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ईरान के साथ जारी युद्ध में एक और अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई है और मरने वालों की संख्या सात हो गई है. यह सैनिक सऊदी अरब में ईरानी हमले में घायल हुआ था. इस बीच ट्रंप ने कहा है कि युद्ध कब खत्म होगा इसका फैसला वह और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मिलकर करेंगे. व्हाइट हाउस के अनुसार यह संघर्ष चार से छह हफ्ते तक चल सकता है.
वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान में चल रहा युद्ध अब US आर्मी के लिए भारी पड़ रहा है. अमेरिकी सेना के अधिकारी मान रहे हैं कि ट्रंप ने ईरान को जितना कमजोर माना था वह उतना है नहीं. इस युद्ध में अमेरिका के एक और बड़ा झटका लगा है. पेंटागन ने बताया कि ईरान के हमले में घायल एक और अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई है. इसके साथ ही इस युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक यह सैनिक 1 मार्च को घायल हुआ था. उस दिन ईरान ने सऊदी अरब के एक सैन्य ठिकाने पर हमला किया था जहां अमेरिकी सैनिक तैनात थे. गंभीर रूप से घायल इस सैनिक को बेहतर इलाज के लिए जर्मनी के अमेरिकी सैन्य अस्पताल भेजने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन शनिवार रात उसकी मौत हो गई.
अमेरिका-ईरान के युद्ध से लगातार हो रही मौत
ईरान को कमजोर समझने की गलती कर बैठा अमेरिका
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि युद्ध के पहले ही हफ्ते में हुए नुकसान से साफ हो गया है कि ईरान उतना कमजोर नहीं है जितना ट्रंप प्रशासन ने सोचा था. ट्रंप प्रशासन मान रहा था कि अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान कमजोर हो जाएगा, लेकिन इसका उल्टा हुआ. ईरान ने न तो हमले रोके और न ही पीछे हट रहा है. ईरान ने लगातार अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है. अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि इस बार ईरान पूरी तरह बदल गया है. ऐसा इसलिए क्योंकि अभी तक ईरान हमले से पहले चेतावनी देता था, लेकिन इस बार अटैक न तो सीमित हैं और न ही चेतावनी देकर किए जा रहे हैं.
अमेरिका-ईरान युद्ध कब खत्म होगी?
इसी बीच ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध कब खत्म होगा इसका फैसला वह और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मिलकर करेंगे. टाइम्स ऑफ इजरायल को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि यह फैसला ‘म्यूचुअल’ होगा. हालांकि उन्होंने साफ किया कि अंतिम निर्णय उनका ही होगा, लेकिन नेतन्याहू की राय भी इसमें शामिल होगी. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अगर अमेरिका और इजरायल साथ मिलकर कार्रवाई नहीं करते तो ईरान इजरायल को तबाह कर देता. उनके मुताबिक दोनों देशों ने मिलकर उस ताकत को कमजोर किया है जो इजरायल को नष्ट करना चाहती थी. हालांकि व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि यह युद्ध अभी कुछ हफ्ते और चल सकता है.
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योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें





