Iran US war news : US Weapon Stock empty | Pentagon Warning to Trump | Iran War Cost 210 Billion dollors | अमेरिका के हथियार खत्म


वॉशिंगटन: दुनिया की सबसे पावरफुल आर्मी, ईरान के आगे मात खाती दिखाई दे रही है. ऐसा खुद पेंटागन के भीतर से आई एक लीक रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है. इस रिपोर्ट में ट्रंप को चेतावनी दी गई है कि उनके पास सिर्फ 10 दिन बचे हैं, जिसके बाद अमेरिका में अकाल आएगा और वो भी हथियारों का. डोनाल्ड ट्रंप दुनिया के सामने बार-बार ये दावा करते दिखाई दिए हैं कि अमेरिका के पास इतने हथियार हैं कि वो बिना रुके कई सालों तक जंग लड़ सकता है लेकिन ईरान से जंग के दौरान सिर्फ कुछ हफ्तों में ही उनके हथियार खत्म होने लगे हैं. आगे जानें पेंटागन की वॉर्निंग में क्या-क्या कहा गया है.

ट्रंप के पास जंग के मैदान में सिर्फ 10 दिन का वक्त

रक्षा विशेषज्ञों और सेना के आला अधिकारियों का मानना है कि अगर ईरान के साथ युद्ध इसी रफ्तार से अगले 10 दिन और चला, तो सुपरपावर अमेरिका के पास मिसाइलों का अकाल पड़ सकता है. यूक्रेन और इजरायल की मदद करने के बाद अमेरिका के गोदाम खाली हो जाएंगे और खुद की रक्षा करने के लिए उसके पास हथियार ही नहीं बचेंगे.

विदेश मंत्री मार्को रुबियो के मुताबिक, ईरान एक महीने में 100 से ज्यादा मिसाइलें बना रहा है, जबकि अमेरिका महीने में सिर्फ 6 से 7 इंटरसेप्टर ही बना पाता है. यह ‘गैप’ बहुत भयावह है.

पेंटागन की चेतावनी

पेंटागन के अधिकारियों और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने ट्रंप को आगाह किया है कि ईरान के साथ लंबा खिंचता युद्ध अमेरिका के लिए ‘एमुनिशन्स स्टॉक’ यानी हथियारों के स्टॉकपाइल के नजरिए से आत्मघाती हो सकता है.

खत्म हो रहे इंटरसेप्टर: सबसे ज्यादा खतरा उन मिसाइलों पर है जो ईरान की मिसाइलों को हवा में ही मार गिराती हैं.
THAAD का संकट: पिछले साल ईरान के साथ हुई भिड़ंत में अमेरिका ने अपने 150 ‘THAAD’ इंटरसेप्टर (करीब 25%) इस्तेमाल कर डाले थे. अब गोदाम लगभग खाली होने की कगार पर हैं.

वो हथियार जिनकी भारी कमी हो सकती है

SM-3 मिसाइलें: जहाजों से छोड़ी जाने वाली ये एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलें पहले ही हूतियों और ईरान के साथ पिछली लड़ाइयों में खर्च हो चुकी हैं.

JDAMs (स्मार्ट बम): साधारण बमों को ‘स्मार्ट बम’ बनाने वाली यह जीपीएस किट भी अब कम पड़ रही है.

युद्ध का भारी-भरकम खर्च

पहले 24 घंटे का खर्च: अमेरिका ने सिर्फ पहले दिन की स्ट्राइक में $779 मिलियन (करीब ₹6,900 करोड़) फूंक दिए.

डेली खर्च: USS जेराल्ड आर फोर्ड जैसे एयरक्राफ्ट कैरियर को समंदर में चलाने का खर्च रोज का ₹58 करोड़ है.

कुल अनुमान: अगर ट्रंप की योजना के मुताबिक यह युद्ध 4-5 हफ्ते चला, तो अमेरिका पर $210 बिलियन (करीब ₹18.87 लाख करोड़) का बोझ पड़ेगा.

ट्रंप Vs पेंटागन

एक तरफ पेंटागन स्टॉक खत्म होने की रिपोर्ट दे रहा है, तो दूसरी तरफ राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि ‘अमेरिकी हथियारों का भंडार पहले कभी इतना बेहतर नहीं था. हमारे पास इनका ‘वर्चुअली अनलिमिटेड’ सप्लाई है. हम इन हथियारों के दम पर हमेशा युद्ध लड़ सकते हैं’.

ईरान का पलटवार और भविष्य का खतरा

ईरान ने इस युद्ध में बहरीन, सऊदी अरब, कतर और यूएई में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है. पेंटागन को डर है कि अगर इंटरसेप्टर मिसाइलें खत्म हो गईं, तो अमेरिका अपने ठिकानों और सहयोगियों को ईरान की मिसाइल बौछारों से नहीं बचा पाएगा.



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img