भुवनेश्वर4 मिनट पहले
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ओडिशा के तट से सुबह करीब 11:30 बजे मिसाइल का परीक्षण किया गया।
भारत ने बुधवार को स्वेदशी रुद्रम-II एयर-टू-बेस मिसाइल का सफल परीक्षण किया। ओडिशा के तट से सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान लॉन्च किया गया। डीआरडीओ ने 350 किलोमीटर की स्ट्राइक रेंज वाली यह मिसाइल नई पीढ़ी की एंटी-रेडिएशन मिसाइल बनाई है, जो जमीन पर दुश्मनों के निगरानी, संचार, रडार और कमांड और नियंत्रण केंद्रों को नष्ट कर सकती है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ, भारतीय वायु सेना और उद्योग साझेदारों को रुद्रम-II के सफल परीक्षण पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस सफल परीक्षण से भारतीय सुरक्षाबलों में रुद्रम-II प्रणाली की भूमिका शक्ति बढ़ाने वाली मिसाइल के तौर पर तय की गई है।

इससे पहले अक्टूबर 2020 में रुद्रम-I मिसाइल का अंतिम परीक्षण किया गया था। इस मिसाइल की रेंज 150 किमी थी और इसमें INS-GPS नेविगेशन सिस्टम लगा था। ये मिसाइलें लंबी दूरी से दुश्मनों के एयर डिफेंस को सहारा देने के लिए बनाई गई हैं। उनकी मदद से भारतीय वायुसेना बिना किसी बाधा के बम बरसाने के मिशन को पूरा कर सकती है। 550 किमी रेंज वाली रुद्रम-III भी तैयार है।
इस मिसाइल को भारतीय परंपरा को कायम रखते हुए संस्कृत शब्द रुद्रम दिया गया, क्योंकि इसमें ARM (एंटी-रेडिएशन मिसाइल) भी शामिल है। इस शब्द के कई अर्थ हैं। ये एक अर्थ दुखों को दूर करने वाला है। सही मायनों में रुद्रम मिसाइल हवाई युद्ध में दुखी करने वाले शत्रुओं के रडार को उड़ाकर उनके नाम को सही साबित किया जा सकता है।
