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Indian-origin Sikh awarded British Empire Award | भारतीय मूल के सिख को मिला ब्रिटिश एम्पायर अवॉर्ड: BBC, Sky News में काम किया, ब्रिटिश आर्मी में रिजर्व ऑफिसर हैं, जानें प्रोफाइल

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2 मिनट पहले

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भारतीय मूल के ब्रिटिश सिख जय सिंह सोहल को ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर यानी ओबीई सम्मान मिला। ब्रिटेन के राजकुमारों ऐन ने जेम्स पैलेस में उन्हें यह सम्मान दिया।

प्रथम विश्व युद्ध में शहीद सिख सैनिकों की याद में पहला स्मारक बनाया गया और उन्हें बंदूक ओबीई के लिए सम्मान दिया गया। साल 2015 में ये स्मारक स्मारक शहीद हुआ था।

जय सिंह सोहल का मूल संबंध पंजाब के जालंधर से है। उनके दादा-दादी 1960 में भारत को ब्रिटेन से छुड़ाने आये थे। उसके बाद कहीं रहना पड़ा। वहीं, नाना-नानी कपूरथला से थे।

बर्मिंघम में साउदी सोहल ने लंदन की ब्रुनेल यूनिवर्सिटी से पॉलिटिक्स एंड सोशल एजुकेशन में ग्रेजुएशन में काम किया। इसके बाद पत्रकारिता से इतिहास की शुरुआत हुई। इनके पिता सोशल मीडिया थे और बर्मिंघम में ही काम करते थे।

प्रिंसेस ऐन जय (जगजीत) सिंह सोहल को सलाह देते हुए।

प्रिंसेस ऐन जय (जगजीत) सिंह सोहल को सलाह देते हुए।

साल 2006 में मैथ्यू आईटीवी से जुड़े और करीब 4 साल तक अपनी बिजनेस दी। इसके साल बाद 5 साल बाद निर्देशित स्काई न्यूज में काम किया।

कुछ साल जय सिंह सोहल ने पॉलिटिकल कंसल्टेंट के रूप में भी काम किया। कई राजनीतिक पार्टियों की सलाह पर काम किया गया है।

मैसाचुसेट्स सारागढ़ी के युद्ध पर एक वृत्तचित्र ‘सारागढ़ी: द ट्रू स्टोरी’ भी बनाई गई है। इसमें ब्रिटिश भारतीय सिख सैनिकों की बहादुरी दिखाई दी है।

जय सिंह ब्रिटिश सेना में रिजर्व ऑफिसर भी हैं। ये 2009 में स्टॉरब्रिज में 55 प्लांट्स शामिल थे। ये ISIS के खिलाफ कई ऑपरेशन में भी काम कर चुके हैं।

वॉलंटियर रिजर्व सर्विस मेडल मीटिंग पर सेना का साहस दिखाते हुए मीडिया ने ये फोटो सोशल पर शेयर की थी।

वॉलंटियर रिजर्व सर्विस मेडल मीटिंग पर सेना का साहस दिखाते हुए मीडिया ने ये फोटो सोशल पर शेयर की थी।

इसके अलावा, 2020 में कोविड के दौरान सेना की ओर से वॉलंटियर के रूप में भी काम किया गया है। सोहल को वीआरएसएम यानी वॉलंटियर रिजर्व सर्विस मेडल भी मिल गया है।

मीटिंग के बाद सोहल ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘ये डॉक्यूमेंट्स बेहद सम्मानजनक महसूस हो रहा है। अपने देश की सेवा करने पर मुझे गर्व है! मेरे परिवार और दोस्तों का ‘मुश्किल समय’ मेरा साथ दिया।’

23 साल पार्टी के समर्थक रहे, पीसीसी का चुनावा भी लड़ा

सोहल ने राजनीति में भी हाथ आजमाया है। 23 साल तक कंजर्वेटिव पार्टी के लिए जूनियर थर्ड आर्टिस्ट के रूप में यूनिवर्सिटी में इंजीनियर का काम किया। ये 2019-21 में वेस्ट मिडलैंड्स पीसीसी यानी पुलिस और क्राइम कमिश्नर के उम्मीदवार भी रह रहे हैं। वे कंजर्वेटिव पार्टी के संसदीय उम्मीदवार (संभावित संसदीय उम्मीदवार) भी रह रहे हैं।

शहीद सिख सैनिकों की याद में शहीद स्मारक

जय सिंह सोहल ने नवंबर 2015 में ब्रिटेन के नेशनल मेमोरियल आर्बोर्टम, अलरेवास, स्टैफोर्डशायर में WW1 सिख मेमोरियल में भाग लिया था। यह स्मारक उन सिख सैनिकों के बलिदान की याद में था, जो फर्स्ट वर्ल्ड वॉक में ब्रिटिश-इंडियन आर्मी के लिए लड़ाई थे। ये स्मारक करीब 150 स्मारकों में बना है जहां 400 से भी ज्यादा स्मारक मौजूद हैं।

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