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Iran US Peace Talks: इस्लामाबाद में आज से शुरू होने वाली अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस ‘शांति की मेज’ पर दोनों देशों की ओर से कौन-कौन शामिल हो रहा है और बातचीत की कमान किसके हाथ में है. चलिये जानते हैं…
इस्लामाबाद में आज से शुरू होने वाली अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आज से शुरू होने वाली अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है. पश्चिम एशिया में एक महीने से ज्यादा वक्त से जारी जंग और हालिया युद्धविराम के बीच यह बातचीत बेहद अहम मानी जा रही है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस ‘शांति की मेज’ पर दोनों देशों की ओर से कौन-कौन शामिल हो रहा है और बातचीत की कमान किसके हाथ में है.
अमेरिकी टीम को लीड कर रहे वैंस
सबसे पहले अमेरिका की बात करें तो इस बार बातचीत की अगुवाई अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस कर रहे हैं. यह अपने आप में एक बड़ा संकेत है कि वॉशिंगटन इस बातचीत को कितना गंभीरता से ले रहा है. उनके साथ अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जैरड कुशनर भी शामिल हैं. ये तीनों मिलकर अमेरिका की ओर से बातचीत की रणनीति तय करेंगे और ईरान के साथ संभावित समझौते की दिशा तय करेंगे.
ईरान की तरफ से कौन-कौन?
वहीं ईरान की तरफ से भी कम मजबूत टीम नहीं उतरी है. इस बातचीत की अगुवाई ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाक़िर क़ालिबाफ कर रहे हैं. ये दोनों नेता न केवल कूटनीतिक बल्कि रणनीतिक स्तर पर भी बेहद प्रभावशाली माने जाते हैं. क़ालिबाफ पहले इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से भी जुड़े रहे हैं, जिससे साफ है कि ईरान इस बातचीत में अपनी सैन्य और राजनीतिक दोनों ताकतों का प्रतिनिधित्व कर रहा है.
इनके अलावा ईरान की रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदीन और ईरान के सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती शामिल हैं. ईरानी संसद के कई सदस्य भी इस दौरे पर आई टीम का हिस्सा हैं.
इस पूरी प्रक्रिया में मेजबान देश पाकिस्तान भी अहम भूमिका निभा रहा है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस वार्ता की मेजबानी कर रहे हैं, जबकि पाकिस्तान के विदेश मंत्री इस्हाक डार और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर भी दोनों पक्षों के बीच पुल का काम कर रहे हैं.
किले में तब्दील इस्लामाबाद
इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अहम शांति वार्ता से पहले सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं. पूरे शहर को हाई अलर्ट पर रखा गया है और राजधानी मानो सुरक्षा घेरे में तब्दील हो गई है. अधिकारियों के मुताबिक, वार्ता से पहले इस्लामाबाद में ‘रेड अलर्ट’ घोषित कर दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश न रहे.
सरकार ने सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त कदम उठाए हैं. शहर में 10,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी और सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं, जो अलग-अलग स्तर पर सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है, वहीं आने-जाने वाले हर व्यक्ति की कड़ी जांच की जा रही है.
खास तौर पर राजधानी के रेड जोन को पूरी तरह से सील कर दिया गया है. यहां पाकिस्तान के प्रमुख सरकारी दफ्तर और अहम संस्थान मौजूद हैं. इस इलाके की सुरक्षा सीधे सेना और रेंजर्स के हाथ में है. केवल अधिकृत अधिकारियों और वहां रहने वाले लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है.
कुल मिलाकर देखा जाए तो इस्लामाबाद में सजने वाली यह ‘शांति की मेज’ केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि दुनिया की दो बड़ी ताकतों के बीच टकराव को खत्म करने की निर्णायक कोशिश है. दोनों तरफ से दिग्गज नेताओं की मौजूदगी यह संकेत दे रही है कि दांव बेहद बड़ा है… या तो यहां से शांति की राह निकलेगी, या फिर तनाव एक बार फिर भड़क सकता है.
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An accomplished digital Journalist with more than 13 years of experience in Journalism. Done Post Graduate in Journalism from Indian Institute of Mass Comunication, Delhi. After Working with PTI, NDTV and Aaj T…और पढ़ें





