
पीएम मोदी
राष्ट्रिय संसदीय दल की आज पहली बैठक बुलाई गई। इस बैठक में साफ तौर पर नरेंद्र मोदी को एनडीए गठबंधन दल का नेता चुना गया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान राहुल गांधी को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत, हिंदुस्तान का सबसे सफल प्री-पोल अलायंस है। उन्होंने सभी भारतीयों को भरोसा जताने के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही, 4 जून को होने वाली तारीख को याद करते हुए उन्होंने भारतीय गठबंधन पर जोर देना चाहा। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि मैं इतने दिनों तक काम में व्यस्त था।
पीएम मोदी ने किया पॉपुलेशन का समर्थन
उन्होंने कहा कि जब मैंने किसी से पूछा कि यह आकृति तो ठीक है लेकिन यह ईश्वर जीवित है या मरग या। ये लोग तय कर बैठे थे कि भारत के लोकतंत्र और सांस्कृतिक प्रक्रिया से भरोसा उठ जाए। उन्होंने आगे कहा कि 4 जून की शाम तक जो लोग ईमेल की विश्वसनीय पर प्रश्न उठा रहे थे, उनके मुंह पर ताला लग गया। अगले 5 सालों तक अब ईवीएम पर कोई चर्चा नहीं होगी। लेकिन हो सकता है कि 2029 के बाद फिर से विपक्षी दल ईवीएम पर सवाल उठाया जाए। पीएम मोदी ने आगे कहा कि मतदान के बीच विपक्ष ने चुनाव को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था।
देश की जनता माफ़ नहीं करेगी प्लान
पीएम मोदी उन्होंने कहा कि देश के लोग अपने मेहमानों में फीडबैक पर दबाव नहीं डालते हैं। विपक्षी लोग पिछली सदी में जीने वाले लोग हैं। वो तकनीकें को स्वीकार नहीं करते। ये लोग प्रगति के विरोधी और आधुनिकता के विरोधी हैं। यह अत्यंत चिंता का विषय है देश के लिए। पीएम मोदी ने अपने प्रधानमंत्री पद के लिए आगे कहा कि मैं पूरी दुनिया में यह ढोल पीट रहा हूं कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। लेकिन ये विपक्षी दल वाले विदेश में जाकर ढोल पीट रहे हैं कि एक चाय वाले देश का प्रधानमंत्री बन गया है। देश में लोकतंत्र खत्म हो रहा है।
