दूसरी तरफ पेंटागन प्रमुख हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि रूस इस मामले में दखल न दे. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और पुतिन के बीच बातचीत हुई है, जिसमें रूस को इस संघर्ष से दूर रहने की ‘सलाह’ दी गई है. आज रात होने वाले अमेरिकी हमले यह तय करेंगे कि यह युद्ध ‘शॉर्ट-टर्म भ्रमण’ (Short-term excursion) होगा, जैसा कि ट्रंप दावा कर रहे हैं या यह दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की ओर ले जाएगा?





