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JD Vance on Stake for Iran Ceasefire: मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जेडी वांस को ईरान के साथ सबसे कठिन डिप्लोमैटिक मिशन सौंप दिया है. इस बड़ी जिम्मेदारी के साथ तलवार जेडी वांस की गर्दन पर लटक रही है. अगर वो फेल हुए तो डोनाल्ड ट्रंप की हिटलिस्ट में उनका नाम भी आ सकता है.
जेडी वांस पर है बड़ी जिम्मेदारी.
Iran-US War Ceasefire: पश्चिम एशिया के युद्ध में अमेरिका की साख तो दांव पर लगी ही है, एक और शख्स है, जिसे इस युद्ध से सबसे ज्यादा फायदा या नुकसान होने वाला है. ये डोनाल्ड ट्रंप की कैबिनेट के सबसे प्रमुख चेहरे और अमेरिका के नंबर 2 जेडी वांस हैं. मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जेडी वांस को ईरान के साथ सबसे कठिन डिप्लोमैटिक मिशन सौंप दिया है. ट्रंप ने साफ कहा है- ‘अगर डील हो गई तो क्रेडिट मेरा, अगर फेल हुई तो जिम्मेदार जेडी वांस होंगे.’ ऐसे में सीधा सवाल ये है कि कैबिनेट में फायरिंग के मूड में चल रहे ट्रंप की हिटलिस्ट में क्या उनका ही अगला नंबर है?
दो हफ्ते के सीजफायर का पहला चरण तो पूरा हो गया. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर खुल गया है और जहाज टोल देकर गुजर रहे है लेकिन असली चुनौती अब शुरू हो रही है. ये सीजफायर का दूसरा चरण है, जिसमें पाकिस्तान की मध्यस्थता में शुक्रवार को होने वाली वार्ता में जेडी वांस ईरान के साथ सीधे बैठेंगे. यह वांस के राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी और सबसे खतरनाक जिम्मेदारी है. ट्रंप ने खुद माना है कि अगर ये बातचीत फेल हो गई तो वांस को जवाबदेह ठहराया जाएगा. हालांकि उन्होंने ये मजाक में कहा है लेकिन ये सच है कि वो कई बार अपनी नाकामयाबी का ठींकरा दूसरों के माथे पर फोड़ चुके हैं.
ईरान के साथ डील में वांस ने झोंकी जान
जेडी वांस पहले से ही ईरान वार्ता में सक्रिय थे. वे पाकिस्तानी मध्यस्थों से फोन पर बात कर रहे थे, हंगरी से भी डील को आगे बढ़ा रहे थे. अब पूरा बोझ उनके कंधों पर है, सूत्रों के मुताबिक ट्रंप ने वांस को साफ निर्देश दिया है कि ईरान को परमाणु कार्यक्रम रोकने, यूरेनियम संवर्धन खत्म करने और बैलिस्टिक मिसाइलों की धमकी समाप्त करने की गारंटी दिलानी होगी. इसके लिए वे 10 अप्रैल से इस्लामाबाद में शुरू होने जा रही दोनों देशों की वार्ता में शामिल होंगे. उनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेयर्ड कुश्नर भी होंगे. ईरान की ओर से इस वार्ता में संसद स्पीकर गालिबाफ शामिल होंगे.
जेडी वांस को डिप्लोमैट्स भी फंसा रहे!
इस बीच डेमोक्रेट्स 25वें संशोधन की मांग तेज कर रहे हैं. ट्रंप के बयानों और गाली भरे ईस्टर पोस्ट के बाद कई डेमोक्रेट सीनेटर और यहां तक कि कुछ रिपब्लिकन भी कह रहे हैं कि ट्रंप मानसिक रूप से फिट नहीं हैं. वे चाहते हैं कि जेडी वांस और कैबिनेट 25वें संशोधन की धारा 4 लागू करके ट्रंप को हटा दें और वांस को राष्ट्रपति बना दें. एक डेमोक्रेट सीनेटर ने कहा कि अगर ट्रंप इस डील को भी बिगाड़ देते हैं तो वांस को आगे आना चाहिए. कुछ रिपब्लिकन भी यही चाहते हैं. न्यूजवीक की रिपोर्ट में कुछ कंजर्वेटिव लेखकों ने वांस से अपील की है कि वे 25वें संशोधन का समर्थन करें.
ऐसे में वांस पर ट्रंप का दबाव, दूसरी तरफ डेमोक्रेट्स की ट्रंप हटाओ, वांस लाओ वाली रणनीति ने उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं. वांस के लिए यह स्थिति बेहद नाजुक है. अगर वार्ता सफल हुई तो ट्रंप क्रेडिट ले लेंगे पर कुर्सी बची रहेगी लेकिन. पाकिस्तान में होने वाली वार्ता ही तय करेगी कि वांस ट्रंप की हिट लिस्ट में जाते हैं या फिर 2028 का राष्ट्रपति पद की दावेदारी मजबूत कर लेते हैं.
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News18 में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें





