भारत की कूटनीति शानदार, बातचीत में होगी बड़ी भूमिका… खामेनेई के दूत ने की नई दिल्ली की प्रशंसा


होमताजा खबरदेश

भारत की कूटनीति शानदार, वार्ता में बड़ी भूमिका… खामेनेई के दूत ने की तारीफ

Last Updated:

Iran Praises Indian Diplomacy: ईरान के साथ इजरायल-अमेरिका युद्ध छठे सप्ताह में पहुंच गया है. इस बीच भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने भारतीय कूटनीति की खूब तारीफ की है. उन्होंने कहा है कि भविष्य में किसी भी शांति वार्ता में भारत की भूमिका काफी अहम रहेगी.

Zoom

भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही.

Iran Praises Indian Diplomacy: ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच युद्ध छठे सप्ताह में प्रवेश कर गया है. इस जंग के कारण दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है. इस संकट के बीच नई दिल्ली में ईरान के सुप्रीम लीडर के विशेष प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने भारत की कूटनीति की खुलकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि भारतीय कूटनीति मजबूत और प्रभावी है तथा शांति स्थापना में नई दिल्ली बड़ी भूमिका निभा सकती है. डॉ. इलाही ने कहा कि हमें शांति की बात करनी चाहिए. हमें दुनिया में शांति लानी चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह युद्ध सिर्फ ईरान के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी दुनिया और मानवता के खिलाफ है. इस युद्ध का नतीजा यह है कि दुनिया के अलग-अलग देशों में बहुत से लोग अभी दुख झेल रहे हैं.

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भारतीय कूटनीति बहुत अच्छी है और इस मुद्दे पर वह और ज्यादा अहम भूमिका निभा सकती है. ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने भी पहले ही कहा था कि नई दिल्ली तनाव कम करने में प्रभावी और सकारात्मक भूमिका निभा सकता है. उन्होंने भारत की संतुलित विदेश नीति और सभी पक्षों से अच्छे संबंधों की सराहना की. ईरान अमेरिका और इजराइल के बीच मध्यस्थता के लिए भारत को एक विश्वसनीय विकल्प मान रहा है. पाकिस्तान ने भी बातचीत की मेजबानी की पेशकश की है, हालांकि उसकी पुरानी गतिविधियों को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं.

भारत के लिए राहत की खबर

इस बीच, ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से भारत के लिए राहत की खबर आई है. ईरान-इजराइल-अमेरिका संघर्ष के बावजूद भारतीय टैंकर हार्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजर रहे हैं. हाल ही में एक और एलपीजी टैंकर ग्रीन आशा ने सफलतापूर्वक हार्मुज पार किया है. यह युद्ध शुरू होने के बाद नौवां भारतीय टैंकर है जो इस महत्वपूर्ण मार्ग से गुजरा है. ग्रीन आशा के अलावा बीडब्ल्यू टीवाईआर, बीडब्ल्यू ईएलएम, पाइन गैस, जग वसंत, एमटी शिवालिक, नंदा देवी, जग लाडकी और जग प्रकाश जैसे कई जहाज पहले ही सुरक्षित निकल चुके हैं.

इन जहाजों ने हजारों टन एलपीजी और क्रूड ऑयल भारत पहुंचाया है. युद्ध के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति बाधित नहीं हुई है, जो भारतीय कूटनीति और ईरान के साथ अच्छे संबंधों का नतीजा माना जा रहा है. डॉ. इलाही ने युद्ध को बहुत बड़ी गलती करार दिया. उन्होंने कहा कि ईरान शांति चाहता है और भारत जैसे देशों की मदद से इस संकट का हल निकाला जा सकता है. ईरान ने भारत को हार्मुज से सुरक्षित गुजरने की गारंटी भी दी है, जो दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को दर्शाता है.

युद्ध अब छठे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और क्षेत्रीय तनाव बढ़ रहा है. वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हो रहा है, लेकिन भारतीय जहाजों का सुरक्षित आवागमन ऊर्जा सुरक्षा के लिए सकारात्मक संकेत है. भारत सरकार ने अब तक किसी भी पक्ष को सीधे दोष नहीं दिया, बल्कि शांति वार्ता और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है.

About the Author

authorimg

संतोष कुमार

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img