इजरायल ने ईरान के गैस इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया हमला, तेहरान बोला ‘वॉर क्राइम’ का देंगे जवाब
मिडिल ईस्ट सैन्य संघर्ष हर गुजरते दिन के साथ ज्यादा भयावह और आक्रामक होता जा रहा है। बुधवार को इजरायली एयरफोर्स ने ईरान के गैस इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया, जिसके बाद तेहरान ने गल्फ क्षेत्र में हमले की चेतावनी दी। इस बीच कतर ने भी इजरायली हमले को “खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना” बताया।
द टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक इजरायली एयरफोर्स अधिकारी के हवाले से बताया कि इजरायली वायु सेना ने देश के दक्षिण में स्थित ईरानी गैस इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया। अधिकारी के अनुसार, इन हमलों में बुशेहर प्रांत में स्थित ईरान की सबसे बड़ी गैस प्रोसेसिंग सुविधा को निशाना बनाया गया।
इसकी पुष्टि ईरानी सरकारी टेलीविजन ने भी की। खबर में बताया: “कुछ देर पहले, असलुयेह स्थित साउथ पार्स स्पेशल इकोनॉमिक एनर्जी जोन में गैस ठिकानों के कुछ हिस्सों पर अमेरिका-इजरायल ने प्रोजेक्टाइल दागे।”
यह हमला दुनिया के सबसे बड़े गैस क्षेत्रों में से एक साउथ पार्स गैस फील्ड से जुड़ी इकाइयों पर किया गया, हालांकि नुकसान का पूरा आकलन अभी सामने नहीं आया है।
यह पहली बार है जब मौजूदा संघर्ष के दौरान ईरान के गैस या ऊर्जा ठिकानों को सीधे निशाना बनाया गया है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इससे पहले बुशेहर इलाके में परमाणु संयंत्र के पास भी हमले की खबरें आई थीं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ी थी।
इसके बाद ईरान ने खाड़ी देशों में बड़े हमलों की चेतावनी दी। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने लोगों से सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और कतर के प्रमुख तेल और गैस ठिकानों से दूर रहने को कहा है।
आईआरजीसी के मुताबिक आने वाले घंटों में इन ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। ईरान ने अपनी गैस फैसिलिटीज पर हुए हमलों के बाद बड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने कहा कि अब उन “दुश्मन के इंफ्रास्ट्रक्चर” को निशाना बनाया जाएगा, जिन्हें अब तक सुरक्षित माना जाता था।
ईरान ने दक्षिणी शहर असालुयेह और साउथ पार्स गैस फील्ड पर हुए हमलों को वॉर क्राइम करार दिया है और कहा कि इसका जवाब जरूर दिया जाएगा।





