Last Updated:
ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे में हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का अल्टीमेटम दिया है, वरना पावर प्लांट पर हमले की धमकी दी है. इसी बीच ईरान ने इजराइल के डिमोना और अराद पर मिसाइल हमले किए, जिसमें करीब 100 लोग घायल हुए. जंग अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है और हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं.
वॉशिंगटन: अमेरिका-इजरायल के बीच जारी जंग अपने 23वें दिन में पहुंच गई है. एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का सीधा अल्टीमेटम दे दिया है, वहीं दूसरी तरफ ईरान ने इजराइल पर अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक को अंजाम दिया है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर साफ शब्दों में धमकी दी कि अगर ईरान 48 घंटे के भीतर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को ‘पूरी तरह और बिना किसी खतरे के’ नहीं खोलता, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बनाएगा. उन्होंने लिखा कि अमेरिका ‘सबसे बड़े पावर प्लांट से शुरू करते हुए उन्हें खत्म कर देगा.’ इस बयान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका अब सीधे ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े हमले की तैयारी में है.
वहीं इससे पहले ईरान ने भी आक्रामक जवाब दिया है. ईरानी मिसाइलों ने इजराइल के दक्षिणी शहर डिमोना और अराद को निशाना बनाया. डिमोना वही जगह है जहां इजराइल का प्रमुख परमाणु रिसर्च सेंटर स्थित है. इस हमले में करीब 100 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है और एक 10 साल का बच्चा भी जिंदगी के लिए जंग लड़ रहा है. इजराइल की एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हुई, लेकिन कई मिसाइलों को रोकने में नाकाम रही. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे ‘मुश्किल शाम’ बताते हुए साफ कहा कि जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी और ईरान पर हमले रुकेंगे नहीं.
परमाणु केंद्र को क्या नुकसान हुआ?
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने कहा है कि डिमोना के परमाणु केंद्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और वहां रेडिएशन का स्तर सामान्य है. हालांकि एजेंसी ने चेतावनी दी है कि परमाणु ठिकानों के आसपास सैन्य कार्रवाई बेहद खतरनाक हो सकती है और अधिकतम संयम बरतने की जरूरत है. जानकारी के मुताबिक, ईरान ने एक ही दिन में इजरायल पर कम से कम आठ बार मिसाइल हमले किए. अराद शहर के कई हिस्सों में भारी नुकसान हुआ है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं. इजराइल की एंबुलेंस सेवा के अनुसार, कम से कम 10 लोग गंभीर हालत में हैं. दूसरी तरफ ईरान का दावा है कि यह हमला उसके नतांज परमाणु केंद्र पर हुए हमले का जवाब था. यानी अब यह जंग सीधे परमाणु ठिकानों तक पहुंच चुकी है, जिससे खतरा और बढ़ गया है.
ईरान में अब तक 1500 लोगों की मौत
इस पूरे संघर्ष में अब तक ईरान में 1500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं इजरायल ने लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में भी हवाई हमले तेज कर दिए हैं, जहां 1000 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है. ट्रंप लगातार यह दावा कर रहे हैं कि अमेरिका इस जंग में ‘जीत के करीब’ है और ईरान की सैन्य ताकत लगभग खत्म हो चुकी है. हालांकि ईरान लगातार हमले कर रहा है, जिससे यह साफ है कि जंग अभी खत्म होने से बहुत दूर है.
About the Author

योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें





